Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय'हिरण के खून से नहाया, कुत्तों और बाज की दी कुर्बानी...' : रूसी राष्ट्रपति...

‘हिरण के खून से नहाया, कुत्तों और बाज की दी कुर्बानी…’ : रूसी राष्ट्रपति पुतिन को लेकर पत्रकार का दावा, यूक्रेन से युद्ध के पीछे भी अंधविश्वास को वजह बताया

पत्रकार ओलेग काशिन के हवाले से पुतिन को अंधविश्वासी बताते हुए कहा गया कि वह काले कुत्ते और बाज की कुर्बानी दे चुके हैं। इसके अलावा वह अपनी सेक्स ड्राइव को बढ़ाने के लिए एक तरह के जादुई हिरण के खून से भी नहाए थे।

रूस के राष्ट्रपति व्लामिदीर पुतिन को लेकर नए-नए दावे होते रहते हैं। कभी उनके सूटकेस को लेकर खबर आती है तो कभी कहा जाता है कि वो अपने साथ अपना वॉशरूम लेकर चलते हैं। इन्हीं खबरों के बीच अब विशेषज्ञों के हवाले से बताया जा रहा है कि पुतिन कुछ गतिविधियों में भी खासी दिलचस्पी लेते हैं। उन्हें मन पढ़ना या फिर खून से जुड़े कई रिवाज आदि करना पसंद है।

द सन की रिपोर्ट में एक रूसी पत्रकार ओलेग काशिन के हवाले से पुतिन को अंधविश्वासी बताते हुए कहा गया कि वह काले कुत्ते और बाज की कुर्बानी दे चुके हैं। इसके अलावा वह अपनी सेक्स ड्राइव को बढ़ाने के लिए एक तरह के जादुई हिरण के खून से भी नहाए थे। रिसर्चरों के मुताबिक पुतिन और उन्हें जानने वाले कई करीबी जादू-टोने वाली चीजों में यकीन रखते हैं। उन लोगों के इसी रवैये के चलते यूक्रेन पर हमला हुआ…ऐसा भी रिसर्चर्स का ही मानना है।

बता दें कि पुतिन को लेकर पहली दफा ऐसी खबरें नहीं आई हैं। 2017 में भी इस संबंध में छपा था। रूस की खोजी पत्रकारिता करने वाली Proekt ने यह दावा किया था। अब दोबारा पत्रकार काशिन के दावे के बाद ये चर्चा तेज हैं कि वो सत्ता में रहने के लिए कुर्बानी दे रहे हैं, खून में स्नान कर रहे हैं।

कथिततौर पर पुतिन में केजीबी एजेंट जियॉर्जी रोगोजिन द्वारा ये अंधविश्वास के प्रति रूचि भरी गई है। रोजोगिन खुद एक केजीबी कमांडर थे जिन्हें पैरानॉर्मल रिसर्चिंग टेलीपैथी, पैरासाइकलॉजी जैसे क्षेत्रों में इंटरस्ट था। उनका देहांत 2014 में हो गया। मगर उनका असर आज भी पुतिन पर है।

रिपोर्टर के मुताबिक पहले जॉर्जी ने बताया था कि वो दूसरों का दिमाग पढ़ सकते हैं। इसके बाद उन्होंने पुतिन से कहा कि पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री मेडेलीन अलब्राइड रूस से नफरत करते हैं और इस फिराक में थे कि रूस से साइबीरिया छीन लिया जाए ताकि वो रिजर्ब ऑयल तक पहुँच सकें। बताते हैं कि इस दावे के बाद रूस ने बिन तथ्यों के ये बातें दोहराईं थी और कहा था कि उन्हें करीबी सलाहकार से यह सब पता चला है।

कथिततौर पर पुतिन को साइबीरिया के एक तांत्रिक एलेक्जेंडर गैबीशेव का डर भी सताता है। उसने एक बार कहा था कि वो अपने तंत्र से पुतिन के ईर्द-गिर्द से शैतानों को हटा देगा। यह सुन पुतिन घबरा गए थे और बाद में उसे पकड़कर जेल में डरवा दिया था। फिलहाल गैबीशेव एक साइकेट्रिक अस्पताल में है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कॉन्ग्रेस ने अडानी पर किया वार, चीन को पहुँचा सीधा फायदा: केन्या सरकार ने नैरोबी एयरपोर्ट का टेंडर बदला, चीनी कंपनी को 50% महंगे...

केन्या के नैरोबी एयरपोर्ट विस्तार प्रोजेक्ट में अडानी की जगह चीनी कंपनी को ठेका मिलने से आर्थिक और राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। इन सबमें चीन का नाम क्यों आ रहा है... आइए जानें

एक दीपक जलाने पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने मचा दिया बवाल… केरल के निलाविलक्कु विवाद से क्या समझे आप? क्या सेक्युलर होने का ठेका सिर्फ...

फातिमा तहिलिया विवाद के बाद फिर उठे सवाल- जब दूसरे समुदाय अपनी धार्मिक सीमाएँ तय करते हैं, तो समायोजन की उम्मीद सिर्फ हिंदुओं से क्यों?
- विज्ञापन -