Homeराजनीतिगाँधी परिवार कॉन्ग्रेसियों से जो भी बलिदान माँगेगा हम देंगे, जो समर्थन नहीं करते...

गाँधी परिवार कॉन्ग्रेसियों से जो भी बलिदान माँगेगा हम देंगे, जो समर्थन नहीं करते वो पार्टी में क्यों हैं: दिग्विजय सिंह

“कॉन्ग्रेस लीडरशिप को पार्टी संगठन को जोड़ने की चुनौती उठानी चाहिए। यही हमें राहुल जी और प्रियंका जी के करिश्माई नेतृत्व की जरूरत है। मुझे यकीन है कि इन दोनों में मोदी-शाह की जोड़ी का मुकाबला करने की हिम्मत है।”

वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने शनिवार (जुलाई 10, 2020) को कहा कि राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी के ‘करिश्माई’ नेतृत्व के तहत कॉन्ग्रेस के नेतृत्व को पार्टी संगठन की ईंट से ईंट जोड़कर बनाने की चुनौती उठानी चाहिए। दिग्विजय सिंह ने कहा कि इन दोनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की अजेय जोड़ी पर बढ़त बनाने की हिम्मत है।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने केंद्र में मोदी सरकार और यूपी में योगी सरकार के खिलाफ आक्रामक तरीके से आवाज उठाने को लेकर राहुल और प्रियंका गाँधी का पुरजोर समर्थन करते हुए ट्वीट की एक श्रृंखला में कहा –

“कॉन्ग्रेस लीडरशिप को पार्टी संगठन को जोड़ने की चुनौती उठानी चाहिए। यही हमें राहुल जी और प्रियंका जी के करिश्माई नेतृत्व की जरूरत है। मुझे यकीन है कि इन दोनों में मोदी-शाह की जोड़ी का मुकाबला करने की हिम्मत है।”

उन्होंने केंद्र सरकार को घेरने के लिए कई मुद्दों पर राहुल और प्रियंका द्वारा उठाए गए आक्रामक रुख की सराहना की।

दिग्विजय सिंह ने अगले ट्वीट में लिखा, “मैं व्यक्तिगत रूप से राहुल और प्रियंका गाँधी के उस आक्रामक रुख का समर्थन करता हूँ, जिसमें वो राष्ट्रीय और उत्तर प्रदेश के हित के मुद्दों पर उठा रहे हैं। अगर कॉन्ग्रेस में कुछ नेता इसकी सराहना नहीं कर सकते तो वे कॉन्ग्रेस में क्यों हैं?”

उन्होंने पार्टी के कुछ विद्रोहियों को भी निशाने पर लिया, जो पिछले कुछ महीनों से पलटवार कर रहे हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा, “कॉन्ग्रेस पार्टी में कोई भी उनका विरोधी नहीं है। यह धारणा आप लोगों में से अधिक मीडिया में है। कॉन्ग्रेस में कौन लोग हैं, जो मोदी पर नरम रुख अपनाना चाहते हैं, उनके मन में पार्टी के साथ या अगर उनके पास हिम्मत है तो वे सार्वजनिक रूप से बोलने की हिम्मत रखें।”

नेहरू-गाँधी परिवार के बचाव में दिग्विजय सिंह ने कहा – “मोदी-शाह एक गलत धारणा में हैं कि वे ईडी/आईटी/सीबीआई की धमकियों से नेहरू-गाँधी परिवार को धोखा दे सकते हैं। उनके पूरे परिवार ने अंग्रेजों से निर्भय होकर जेल में वर्षों बिताए हैं और बहुत बहादुर हैं। इसलिए किसी भी भ्रम में मत रहिए मोदी-शाह जी।”

राहुल गाँधी और प्रियंका की समर्थन में दिग्विजय ने कहा – “यह मामले की जड़ है और सोनिया जी, राहुल जी और प्रियंका जी के सामने यह चुनौती है। मुझे यकीन है कि वे ऐसा करेंगे। पूरी कॉन्ग्रेस पार्टी, जवान-बूढ़े, हर कोई आपके पीछे खड़ा है और आप जो भी बलिदान माँगें ,वो करने के लिए तैयार हैं। तो राहुल जी प्लीज नेतृत्व करें।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -