Homeदेश-समाजबकरीद पर न दें गाय की कुर्बानी, तेलंगाना के मंत्री के बाद यूनाइटेड मुस्लिम...

बकरीद पर न दें गाय की कुर्बानी, तेलंगाना के मंत्री के बाद यूनाइटेड मुस्लिम फोरम ने भी की अपील

यूनाइटेड मुस्लिम फोरम ने गौ रक्षकों पर अंकुश लगाने की माँग करते हुए कहा है कि भारतीय कानून के हिसाब से भेड़, बकरी एवं अन्य पशुओं की कुर्बानी जायज है।

विभिन्न मुस्लिम संगठनों के संघ ‘यूनाइटेड मुस्लिम फोरम’ ने बकरीद पर गाय की कुर्बानी नहीं देने की अपील की है। ईद-उल-अजहा जो बकरीद के नाम से भी जाना जाता है 12 अगस्त को है। इससे पहले तेलंगाना के मंत्री मोहम्मद महमूद अली ने भी इसी तरह की अपील अपने समुदाय के लोगों से की थी।

रिपोर्टों के मुताबिक यूनाइटेड मुस्लिम फोरम ने कहा है कि भारतीय कानून के हिसाब से भेड़, बकरी एवं अन्य पशुओं की कुर्बानी जायज है।

फोरम ने अलग-अलग समुदायों के बीच किसी भी तरह के तनाव, भीड़ हत्या (लिचिंग) और जन-हानि को रोकने के लिए राज्य सरकार से ‘गौ रक्षकों’ पर अंकुश लगाने के लिए वाजिब कदम उठाने की भी माँग की है। उन्होंने कहा नागरिकों की जान एवं संपत्ति की सुरक्षा के लिए राज्य एवं केंद्र सरकार को कानून बनाने चाहिए। मुस्लिम संघ ने कहा है कि सभी त्योहार शांति और एकता के साथ मनाए जाने चाहिए।

गौरतलब है इससे पहले तेलंगाना के मंत्री मोहम्मद महमूद अली ने भी अपने समुदाय के लोगों से बकरीद पर गाय की कुर्बानी नहीं देने की अपील की थी। अली ने कहा था कि हिन्दू धर्म में गाय सम्मानित है और उसकी पूजा की जाती है। उन्होंने कहा था कि मुस्लिम भाई गाय की कुर्बानी देने से परहेज करें, इसके अलावा वे अन्य जानवरों की कुर्बानी दे सकते हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

नदी जोड़ो मेगा प्रोजेक्ट Part II: बुंदेलखंड को केन-बेतवा रिवर लिंक परियोजना की सबसे ज्यादा जरूरत क्यों?

भारत सरकार ने राज्यसभा में कहा कि भारत के अतिमहत्वाकांक्षी नदी जोड़ो परियोजना में शीर्ष पर केन-बेतवा नदी लिंक प्रोजेक्ट है।

उमर खालिद की ‘कुर्बानी’ का जश्न मनातीं आरफा खानम, ताहिर हुसैन के लिए भी बहाए थे आँसू: अपने ‘पोस्टर बॉय’ के लिए अदालत पर...

उमर खालिद से ताहिर हुसैन तक, ‘पोस्टर बॉय’ पॉलिटिक्स कैसे काम करती है? आरफा खानम के बयान, अदालतों पर सवाल और सुनवाई में देरी के दावों की पड़ताल।
- विज्ञापन -