Homeराजनीति'बंगाली और बिहारी में भेदभाव नहीं करती हूँ' कहकर जय श्री राम नारा लगाने...

‘बंगाली और बिहारी में भेदभाव नहीं करती हूँ’ कहकर जय श्री राम नारा लगाने वालों को ममता ने फिर किया गिरफ्तार

बाद में धरना स्थल पर पहुँची ममता बनर्जी ने कहा, "मैं बंगाली और बिहारी में भेदभाव नहीं करती हूँ, लेकिन कुछ लोग भाजपा से पैसे लेकर आज मुझ पर हमला कर रहे थे।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण में ना जाने के बाद ममता बनर्जी एकबार फिर ‘राम भक्तों‘ पर अपनी भड़ास निकालते हुए देखी गई हैं। कुछ दिनों पहले मेदनीपुर में ममता बनर्जी के काफिले के सामने जय श्री राम का नारा देने वाले लोगों पर न केवल ममता बनर्जी भड़की थी, बल्कि गाड़ी रोक कर गाली-गलौज देने का आरोप लगा दिया था। यही नहीं, बाद में उन्हें गिरफ्तार भी करवा दिया गया था।

इसी तरह का एक मामला कोलकाता के बैरकपुर इलाके से सामने आया है। बृहस्पतिवार शाम को ममता बनर्जी नैहाटी में आयोजित होने वाले धरना प्रदर्शन में भाग लेने जा रही थी। रास्ते में रिलायंस जूट मिल के सामने कुछ लोगों ने ममता बनर्जी के काफिले के सामने जय श्री राम का नारा लगाया।

ममता बनर्जी के काफिले के सामने लगे जय श्रीराम के नारे के बाद ममता दीदी भड़क उठी और उन्होंने नारा लगाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश पुलिस को दिया। बाद में धरना स्थल पर पहुँची ममता बनर्जी ने कहा, “मैं बंगाली और बिहारी में भेदभाव नहीं करती हूँ, लेकिन कुछ लोग भाजपा से पैसे लेकर आज मुझ पर हमला कर रहे थे।”

ममता बनर्जी ने भाजपा को चैलेंज करते हुए कहा, “बैरकपुर सीट से दिनेश त्रिवेदी महज कुछ वोटों से हारे हैं, और मैं भाजपा को चैलेंज देती हूँ कि अगर मैं जिंदा रही, तो आने वाले विधानसभा चुनाव में वह यहाँ से एक भी सीट नहीं जीत पाएँगे।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -