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ग़रीबों को 5 रुपए में नहीं मिल रहा खाना: शिवराज की ‘दीनदयाल रसोई’ पर कमलनाथ सरकार में ताला

बोले शिवराज- भ्रष्ट हो गई है कॉन्ग्रेस सरकार की बुद्धि, उससे ग़रीबों का सुख नहीं देखा जाता। इसलिए, ग़रीबों के मुँह से निवाला छीन रहे हैं कमलनाथ। सरकार की सफाई- नए सिरे से शुरू होगी योजना

मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस की सरकार बनने के बाद से ही पिछली भाजपा सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का बुरा हाल है। अब पूर्ववर्ती शिवराज सिंह चौहान सरकार की ‘दीनदयाल अंत्योदय रसोई’ पर भी ग्रहण लग गया है। इस योजना के तहत ग़रीबों को केवल 5 रुपए में भोजन मुहैया कराया जाता था। भोपाल में यह योजना अप्रैल 2017 में शुरू की गई थी।

भोपाल के सुल्तानिया अस्पताल के सामने स्थित दीनदयाल रसोई पर भी कई दिनों से ताला लटका हुआ है। कहा जा रहा है कि यह रसोई पिछले एक महीने से बंद पड़ी है। इसे लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया है। सफाई में सरकार ने योजना की समीक्षा की बात कही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रसोई बंद होने से गरीब बेहद नाराज हैं। कई ग़रीबों ने बताया कि सस्ता खाना न मिलने के कारण उन्हें समोसे और पकौड़े खा कर पेट भरना पड़ रहा है।

शिवराज ने कहा है कि कॉन्ग्रेस से ग़रीबों का सुख नहीं देखा जाता है। इसलिए, कमलनाथ ग़रीबों के मुँह से निवाला छीन रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। इस योजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पूर्व सीएम ने कहा, “ग़रीब और मजदूरी करने वाला व्यक्ति काम की तलाश में शहर आता है। उसकी कमाई कम होती है। यदि वह अपनी कमाई होटल में खाना खाने पर ख़र्च करने लगे तो परिवार कैसे पालेगा? इसी को ध्यान में रखते हुए यह योजना शुरू की गई थी।”

भोपाल के अलावा इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित राज्य के कई अन्य शहरों में भी यह योजना शुरू की गई थी। प्रदेश के खाद्य मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि सरकार इस योजना को नए सिरे से शुरू करेगी और बेहतर तरीके से इसका संचालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार आम आदमी को भोजन देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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