Homeदेश-समाजबलरामपुर: मोहम्मद रजा के घर भीषण ब्लास्ट, बच्चे की मौत; आसपास के कई घर...

बलरामपुर: मोहम्मद रजा के घर भीषण ब्लास्ट, बच्चे की मौत; आसपास के कई घर तबाह

पड़ोसियों का कहना है कि इस धमाके से तकरीबन एक दर्जन घरों के शीशे टूट गए, और आसपास के घरों की छतों व दीवारों में दरार आ गई है। धुएँ का गुबार करीब एक घंटे तक शहर के आसमान में नजर आया।

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में मोहम्मद रजा के घर में सोमवार (सितम्बर 07, 2020) जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना तीव्र था कि इसमें एक बच्चे की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। मोहम्मद रजा के पड़ोसी शहादत का भी घर इस धमाके से ढेर हो गया। साथ ही, आसपास के कई और मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए।

पुलिस के अनुसार, कोतवाली नगर स्थित मोहल्ला गदुराहवा में मोहम्मद रजा का घर है, जहाँ मोहम्मद रजा के भाई अकरम ने पटाखा बनाने का लाइसेंस ले रखा है। अकरम के पास पटाखों के भंडारण के लिए गोदाम है। लेकिन वह पटाखों को चोरी-छिपे घर में अवैध भंडारण कर रहा था।

पुलिस ने बताया की मौके पर छानबीन के दौरान बारूद की गंध महसूस हुई। छानबीन में पता चला कि सोमवार सुबह मोहम्मद रजा की पत्नी खाना बना रही थी। इसी समय अचानक गैस सिलेंडर में विस्फोट हुआ और उससे पटाखों में आग लग गई।

एसपी देवरंजन वर्मा के मुताबिक, यह विस्फोट बारूद की वजह से हुआ। मोहम्मद अकरम उर्फ बबलू के नाम से पटाखा बेचने का लाइसेंस है। खास बात यह है कि इस धमाके की गूँज करीब 4 किलोमीटर दूर तक हुई। इस मामले में जाँच की जा रही है।

इस धमाके में मोहम्मद रजा के भाँजे ननकने अली पुत्र शहादत अली की मौके पर मौत हो गई। जबकि उसकी पत्नी शुबरा (40) और उसकी बेटी रूबी (14) गंभीर रूप से घायल हो गई, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पड़ोसियों का कहना है कि इस धमाके से तकरीबन एक दर्जन घरों के शीशे टूट गए, और आसपास के घरों की छतों व दीवारों में दरार आ गई है। धुएँ का गुबार करीब एक घंटे तक शहर के आसमान में नजर आया। आरोपित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई और उसे जेल भेजा जा रहा है। पुलिस की जाँच अभी जारी है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘काफ़िर’ अब समंदर पार नहीं है.. कैसे 11वीं सदी का क्रूसेड बना नए पेंटागन की विचारधारा? डोनाल्ड ट्रंप और अमरीकी कल्चर वॉर

1095 में पोप अर्बन द्वितीय ने यरूशलम के लिए जिस धर्मयुद्ध का ऐलान किया था, आज डोनाल्ड ट्रंप के नए अमेरिका के पीछे वही विचार काम कर रहा है। ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और उनकी किताब 'The War on Warriors' से समझिए कि कैसे 1000 साल पुराना 'Deus Vult' का सिद्धांत आज अमरीकी राजनीति और कल्चर वॉर को चला रहा है।

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।
- विज्ञापन -