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अमृत उद्यान: बदल गया राष्ट्रपति भवन के मुगल गार्डन का नाम, ‘अमृत महोत्सव’ की थीम पर नया नाम

"आजादी के 75 साल पूरे होने को 'आजादी का अमृत महोत्सव' के रूप में मनाया जा रहा है। इसे देखते हुए भारत की राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन के उद्यान को एक सामान्य नाम 'अमृत उद्यान' दिया है।"

राष्ट्रपति भवन में स्थित मुगल गार्डन का नाम बदलकर अमृत उद्यान कर दिया गया है। देश की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर मनाए जा रहे ‘अमृत महोत्सव’ की थीम पर इस गार्डन का नाम बदला गया है। राष्ट्रपति द्रोपती मुर्मू रविवार (29 जनवरी 2023) को इस उद्यान का उद्घाटन करेंगीं।

राष्ट्रपति द्रोपती मुर्मू की उप-प्रेस सचिव नविका गुप्ता ने कहा, “भारत सरकार ने राष्ट्रपति भवन के उद्यान का नाम अमृत उद्यान किया है। राष्ट्रपति भवन के सभी उद्यानों को अब अमृत उद्यान के नाम से जाना जाएगा।”

नविका गुप्ता ने यह भी कहा है, “आजादी के 75 साल पूरे होने को ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के रूप में मनाया जा रहा है। इसे देखते हुए भारत की राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन के उद्यान को एक सामान्य नाम ‘अमृत उद्यान’ दिया है।”

उन्होंने आगे कहा, “इस बार यह उद्यान 31 जनवरी से 26 मार्च तक यानी दो महीने के लिए आम जनता के लिए खुला रहेगा। इसके अलावा, एक दिन विशेष श्रेणियों को समर्पित होगा। इस विशेष श्रेणी में महिलाएँ, दिव्यांग शामिल हैं।”

बता दें कि अब तक यह उद्यान आम लोगों के लिए फरवरी से मार्च तक मात्र 1 महीने के लिए ही खुलता था। यह वह अवधि होती थी जब इस उद्यान में फूल खिले होते थे। लेकिन, अब इस समय को बढ़ाकर 2 महीने किया गया है।

राष्ट्रपति भवन की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अमृत उद्यान में 28 मार्च को सिर्फ किसान प्रवेश कर सकेंगे। वहीं, 29 मार्च को दिव्यांग और 30 मार्च को सेना, पैरामिलिट्री फोर्स व पुलिस के जवान प्रवेश कर सकेंगे। 31 मार्च का दिन महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है।

विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि अमृत उद्यान प्रत्येक सोमवार को बंद रहेगा। सोमवार को इस उद्यान का मेंटिनेंस किया जाएगा। इसके अलावा, होली के दिन यानी 8 मार्च को भी यह उद्यान बंद रहेगा।

इस उद्यान में प्रवेश के लिए सुबह 10 बजे से 12 बजे तक 7500 लोगों को टिकट मिलेगा। इसके बाद, दोपहर 12 से शाम चार बजे तक 10 हजार लोगों को प्रवेश मिलेगा। इस उद्यान में 12 तरह के विशेष किस्म के ट्यूलिप के फूल लगाए हैं। साथ ही सेल्फी प्वांइट भी है। इस उद्यान में लगे सभी पौधों में क्यूआर कोड लगे हुए हैं। क्यूआर कोड को स्कैन कर पौधों के किस्मों की जानकारी ली जा सकती है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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