‘सपा सरकार में यूपी से बाहर करना पड़ा था निवेश कार्यक्रम’: अमित शाह बोले- कट्टे-बम की जगह अब डिफेंस कॉरिडोर की बात होती है, नोएडा में UP इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में निवेश और उद्योग के बदलते माहौल को लेकर पूर्ववर्ती सपा-बसपा सरकारों पर जमकर निशाना साधा। शुक्रवार (25 सितंबर, 2026) को ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) के चौथे संस्करण का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि एक दौर ऐसा भी था जब प्रदेश की कानून-व्यवस्था इतनी बिगड़ी हुई थी कि सरकार को निवेश कार्यक्रम यूपी से बाहर ले जाने पर मजबूर होना पड़ा। आज हालात बिल्कुल उलट हैं और वही उत्तर प्रदेश निवेशकों के लिए एक बड़े ठिकाने के रूप में उभर रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा कि जमीन तो प्रदेश के पास पहले भी थी, 24 करोड़ से ज्यादा की आबादी और मेहनती कारीगर भी मौजूद थे। बस कमी थी तो एक ऐसे माहौल की जो उद्योगों के लिए मुफीद हो।

उन्होंने बताया कि 2017 में भाजपा की सरकार बनने और योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद कानून-व्यवस्था दुरुस्त करने पर काम शुरू हुआ, माफियाओं पर सख्ती बरती गई, और धीरे-धीरे निवेशकों का भरोसा यूपी की ओर लौटने लगा।

शाह ने कहा कि यह बदलाव कितना बड़ा है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जो प्रदेश कभी निवेशकों के लिए सिरदर्द माना जाता था, वही आज एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का सपना देख रहा है।

‘कट्टा-बम की इंडस्ट्री’ से डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग तक का सफर

अपने भाषण में अमित शाह ने पुरानी सरकारों के दौर की कानून-व्यवस्था पर भी करारा तंज कसा। उनका कहना था कि सपा-बसपा के राज में प्रदेश में अपराध की मानो एक पूरी इंडस्ट्री ही चलती थी, कट्टा-बम बनाना, वाहन चोरी, चेन स्नैचिंग ये सब आम बात थी।

लेकिन आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि जहाँ पहले अवैध हथियार बनते थे, वहाँ अब रक्षा उत्पाद तैयार हो रहे हैं। वाहन चोरी की जगह वाहन मैन्युफैक्चरिंग ने ले ली है, और जो इलाके कभी अपराध के लिए बदनाम थे, वहां अब मेडिकल डिवाइस जैसे नए-नए उद्योग खड़े हो रहे हैं।

उन्होंने यूपी के इस बदलाव को चार चरणों में समझाया, पहले दुनिया ने प्रदेश को बदलते हुए देखा, फिर लोगों के मन में यहाँ आने की इच्छा जगी, उसके बाद निवेशकों ने यहां का रुख किया और अब वे यूपी के विकास में सीधे भागीदार बनते जा रहे हैं।

डिफेंस कॉरिडोर से लेकर ODOP तक की चर्चा

अमित शाह ने उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और कानपुर, इन छह जगहों पर बने नोड अब रक्षा उत्पादन के नए केंद्रों के तौर पर विकसित हो रहे हैं। शाह ने कहा कि योगी सरकार ने इसके लिए नीतियां बनाने से लेकर जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने तक, हर मोर्चे पर काम किया है।

देश के बढ़ते रक्षा उत्पादन का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि भारत का डिफेंस प्रोडक्शन अब करीब ₹1.78 लाख करोड़ को पार कर चुका है, और उत्तर प्रदेश भी इसमें अपनी हिस्सेदारी लगातार बढ़ा रहा है। अमेठी में बन रही AK-203 राइफल और ब्रह्मोस से जुड़े उत्पादन इसकी मिसाल हैं।

इसके अलावा उन्होंने एक्सप्रेसवे नेटवर्क और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना को भी यूपी की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम बताया। उनका कहना था कि प्रदेश के पारंपरिक उत्पाद अब सिर्फ स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि देशभर में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।

UPITS के चौथे संस्करण से रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद

अमित शाह ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में देश-दुनिया के तमाम कारोबारी जुटे हैं और यहाँ होने वाले समझौते आगे चलकर निवेश, उत्पादन और बिक्री बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्हें उम्मीद है कि UPITS का यह चौथा संस्करण अब तक के सारे रिकॉर्ड पीछे छोड़ देगा। उन्होंने बताया कि 2025 के संस्करण में पांच लाख से ज्यादा लोग पहुँचे थे और 2,400 से अधिक समझौते हुए थे। इस बार इससे भी बड़े नतीजों की उम्मीद जताई।

अमित शाह ने अंत में कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो मेक इन इंडिया की सोच को आगे बढ़ाने वाला एक मंच है। उनके शब्दों में, अब उत्तर प्रदेश सिर्फ एक बाजार भर नहीं रहा, बल्कि उत्पादन, डिजाइन, इनोवेशन और निवेश के एक बड़े केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।