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Tuaktae के बाद अब Yaas चक्रवात का खतरा: PM मोदी ने की हाई लेवल मीटिंग, नेवी-आर्मी दोनों तैनात

Yaas चक्रवाती तूफान को देखते हुए इंडियन आर्मी ने टास्क फोर्स को ओडिशा और बंगाल में तैनात कर दिया है। नेवी ने भी राहत और बचाव की 8 टीमों और गोताखोरों की 4 टीमों को ओडिशा और पश्चिम बंगाल में तैनात किया है।

तौकते (Tauktae) तूफान के पश्चिम भारत में कहर मचाने के बाद अब पूर्वी भारत में “Yaas” चक्रवाती तूफान का खतरा मंडरा रहा है। इसके 26 मई 2021 को भारत के पूर्वी तट ओडिशा और सुंदरबन से टकराने की आशंका मौसम विभाग ने जताई है।

इस बीच चक्रवात “Yaas” की आहट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार (23 मई 2021) को हाई लेवल मीटिंग की। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रतिनिधियों, दूरसंचार, बिजली, नागरिक उड्डयन, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालयों के सचिव बैठक में शामिल रहे।

बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। इस बीच संभावित Yaas चक्रवाती तूफान को देखते हुए इंडियन आर्मी ने टास्क फोर्स को ओडिशा और बंगाल में तैनात कर दिया है। वहीं नेवी ने भी तूफान के खतरे से निपटने के लिए राहत और बचाव की 8 टीमों और गोताखोरों की 4 टीमों को ओडिशा और पश्चिम बंगाल में तैनात कर दिया है। इसके अलावा विशाखापत्तनम में आईएनएस डेगा, चेन्नई में आईएनएस रजाली को भी मोर्चे पर तैनात कर दिया गया है।

ओडिशा सरकार ने भी कसी कमर

नवीन पटनायक सरकार ने खतरे को देखते हुए ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स की 22 सदस्यीय टीम को तैनात कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में कम दवाब का क्षेत्र बन गया है, जिससे यह तूफान आ रहा है।

शुक्रवार, 21 मई 2021 को मौसम विभाग ने इस तूफान के बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की भविष्यवाणी की थी।

इस बीच एनडीआरएफ के डीजी सत्य प्रधान ने जानकारी दी है कि “Yaas” तूफान के मद्देनजर एनडीआरएफ की 18 टीमों को ओडिशा के बालासोर, भद्रक, केंद्रापाड़ा, जाजपुर, जगतसिंहपुर और मयूरभंज में तैनात किया गया है। इसके अलावा टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है।

आईएमडी भुवनेश्वर के उपनिदेशक ने “Yaas” तूफान को लेकर कहा कि बंगाल की पूर्व-मध्य खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। अगले 12 घंटों के दौरान इसके उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने की संभावना है। चक्रवाती तूफान 24 मई तक तेज होगा और 26 मई को उत्तर ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश तट पर पहुँचेगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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