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FIFA World Cup: ईरान की हार का जश्न मनाने सड़कों पर उतरे हिजाब विरोधी प्रदर्शनकारी, सुरक्षाबलों ने सिर में मारी गोली, 1 की मौत

IHR के अनुसार, ईरान के सुरक्षा बलों ने हिजाब विरोधी प्रदर्शनों पर कार्रवाई में कम से कम 448 लोगों को मार डाला है, जिनमें 18 वर्ष से कम उम्र के 60 बच्चे और 29 महिलाएँ भी शामिल हैं।

कतर (Qatar) में खेले जा रहे फीफा वर्ल्ड कप (FIFA World Cup) से ईरान (Iran) के बाहर होने का जश्न मनाने रहे एक ईरानी व्यक्ति को सुरक्षाबलों ने गोली मार दी। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, उस व्यक्ति का नाम मेहरान सामक (Mehran Samak) है। वह बंदर-ए-अंजली शहर में ईरान की हार का जश्न मना रहा था।

द गार्जियन के अनुसार, अमेरिका ने ईरान को 1-0 से हराकर उसे फीफा वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया है। मंगलवार (29 नवंबर 2022) को क्रिस्टियन पुलिसिच के 38वें मिनट में किए गए गोल की मदद से अमेरिका ने नॉकआउट राउंड में प्रवेश किया। मैच के खत्म होते ही ईरान के कई शहरों में लोग सड़कों पर निकले और अमेरिका की जीत का जश्न मनाया।

वहीं, टीम के वर्ल्ड कप से बाहर होने का जश्न मनाने वाले एक 27 वर्षीय ईरानी व्यक्ति को बंदर-ए-अंजली शहर में सुरक्षाबलों ने गोली मार दी। ईरान की हार को सेलिब्रेट करने वाले लोगों में प्रदर्शनकारी भी शामिल थे, जो महसा अमीनी की मौत को लेकर कई महीनों से हिजाब के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सुरक्षाबलों ने मेहरान पर गोली चलाई, जो सीधा उसके सिर में लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। ईरान के लोग इस घटना से बेहद दुखी हैं। वहाँ की पत्रकार ने मेहरान सामक का एक वीडियो शेयर किया है। इसमें वह केक लेकर डांस करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान उनके दोस्त भी मौजूद हैं।

पत्रकार मसीह अलीनेजाद ने अपने ट्विटर पर लिखा, “अमेरिकी फुटबॉल टीम की जीत का जश्न मनाने के कारण ईरान के सुरक्षा बलों ने उसे मार डाला। मेहरान सामक ने अपने इंस्टाग्राम पर लिखा था कि हमें परवाह नहीं है कि ईरान की टीम राष्ट्रगान गाती है या नहीं, लेकिन हम आईआरआई (IRI) के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करने के लिए सड़कों पर उतरेंगे।”

वह आगे लिखती हैं, “मेहरान अपनी मंगेतर के साथ कार में बैठकर ईरान की हार का जश्न मना रहे थे। इसी दौरान उनके सिर में गोली मार दी गई।” वह यूएस मेन फुटबॉल टीम और Tyler Adams के ट्विटर हैंडल को टैग करते हुए कहती हैं कि ‘आप ही उसकी आवाज बन सकते हैं। ईरान के अंदर ऐसा कोई नहीं है’।

बता दें कि इससे पहले ईरान की फुटबॉल टीम ने महिला प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए FIFA वर्ल्ड कप में अपना राष्ट्रगान गाने से इनकार कर दिया था। 21 नवंबर, 2022 को खलीफा इंटरनेशनल स्टेडियम में (Khalifa International Stadium) जब राष्ट्रगान बजाया गया तो सभी 11 खिलाड़ी खामोश खड़े रहे।

इस दौरान ईरानी खिलाड़ी काफी भावुक दिखाई दिए। वहीं, स्टैंड में जमा हुए ईरानी फैंस ने राष्ट्रगान बजते ही चिल्लाना शुरू कर दिया। इनमें से कुछ थम डाउन करने का इशारे करते हुए नजर आए।

IHR के अनुसार, ईरान के सुरक्षा बलों ने हिजाब विरोधी प्रदर्शनों पर कार्रवाई में कम से कम 448 लोगों को मार डाला है, जिनमें 18 वर्ष से कम उम्र के 60 बच्चे और 29 महिलाएँ भी शामिल हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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