Homeदेश-समाजकॉन्ग्रेस समर्थक ने राम मंदिर भूमि पूजन पर रोक लगाने के लिए इलाहाबाद HC...

कॉन्ग्रेस समर्थक ने राम मंदिर भूमि पूजन पर रोक लगाने के लिए इलाहाबाद HC में दायर की PIL

याचिका में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश सरकार केंद्र के दिशानिर्देशों के अनुसार आयोजन की अनुमति नहीं दे सकती है। ट्विटर पर साकेत गोखले ने लिखा है कि राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट और केंद्र सरकार, दोनों ही इस मुद्दे पर साथ हैं। इसके अलावा, गोखले ने गृह मंत्रालय पर एक आरटीआई भी दायर की है।

अयोध्या राम मंदिर निर्माण हेतु ‘भूमि पूजन‘ के लिए पीएम मोदी के अयोध्या दौरे पर जारी बहस और राजनीति के बीच, दिल्ली के वकील और कॉन्ग्रेस पार्टी समर्थक साकेत गोखले ने बुधवार (जुलाई 22, 2020) को कोरोना वायरस के दौरान ‘अनलॉक 2.0’ दिशानिर्देशों के मद्देनजर राम मंदिर भूमि पूजन के इस आयोजन पर रोक लगाने की याचिका (PIL) दायर की है।

कॉन्ग्रेस समर्थक साकेत गोखले द्वारा दायर इस PIL में कहा गया है कि अनुमान के अनुसार दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए 300 लोग घटना में शामिल होंगे। यदि याचिका स्वीकार की जाती है, तो मुख्य न्यायाधीश द्वारा तय की गई एक पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी।

गौरतलब है कि साकेत गोखले सोशल मीडिया पर मोदी सरकार और इसके कामकाज को लेकर फेक और भ्रामक खबरें फैलाने के लिए जाने जाते हैं।

भूमि पूजन पर रोक की माँग को लेकर इलाहाबाद HC में PIL दायर

याचिका में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश सरकार केंद्र के दिशानिर्देशों के अनुसार आयोजन की अनुमति नहीं दे सकती है। ट्विटर पर साकेत गोखले ने लिखा है कि राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट और केंद्र सरकार, दोनों ही इस मुद्दे पर साथ हैं। इसके अलावा, गोखले ने गृह मंत्रालय पर एक आरटीआई भी दायर की है, जिसमें पूछा गया है कि क्या इसके लिए किसी अन्य आधार पर छूट दी गई थी?

प्रधानमंत्री मोदी शामिल होंगे भूमि पूजन में

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अगस्त को अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर की आधारशिला रखेंगे। राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र में 150 मेहमानों को आमंत्रित किया गया है – जिनमें शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, और गृह मंत्री अमित शाह शामिल हैं।

इस दौरान सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) के मानदंडों का पालन किया जाएगा। ट्रस्ट ने अनुमान लगाया है कि मंदिर का निर्माण 3-3.5 वर्षों में पूरा किया जाएगा, यानी वर्ष 2023 तक यह सम्पन्न हो जाएगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

झाँसी में NSUI नेता पर हत्या का केस, घर में फंदे से लटकी मिली पत्नी: याद आई नैना साहनी, दिल्ली में कॉन्ग्रेस नेता ने...

झाँसी में NSUI नेता भरत व्यास पर दहेज हत्या का मामला दर्ज हुआ है। उनकी पत्नी की लाश फंदे से लटकी मिली है। घटना ने कॉन्ग्रेस युवा नेता से जुड़े दिल्ली के नैना हत्याकांड की याद दिला दी।

ममता से ज्यादा अभिषेक बनर्जी से क्यों नाराज है बंगाल? सत्ता, घोटालों और अहंकार की राजनीति ने कैसे बनाया जनता के गुस्से का सबसे...

बंगाल में TMC की करारी हार के बाद जनता का सबसे बड़ा निशाना ममता बनर्जी के भतीजे और राजनीतिक उत्तराधिकारी माने जाने वाले अभिषेक बनर्जी बने हैं।
- विज्ञापन -