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देखिए वह सुरंग जिससे भारत में घुसे थे जैश के 2 आत्मघाती हमलावर, सांबा में मिला: 1.5 साल में बॉर्डर पर मिला 5वाँ अंडरग्राउंड टनल

इस सुरंग से 21 रेत के बोरे भी बरामद हुए हैं। इनका इस्तेमाल सुरंग मजबूत करने के लिए किया गया था। बीएसएफ के मुताबिक डेढ़ साल से भी कम समय में पता लगाई गई यह 5वीं सुरंग है।

जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले के बीओपी चक फकीरा क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने बुधवार (4 मई 2022) की रात एक भूमिगत सुरंग का पता लगाया। इस सुरंग का इस्तेमाल आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेएम) के दो आत्मघाती हमलावरों ने पाकिस्तान से भारत में घुसने के लिए किया था। सीमा सुरक्षा बल के अनुसार हाल ही में इस सुरंग को 2 फीट खोदा गया है। आशंका जताई जा रही है कि यह पाकिस्तान की ओर से लगभग 150 मीटर लंबी है।

सुरंग की कुछ तस्वीरें साझा करते हुए बीएसएफ जम्मू ने ट्वीट कर कहा है, “आज बीएसएफ जम्मू के सतर्क सैनिकों ने सांबा अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र के साथ एक सुरंग का पता लगाकर पाकिस्तान के नापाक मंसूबों को नाकाम कर दिया।”

इस सुरंग से 21 रेत के बोरे भी बरामद हुए हैं। इनका इस्तेमाल सुरंग मजबूत करने के लिए किया गया था। बीएसएफ के मुताबिक डेढ़ साल से भी कम समय में पता लगाई गई यह 5वीं सुरंग है।

गौरतलब है कि जम्मू के सुंजवां इलाके में 22 अप्रैल को मुठभेड़ के बाद बीएसएफ ने इस सुरंग का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया था। 22 अप्रैल को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों को ले जा रही एक बस पर भारी हथियारों से लैस आत्मघाती आतंकियों ने हमला किया था। जैश के इन आतंकवादियों को सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में मार गिराया गया था। मुठभेड़ में सीआईएसएफ के एक सहायक उप निरीक्षक भी बलिदान हो गए थे। साथ ही दो पुलिसकर्मियों समेत नौ सुरक्षाकर्मी घायल हुए थे।

एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “अंतरराष्ट्रीय सीमा से 150 मीटर की दूरी पर और सीमा की बाड़ से 50 मीटर की दूरी पर एक नई खोदी गई सुरंग का पता पाकिस्तानी चौकी चमन खुर्द (फियाज) के सामने लगाया गया, जो भारत की ओर से 900 मीटर की दूरी पर है।” उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत सीमा चौकी चक फकीरा से लगभग 300 मीटर और अंतिम भारतीय गाँव से 700 मीटर की दूरी पर है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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