मुंबई पुलिस ने बॉलीवुड फिल्म निर्देशक शकील नूरानी को यौन उत्पीड़न, दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के मामले में गिरफ्तार किया है। 73 वर्षीय नूरानी पर 33 साल की एक्ट्रेस ने गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। अभिनेत्री के मुताबिक, उत्पीड़न की शुरुआत वर्ष 2016 में हुई थी।
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने जाँच शुरू की और करीब 40 दिनों तक फरार रहे नूरानी को आखिरकार महाराष्ट्र के सतारा जिले के मेधा इलाके में स्थित एक फार्महाउस से पकड़ लिया। कोर्ट ने उन्हें 12 अगस्त 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
अवॉर्ड फंक्शन में हुई मुलाकात, स्क्रिप्ट के बहाने घर बुलाकर किया उत्पीड़न
मुंबई पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, अभिनेत्री की शकील नूरानी से पहली मुलाकात 2016 में लोखंडवाला में आयोजित एक अवॉर्ड समारोह के दौरान हुई थी। इस दौरान नूरानी ने अपनी आने वाली फिल्म में काम को लेकर उनसे बातचीत की और प्रोजेक्ट के संबंध में संपर्क करने के लिए कहा।
इसके बाद अभिनेत्री स्क्रिप्ट पढ़ने के सिलसिले में नूरानी के मालवानी स्थित घर पहुँचीं। FIR में अभिनेत्री ने आरोप लगाया है कि वहाँ नूरानी ने उन्हें पीने के लिए सॉफ्ट ड्रिंक दी, जिसे पीने के बाद वह बेहोश हो गईं।
अभिनेत्री का दावा है कि जब उन्हें होश आया तो नूरानी ने अपने मोबाइल फोन पर उनका एक आपत्तिजनक वीडियो दिखाया और पुलिस या परिवार को घटना की जानकारी देने पर वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी दी। शिकायत के मुताबिक, इसी वीडियो को आधार बनाकर उन्हें लगातार डराया-धमकाया गया।
वीडियो वायरल करने की धमकी देकर किया यौन शोषण, कई बार दी गर्भनिरोधक गोलियाँ
अभिनेत्री ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि नूरानी ने वीडियो के जरिए उन्हें ब्लैकमेल किया और इसके बाद कई बार उनका यौन उत्पीड़न किया। उन्होंने दावा किया कि यह सिलसिला चार सालों तक चलता रहा। अभिनेत्री के अनुसार, यौन संबंध बनाने के बाद नूरानी उन्हें बार-बार गर्भनिरोधक गोलियाँ भी देते थे।
शिकायत मिलने के बाद मालवानी पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू की। पुलिस की कार्रवाई शुरू होने के बाद नूरानी करीब 40 दिनों तक फरार रहे। जाँच के दौरान पुलिस ने अंधेरी के लोखंडवाला इलाके में स्थित उनके बेटे के घर पर भी तलाशी ली, लेकिन वहाँ उनका पता नहीं चल सका।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, तकनीकी सर्विलांस और अन्य जानकारी की मदद से नूरानी की लोकेशन सतारा जिले के मेधा इलाके में मिली। इसके बाद मालवानी पुलिस की टीम ने स्थानीय मेधा पुलिस की सहायता से वहाँ मौजूद एक फार्महाउस से उन्हें हिरासत में लिया और मुंबई ले आई।
कोर्ट ने 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेजा
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने शकील नूरानी को बोरीवली हॉलीडे कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने मामले की जाँच के लिए उन्हें 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। डीसीपी जोन-2 संदीप घुगे ने कहा कि पुलिस मामले से जुड़ी जानकारी जुटा रही है और जाँच जारी है।
वहीं नूरानी के वकील विकास सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनके मुवक्किल को झूठा फँसाया गया है। उन्होंने कहा कि मामला कोर्ट के समक्ष है, इसलिए वह इस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते। शकील नूरानी का नाम 1990 के दशक के बॉलीवुड निर्देशकों में रहा है।
उन्होंने 1991 में ‘विष्णु देवा’, 1993 में ‘श्रीमान आशिक’, 1999 में ‘बड़े दिलवाला’ और 2000 में गोविंदा व ट्विंकल खन्ना अभिनीत ‘जोरू का गुलाम’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया था। नूरानी का अभिनेता संजय दत्त के साथ भी एक फिल्म को लेकर विवाद सामने आ चुका है।
इसी विवाद से जुड़े धमकी के मामले में मुंबई की एक अदालत ने संजय दत्त के खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया था। फिलहाल शकील नूरानी पुलिस कस्टडी में हैं और अभिनेत्री की शिकायत में लगाए गए आरोपों की जाँच मुंबई पुलिस कर रही है। मामले में लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि जाँच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

