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‘भगवान शिव ने पूरे संसार को निगल लिया था’: सारे उपनिषदों को पढ़ने का दावा करने वाले राहुल गाँधी ने दिया ज्ञान, लोगों ने पढ़ाया सही इतिहास

"जैसे शिव जी ने पूरे संसार को निगल लिया था, वैसे ही कॉन्ग्रेस की विचारधारा भाजपा की विचारधारा को निगल जाएगी। तुम्हें पता भी नहीं चलेगा, तुम नहीं जानोगे और यह (भाजपा की विचारधारा) मिट जाएगा।"

कॉन्ग्रेस पार्टी के डिजिटल अभियान ‘जन जागरण अभियान’ के शुभारंभ के अवसर पर राहुल गाँधी ने शनिवार (13 नवंबर, 2021) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को भाजपा पर हमला करने की सलाह देते हुए कहा कि पार्टी हिंदुत्व की विचारधारा का पालन करती है, जो हिंदू धर्म से अलग है। हमेशा की तरह इस बार भी केरल के सांसद ने अपने संबोधन में अजीबोगरीब बातें कर दी। उन्होंने भगवान शिव के बारे में पुराणों की एक प्रसिद्ध कहानी को तोड़-मरोड़ कर पेश किया।

राहुल गाँधी ने हिंदू पौराणिक कथाओं का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान शिव ने पूरे संसार को निगल लिया था। राहुल गाँधी ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा, ”जैसे शिव जी ने पूरे संसार को निगल लिया था, वैसे ही कॉन्ग्रेस की विचारधारा भाजपा की विचारधारा को निगल जाएगी। तुम्हें पता भी नहीं चलेगा, तुम नहीं जानोगे और यह (भाजपा की विचारधारा) मिट जाएगा। आज जो नफरत फैलाई जा रही है, वह भी मिट जाएगी और जो भविष्य आज नहीं देखा जा सकता वह भी देखा जा सकेगा।”

बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने उनका वीडियो भी ट्विटर पर साझा किया है, जिसमें वह यह कह रहे हैं कि शिव जी पूरे संसार को निगल जाते थे। जबकि सच तो यह है कि शिव जी ने संसार को बचाने के लिए जहर पीया था। हिंदू ग्रंथों में इसका उल्लेख भी किया गया है। खैर, इन सबके बावजूद विडंबना यह है कि जनेऊ-धारी राहुल गाँधी ने हिंदू धर्म ग्रंथों को पढ़ने के बजाए इसे गलत तरीके से पेश किया।

मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान निकला विष भगवान शिव ने पीया था। विष पीने के बाद उनका गला नीला पड़ गया था, इसलिए उन्हें नीलकंठ भी कहा गया। भागवत पुराण और विष्णु पुराण में भी इसका उल्लेख किया गया है। राहुल द्वारा समुद्र मंथन की कहानी को गलत तरीके से पेश करना इसलिए और भी विडंबनापूर्ण है, क्योंकि कुछ मिनट पहले ही उन्होंने दावा किया था कि वह हिंदू ग्रंथों को अच्छे पढ़ चुके हैं और इसकी जानकारी रखते हैं।

कॉन्ग्रेस नेता ने कहा, ”हिंदुस्तान में दो विचाधाराएँ हैं। एक कॉन्ग्रेस पार्टी की विचारधारा और एक आरएसएस की विचारधारा और हमें यह बात माननी पड़ेगी कि आज के हिंदुस्तान में बीजेपी, आरएसएस नफरत फैला रहे हैं। वहीं कॉन्ग्रेस की विचारधारा जोड़ने की, भाईचारे और प्यार की विचारधारा है, उसको बीजेपी की नफरत भरी विचारधारा ने ओवर शेड्डो कर दिया है। मिटाया नहीं है, हराया नहीं है, लेकिन उनका प्रोपेगेशन हमारे प्रोपेगेशन से ज्यादा है। मतलब उनके हाथ में लाउडस्पीकर है। उनके हाथ में मशीनशरी है।”

कॉन्ग्रेस नेता ने आगे कहा, ”आज के हिंदुस्तान में विचारधारा की लड़ाई सबसे जरूरी हो गई है, जो हमारी विचारधारा है, इसको हम कॉन्ग्रेस की विचारधारा कहते हैं। मगर ये हमसे बहुत पुरानी है। हम कहते हैं कि हिंदू धर्म और हिंदुत्व में फ​र्क है। क्योंकि अगर फर्क नहीं होता तो नाम एक ही होता। हिंदुत्व को हिन्दू या फिर हिंदू को हिंदुत्व की जरूरत नहीं होती। ये नए नाम की क्या जरूरत है, जिस शक्ति को ​हम शिव कहते हैं, शिवा कहते हैं। उसका ये प्रतीक थे। कबीर, गुरुनानक, महात्मा गाँधी उनके भी आइकॉन है और हमारे भी आइकॉन हैं। हमारे महात्मा गाँधी हैं और उनके वीर सावरकर हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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