Homeराजनीतिकॉन्ग्रेस को दफन करने वाले के ज्ञान पर क्या बोलूॅं : अधीर रंजन चौधरी...

कॉन्ग्रेस को दफन करने वाले के ज्ञान पर क्या बोलूॅं : अधीर रंजन चौधरी पर J&K के राज्यपाल का तंज

राज्यपाल ने कहा, "उन्होंने संसद में बोल कर अपनी पार्टी को दफन कर दिया। मैं उनके ज्ञान पर क्या कह सकता हूं? मैं पूरी ईमानदारी से अपना काम कर रहा हूॅं। इस तरह के आरोपों की मैं परवाह नहीं करता।"

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कॉन्ग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के बयान पर पलटवार किया है। राज्यपाल ने कहा है कि अपनी पार्टी को दफन कर देने वाले नेता के ज्ञान पर वे क्या कह सकते हैं। चौधरी ने कहा था कि सत्यपाल मलिक जिस तरह की बातें कर रहे हैं उसे देखकर तो यही लगता है कि उन्हें जम्मू-कश्मीर बीजेपी का अध्यक्ष बना देना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा, “उन्होंने संसद में बोल कर अपनी पार्टी को दफन कर दिया। मैं उनके ज्ञान पर क्या कह सकता हूं? मैं पूरी ईमानदारी से अपना काम कर रहा हूॅं। इस तरह के आरोपों की मैं परवाह नहीं करता।”

राज्यपाल का संदर्भ लोकसभा में कॉन्ग्रेस संसदीय दल के नेता चौधरी के उस बयान को लेकर था जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय मसला बता दिया था। लोकसभा में जम्मू-कश्मीर पर सरकार की ओर से लाए गए बिल पर बहस के दौरान चौधरी ने यह बात कही थी। उनके इस बयान ने कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गॉंधी को भी असहज कर दिया था।

अधीर रंजन चौधरी ने कहा था, “जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल को राज्य बीजेपी इकाई का अध्यक्ष बना देना चाहिए। उनकी टिप्पणी और बयान बिलकुल बीजेपी नेताओं की तरह होते हैं। जिस तरह से वह बात करते हैं वह राज्यपाल के संवैधानिक कार्यालय की सत्यनिष्ठा को बरक़रार नहीं रखते ।”

इसके आगे उन्होंने कहा, “जम्मू और कश्मीर के स्कूल और कॉलेज बंद हैं। लोगों को बोलने की अनुमति नहीं है। जो लोग जम्मू-कश्मीर जाना चाहते हैं उन्हें अनुमति नहीं दी जा रही है।” बता दें कि शनिवार (24 अगस्त) को कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी को श्रीनगर एयरपोर्ट से प्रशासन ने लौटा दिया था।

रविवार (25 अगस्त) को राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बताया था कि अनुच्छेद-370 निरस्त किए जाने और लद्दाख व जम्मू-कश्मीर को केंद्रशासित प्रदेश बनाए जाने के 20 दिनों बाद कोई जानलेवा हिंसात्मक घटना नहीं हुई है। उन्होंने कहा था कि अगर संचार संबंधी सुविधाएँ बंद हैं और इससे लोगों की जान बच सकती है तो इसमें किसी को क्या दिक्कत हो सकती है।

इसके अलावा, राज्यपाल मलिक ने इस बात से भी अवगत करायाथा कि जम्मू-कश्मीर में दवाइयों और आवश्यक चीज़ों की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि ईद के ख़ास मौक़े पर सब्ज़ियाँ और मीट लोगों के घरों तक पहुँचाए गए। पिछले 20 दिनों में 23.31 करोड़ रुपए की दवाइयाँ रिटेल दुकानों तक पहुँचाई गईं, जो आम दिनों की तुलना में अधिक हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

ममता से ज्यादा अभिषेक बनर्जी से क्यों नाराज है बंगाल? सत्ता, घोटालों और अहंकार की राजनीति ने कैसे बनाया जनता के गुस्से का सबसे...

बंगाल में TMC की करारी हार के बाद जनता का सबसे बड़ा निशाना ममता बनर्जी के भतीजे और राजनीतिक उत्तराधिकारी माने जाने वाले अभिषेक बनर्जी बने हैं।

आज जहाँ से पकड़ा गया है आतंकी मोहम्मद शेख, वहीं के रहने वाले थे बाटला हाउस एनकाउंटर में ढेर हुए आतंकी: ‘आतंक की नर्सरी’...

यूपी एटीएस ने मुस्तैदी दिखाकर Target Killing की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया। अब वो आतंकी गिरोह के नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।
- विज्ञापन -