Homeदेश-समाजमुंबई से नमाज पढ़ने निकला था 'डॉ. बम', कानपुर की मस्जिद से निकलते धराया

मुंबई से नमाज पढ़ने निकला था ‘डॉ. बम’, कानपुर की मस्जिद से निकलते धराया

जलीस अंसारी को बम बनाने में महारत हासिल है। इसके कारण उसे डॉ. बम भी कहते हैं। वह सिमी और इंडियन मुजाहिदीन जैसे आतंकवादी संगठनों से जुड़ा था और उन्हें बम बनाना सिखाता था।

मुंबई से गुरुवार (जनवरी 16, 2020) को लापता हुआ आतंकी जलीस अंसारी शुक्रवार को कानपुर में पकड़ा गया। इसकी जानकारी उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने दी। उन्होंने कहा कि जलीस अंसारी को कानपुर की एक मस्जिद से बाहर निकलते वक्त गिरफ्तार किया गया। उसे लखनऊ लाया जा रहा है। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है।

अंसारी 90 के शुरूआती दशक से अब तक 50 से ज्यादा जगहों पर बम धमाका कर चुका है। फिलहाल वह 1993 में मुंबई में हुए सीरियल ब्लास्ट मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। उसे अजमेर जेल से 21 दिन के
परोल पर छोड़ा गया था। शुक्रवार (जनवरी 17, 2020) को यानी आज उसकी परोल अवधि खत्म हो रही थी और उसे अजमेर जेल पहुँचना था। पेरोल मिलने के बाद वह मुंबई स्थित अपने परिवार से मिलने आया हुआ था।

गुरुवार को उसके बेटे जैद ने पिता के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि जलीस अंसारी तड़के उठा और घरवालों से नमाज पढ़ने की बात कहकर निकला। लेकिन वापस नहीं लौटा।

गौरतलब है कि अंसारी अग्रीपाडा थाने के अंतर्गत मोमिनपुर का रहने वाला है। वह देश के विभिन्न हिस्सों में हुए कई धमाकों में भी सदिंग्ध है। उसे बम बनाने में महारत हासिल है। इसके कारण उसे डॉ. बम भी कहते हैं। वह सिमी और इंडियन मुजाहिदीन जैसे आतंकवादी संगठनों से जुड़ा था और उन्हें बम बनाना सिखाता था। यही कारण है कि उसके गायब होने की जानकारी मिलते ही महाराष्ट्र एटीएस, मुंबई क्राइम ब्रांच समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियाँ अलर्ट हो गई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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