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पैरालंपिक्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला, शूटर अवनि लखेरा ने रचा इतिहास: डिस्कस थ्रो में योगेश को चाँदी

नई दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज से बीकॉम कर चुके 24 वर्षीय योगेश कथुनिया स्वर्ण पदक से तो चूक गए, लेकिन उन्होंने अपने छठे प्रयास में 44.38 मीटर डिस्कस फेंक कर दूसरा स्थान हासिल किया।

जापान की राजधानी टोक्यो में चल रहे पैरालंपिक्स में स्वर्ण पदक जीत कर शूटर अवनि लखेरा ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने महिलाओं के 10 मीटर एयर राइफल ‘स्टैन्डींग SH1’ ईवेंट में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस पैरालंपिक्स में ये भारत का पहला गोल्ड मेडल है। वहीं ‘डिस्कस थ्रो’ के ‘F56 कैटेगरी’ में भारत के योगेश कथुनिया ने रजत पदक अपने नाम किया। योगेश ने 44.38 मीटर के थ्रो के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया।

वहीं 19 वर्षीय अवनी लखेरा ने फाइनल मैच में 249.6 के स्कोर के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उन्होंने वर्ल्ड रेकॉर्ड की भी बराबरी की। वहीं क्वालिफ़िकेशन राउन्ड में वो 621.7 के स्कोर के साथ सातवें स्थान पर रही थीं। फाइलन के लिए उनकी शुरुआत धीमी हुई थी, लेकिन फिर उनका प्रदर्शन बेहतर होता चल गया। अवनी लखेरा राजस्थान की राजधानी जयपुर की रहने वाली हैं और वहाँ के JDA शूटिंग रेंज में उनका प्रशिक्षण हुआ है। पैरालंपिक्स में गोल्ड जीतने वाली वो पहली भारतीय महिला हैं।

2012 में एक दुर्घटना के कारण उन्हें पक्षाघात का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उन्हें व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें बधाई दी है। उन्होंने अवनि लखेरा से फोन पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भारतीय खेल के लिए ये सचमुच एक विशेष क्षण है। इंडिविजुअल गेम में भारत के लिए पहला ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाले शूटर अभिनव बिंद्रा ने भी उन्हें शुभकामनाएँ दी हैं।

वहीं नई दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज से बीकॉम कर चुके 24 वर्षीय योगेश कथुनिया स्वर्ण पदक से तो चूक गए, लेकिन उन्होंने अपने छठे प्रयास में 44.38 मीटर डिस्कस फेंक कर दूसरा स्थान हासिल किया। रविवार (29 अगस्त, 2021) को भारत ने हाई जंप में रजत पदक और डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक अपने नाम किया। कांस्य पदक की अभी घोषणा नहीं हुई है, क्योंकि एक शिकायत के बाद इसकी जाँच चल रही है।

एक फौजी के बेटे योगेश कथुनिया को 8 वर्ष की उम्र में ही पैरालिटिक अटैक का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उनके दोनों फेंफड़े खराब हो गए थे। ब्राजील ने इस खेल में स्वर्ण पदक जीता है। वहीं महिला वर्ग के सिंगल टेबल टेनिस खेल में भावनीबेन पटेल ने रजत पदक अपने नाम किया। चीन की खिलाड़ी के हाथों फाइनल में उन्हें 0-3 से हार मिली थी। बता दें कि भारतीय पैरालंपिक कमिटी की अध्यक्ष दीपा मलिक हैं।

वहीं निषाद कुमार ने पुरुषों की टी47 ऊँची कूद स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया था। डिस्कस थ्रो खिलाड़ी विनोद कुमार ने रविवार को टोक्यो पैरालंपिक में एशियाई रिकॉर्ड के साथ पुरुषों की एफ52 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता, लेकिन उनके क्लासिफिकेशन पर विरोध जताए जाने के कारण वो जीत का जश्न मनाने से चूक गए। 30 अगस्त की शाम तक ये समारोह स्थगित है, जिसके बाद फैसला लिया जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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