Homeराजनीतिशिवसेना के 'तलाक' में 'दीदी' के नेता हुए बावले, असम के उस होटल के...

शिवसेना के ‘तलाक’ में ‘दीदी’ के नेता हुए बावले, असम के उस होटल के बाहर TMC का प्रदर्शन जहाँ विधायकों के साथ हैं एकनाथ शिंदे

गुवाहाटी में रैडिसन ब्लू होटल के बाहर प्रदर्शन कर रहे टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया है।

महाराष्ट्र की राजनीति में चल रहे उथलपुथल के बीच अब ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की भी एंट्री हो गई है। असम के जिस होटल में शिवसेना के बागी विधायक ठहरे हुए हैं, उसके बाहर तृणमूल कॉन्ग्रेस ने आज (23 जून 2022) सुबह जमकर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध का नेतृत्व तृणमूल कॉन्ग्रेस के असम प्रमुख रिपुन बोरा (Assam chief Ripun bora) ने की। विरोध के बीच बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और सुरक्षाकर्मी प्रदर्शनकारियों को काबू में करने में लगे रहे।

न्यूज एजेंसी ANI की खबर के मुताबिक, गुवाहाटी में रैडिसन ब्लू होटल के बाहर प्रदर्शन कर रहे टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया है। प्रदर्शन कर रहे टीएमसी के एक कार्यकर्ता का कहना है, “असम में लगभग 20 लाख लोग बाढ़ के कारण पीड़ित हैं। लेकिन सीएम महाराष्ट्र सरकार को गिराने में व्यस्त हैं।” 

बता दें कि एमएलसी चुनाव के नतीजों के ठीक बाद से महाराष्ट्र की राजनीति में भारी उथल-पुथल मचा हुआ है। इस उथल-पुथल का सीधा असर उद्धव ठाकरे की सरकार पर पड़ा है। शिवसेना के कद्दावर नेता एकनाथ शिंदे ने अपने बागी तेवर दिखा दिए है, जिसके बाद ऐसा माना जा रहा है कि उद्धव सरकार कभी भी गिर सकती है। महाराष्ट्र से आए शिवसेना के बागी विधायकों के समूह को गुवाहाटी के रैडिसन ब्लू होटल में रखा गया है। 

बताया जा रहा है कि असम के गुवाहाटी में रैडिसन ब्लू होटल में एकनाथ शिंदे के साथ महाराष्ट्र के कुल 42 विधायक मौजूद हैं। इसमें शिवसेना के 34 विधायक और 8 निर्दलीय विधायक शामिल हैं। वहीं होटल में मौजूद सभी बागी विधायक पूर्व गृह राज्य मंत्री और शिवसेना नेता दीपक केसरकर से भी मिले। होटल के बाहर सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। इस होटल में आम लोगों के प्रवेश करने पर तकरीबन अब रोक लगा दी गई है। इतना ही नहीं, गुवाहाटी पुलिस ने होटल के निजी सुरक्षकर्मियों से सुरक्षा की जिम्मेदारी अपने हाथ में ले ली है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

₹15 लाख करोड़ के संदिग्ध रेवेन्यू से SEBI की कार्रवाई तक: जानिए कौन हैं राजेश मेहता और क्यों घिरी उनकी कंपनी Rajesh Exports

सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड और उसके प्रबंध निदेशक राजेश मेहता के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

पंजाब के ‘शिक्षा सुधारों’ का श्रेय लेने पर कॉन्ग्रेस और AAP में जंग, पढ़े- जब दिल्ली में केजरीवाल पर शीला दीक्षित के काम को...

पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में नंबर-1 बनने के दावे पर विवाद। जानिए AAP और कॉन्ग्रेस के दावों के बीच पूरा रियलिटी चेक और शिक्षा सुधार की टाइमलाइन।
- विज्ञापन -