Homeदेश-समाज50 लोगों को जमा कर छत पर पढ़वा रहा था जुमे की नमाज, UP...

50 लोगों को जमा कर छत पर पढ़वा रहा था जुमे की नमाज, UP पुलिस ने सगे भाइयों दीन और आस को किया गिरफ्तार

दीन मोहम्मद और आस मोहम्मद ने जुमे की नमाज के लिए लोगों को अपनी छत पर इकट्ठा किया था। इसके लिए गाँव वालों ने मना भी किया था। लेकिन दोनों भाइयों ने गाँव वालों के साथ बहस की, जिसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।

कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए देश भर में जारी लॉकडाउन के कारण सभी धर्मस्थलों को बंद कर दिया गया है। किसी को भी धार्मिक आयोजन करने की अनुमति नहीं है। मुस्लिम समुदाय से भी जुमे की नमाज घर पर ही पढ़ने के लिए कहा गया है। मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी इसे लेकर ऐलान किया था। हालाँकि कुछ जगहों पर इसका पालन भी हुआ, लेकिन कुछ लोगों ने गुपचुप तरीके से सामूहिक नमाज भी पढ़ी।

ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के परतापुर क्षेत्र के डूंगरावली में देखने को मिला, जहाँ दो भाइयों ने अपने घर की छत पर 50 लोगों को सामूहिक नमाज पढ़वाई। इसकी सूचना गाँव वालों ने पुलिस को दी। पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है।

जागरण के मेरठ संस्करण में प्रकाशित खबर

बता दें कि गाँव के दो सगे भाइयों दीन मोहम्मद और आस मोहम्मद ने जुमे की नमाज के लिए लोगों को अपनी छत पर इकट्ठा किया था। थाना प्रभारी आनंद प्रकाश मिश्रा के मुताबिक इसके लिए गाँव वालों ने मना भी किया था। इस पर दोनों भाइयों की गाँव वालों के साथ बहस हो गई और फिर ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। 

सूचना पर पहुँची पुलिस को देखकर नमाज पढ़ रहे लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। कई लोग छत से लटककर कूद गए। पुलिस ने दोनों भाई दीन और आस मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए दोनों भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

गौरतलब है कि मेरठ में बुधवार (मार्च 25, 2020) को भी 200 लोगों को नमाज पढ़ा रहे मौलाना के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। डाबका गाँव में बुधवार को मौलाना एक साथ दो सौ लोगों को नमाज पढ़ा रहे थे। बुधवार को गाँव के मस्जिद में करीब 200 लोग नमाज पढ़ने के लिए पहुंँच गए। कुछ क्षेत्रवासियों ग्रामीणों और बुजुर्गो ने इसका विरोध भी किया, लेकिन लोग नहीं माने। जिसके बाद गाँव के ही कुछ लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दे दी। मौके पर पहुँचे इंस्पेक्टर ने मौलाना सलीम, सुलेमान और मोहम्मद शहजाद को गिरफ्तार कर लिया।

इसके अलावा पुलिस ने हरदोई पाली कस्बे के काजीसराय उत्तरी मोहल्ले की मस्जिद में सामूहिक नमाज पढ़ने पर पुलिस ने 20 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। वहीं भावनपुर स्थित जामा मस्जिद में मौलाना जियाउल हक ने नमाज अदा करवाई। जिसके बाद पुलिस ने मौलना के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया। इसके साथ ही मुजफ्फरनगर के पुरकाजी व सिसौली की मस्जिदों में सामूहिक नमाज अदा करने के आरोप में मौलाना समेत 36 लोगों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। 

रामपुर के टांडा नगर में नमाज अदा करने के लिए एकत्रित हुए लोगों का पुलिस ने पाँच-पाँच सौ का चालान काटा। इधर अमरोहा के हसनपुर में मस्जिद में सामूहिक नमाज पढ़ने के मामले में पुलिस ने इमाम समेत 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं बदायूँ की मस्जिद में शुक्रवार को सामूहिक नमाज अदा करने को लेकर 16 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई और साथ ही मस्जिद के इमाम दीदार शाह को हिरासत में लिया गया, क्योंकि इमाम ने ही मस्जिद खोलकर नमाज अदा करवाई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कॉकरोच जनता पार्टी: ‘क्रांति’ की रील और लोकतंत्र की रियलिटी

कॉकरोच जनता पार्टी, जेपी-अन्ना हजारे आंदोलन और भारतीय लोकतंत्र के संदर्भ में समझिए कि केवल असंतोष ही पर्याप्त क्यों नहीं होता। भारतीय मतदाता क्या देखते हैं?

अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में लगे खालिस्तानी नारे, आतंकी भिंडरावाले को सेना ने इसी दिन 42 साल पहले किया था ढेर: जानें कट्टरपंथी क्यों...

श्री अकाल तख्त साहिब के पास बड़ी संख्या में कट्टरपंथी और समर्थक इकट्ठा हुए, जिन्होंने खालिस्तानी संगठनों और भिंडरावाले के पोस्टर लहराए।
- विज्ञापन -