UP में 470 खिलाड़ियों को पुलिस की नौकरी: CM योगी ने कहा – NDA मतलब ‘नौकरी देंगे अलायंस’, PDA यानी ‘प्रदेश डुबाओ अलायंस’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को नौकरियों के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। लोक भवन में कुशल खिलाड़ी कोटे से चुने गए 470 खिलाड़ियों को पुलिस विभाग में नियुक्ति पत्र सौंपने के बाद उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश डुबाओ अलायंस (PDA: Pradesh Dubao Alliance) था, अब एनडीए यानी नौकरी देंगे अलायंस (NDA: Naukri Denge Alliance) की सरकार है।

उनके मुताबिक पहले भर्तियों पर एक परिवार का कब्जा था और नौकरी के सिर्फ दो रास्ते थे, सैफई या सिफारिश। अब किसी की सिफारिश नहीं चलती, सिर्फ प्रतिभा और मेहनत चलती है। उन्होंने यह भी कहा कि कभी यूपी की पहचान मर्डर से होती थी, आज यही प्रदेश खिलाड़ियों के मेडल से जाना जा रहा है।

470 खिलाड़ियों को नौकरी

नियुक्ति पाने वालों में 43 उपनिरीक्षक (सिविल पुलिस), 295 आरक्षी (सिविल पुलिस) और 132 आरक्षी (पीएसी) हैं। इनमें से 15 खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से पत्र दिए। इनमें कुशीनगर की बॉक्सर आइस प्रजापति, मेरठ के निशानेबाज शार्दुल विहान, लखनऊ के हॉकी खिलाड़ी आमिर अली और मुरादाबाद के निशानेबाज मोहित पाल थे।

आइस प्रजापति ने नेशनल गेम्स 2024 में स्वर्ण जीता था। शार्दुल विहान 2018 के एशियन गेम्स में रजत पदक विजेता रहे हैं। आमिर अली एशियन चैंपियनशिप 2024 और मोहित पाल नेशनल चैंपियनशिप 2025 में सोना जीत चुके हैं। चारों को उपनिरीक्षक बनाया गया है। बैडमिंटन खिलाड़ी हिमांशी तिवारी, कराटे खिलाड़ी प्रणय शर्मा और बॉक्सर अभिषेक यादव भी उपनिरीक्षक बने हैं।

तीरंदाज रागिनी मार्को, एथलीट तान्या चौधरी और वॉलीबॉल खिलाड़ी अनन्या राय को भी नियुक्ति पत्र मिले। बरेली की भारोत्तोलक सुहानी राजपूत और लखनऊ की साइक्लिस्ट तनु भारती आरक्षी बनी हैं। कबड्डी खिलाड़ी अमरेश, हॉकी खिलाड़ी प्रतिमा सरोज और बॉक्सर अभय सिंह राठौर भी इस सूची में हैं। सीएम योगी ने खिलाड़ियों से पूछा कि क्या भर्ती में किसी ने पैसे माँगे या सिफारिश करानी पड़ी? इस सवाल पर मिले जवाब के बाद उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को मिली यह नौकरी न सरकार की कृपा है, न उनकी मेहरबानी, बल्कि खिलाड़ियों के पसीने का नतीजा है।

योगी बोले- सपा का उपदेश पानी में बैठे मगरमच्छ की तरह

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले सपा सरकार ने प्रदेश में 10 लाख गुंडे पाल रखे थे, जो बेटियों की सुरक्षा के लिए खतरा थे, दंगे कराते थे और गरीबों की जमीनें हड़पते थे। इसके उलट उनकी सरकार ने 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है।

सपा के रोजगार की बात करने पर उन्होंने चुटकी ली कि ऐसा लगता है जैसे पानी में बैठा मगरमच्छ शांति का उपदेश दे रहा हो। उन्होंने कहा कि पहले खनन, भर्ती और रिवर फ्रंट घोटालों की चर्चा होती थी, जबकि आज प्रदेश को देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता है।

‘प्रमोशन टालने वाले को ही टाल देंगे‘

खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि नौकरी मिलना मंजिल नहीं, नई शुरुआत है। नियमित अभ्यास और अच्छे प्रदर्शन से तरक्की के मौके मिलेंगे। उन्होंने साफ कहा कि प्रमोशन को कोई टाल नहीं सकता और जो टालेगा, उसे ही टाल दिया जाएगा। उनका कहना था कि इनाम मंच से तारीफ करने से नहीं, पसीना बहाने और पदक जीतने से मिलेगा। उन्होंने खिलाड़ियों से खुलकर खेलने, नए रिकॉर्ड बनाने और नौकरी की चिंता न करने को कहा।

युवाओं को नसीहत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दो चीजों से बचना चाहिए, एक शराब और दूसरी सपा, क्योंकि दोनों ने प्रदेश का नुकसान किया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी नशे के खिलाफ अभियान के सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर बन सकते हैं, और उनका हाथ पोडियम पर होना चाहिए, पुड़िया पर नहीं।

हर खिलाड़ी को एक गाँव गोद देने का सुझाव

मुख्यमंत्री योगी ने डीजीपी को सुझाव दिया कि पुलिस में आए खिलाड़ियों को एक-एक गाँव गोद दिया जाए, जहाँ वे हफ्ते में कम से कम एक दिन खेल गतिविधियाँ कराएँ। जैसे मिशन शक्ति के तहत महिला बीट पुलिस अधिकारी गाँवों में जाती हैं, वैसी ही व्यवस्था खिलाड़ियों के लिए हो। उन्होंने कहा कि वर्दी में भी अनुशासन, टीमवर्क और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता बनी रहनी चाहिए।

सात पदक विजेता डिप्टी एसपी

मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 से पहले खिलाड़ियों की सीधी भर्ती का कोई नियम ही नहीं था। अब ओलंपिक, एशियन और कॉमनवेल्थ गेम्स के सात पदक विजेताओं को डिप्टी एसपी बनाया जा चुका है, जिनमें हॉकी खिलाड़ी ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल शामिल हैं। खिलाड़ियों को ₹200 करोड़ से ज्यादा की प्रोत्साहन राशि दी गई है। करीब एक हजार खिलाड़ियों को पहले नियुक्ति मिल चुकी है और 555 और की चयन प्रक्रिया चल रही है।

खेल ढाँचे पर सीएम योगी ने कहा कि भू-माफिया से 64000 हेक्टेयर जमीन मुक्त कराई गई है। गाँवों में खेल मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और बड़े स्टेडियम बन रहे हैं। हर मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज और अलग-अलग खेलों के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेंगे। उन्होंने खेलो इंडिया, फिट इंडिया, सांसद खेलकूद प्रतियोगिता और यूपी की ग्रामीण खेल लीग का भी जिक्र किया।

एक लाख नौकरियों का अभियान, अब तक 7142 को पत्र

सितंबर से चल रहे एक लाख सरकारी नौकरियों के महाअभियान में यह पाँचवाँ कार्यक्रम था। 19 सितंबर को अलग-अलग विभागों के 818 चयनित अभ्यर्थियों, 20 सितंबर को 912 पुलिसकर्मियों, 22 सितंबर को 3567 शिक्षकों और प्रधानाचार्यों और 28 सितंबर को 1375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र मिले थे। इन चार कार्यक्रमों में 6672 युवा नियुक्त हुए। आज के 470 खिलाड़ियों को जोड़कर अब तक कुल 7142 युवाओं को नियुक्ति पत्र मिल चुके हैं।

कार्यक्रम में खिलाड़ियों के संघर्ष पर एक लघु फिल्म भी दिखाई गई। इसमें भदोही के छेछुआ गाँव की गुड़िया की कहानी थी, जिन्होंने 400 मीटर बाधा दौड़ में राष्ट्रीय पदक जीता है। नियुक्ति पाने वाले खिलाड़ियों ने खाकी पहनकर जनसेवा का संकल्प लिया।