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पैर फिसला, खंभा पकड़ते ही लगा करंट, चिल्लाई- मेरे बच्चों को हटाओ: साक्षी आहूजा के साथ नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की पार्किंग में क्या हुआ था

साक्षी ने पूरे परिवार के साथ अपने एक रिश्तेदार के घर चंडीगढ़ घूमने का प्लान बनाया था। इन्हीं तैयारियों के चलते 25 जून को साक्षी, उनके बच्चों, माता-पिता व बहन माधवी का रिजर्वेशन वन्दे भारत एक्सप्रेस में हुआ था। घटना के दिन यह परिवार नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुँचा और पहाड़गंज की तरफ से इंट्री करने लगा।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर रविवार (25 जून 2023) को साक्षी आहूजा नाम की एक महिला की करंट लगने से मौत हो गई। मृतका दिल्ली के प्रीत विहार इलाके की रहने वाली थीं। घटना के दिन 35 वर्षीया साक्षी परिवार के साथ छुट्टियाँ मनाने के लिए जा रही थीं। लेकिन, स्टेशन के पास उनका पाँव लड़खड़ा गया और उन्होंने संभलने के लिए एक खंभा पकड़ा। इस पिलर में भारी बरसात और जलभराव के कारण करंट आ रहा था। जब साक्षी ने इसे पकड़ा तो उन्हें बहुत जोर झटका लगा। इसके बाद वह नीचें गिर गईं और फिर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने इस मामले में केस को दर्ज करके अपनी जाँच शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साक्षी के पति टोयटा कम्पनी में नौकरी करते हैं। साक्षी खुद एक स्कूल में टीचर थीं। दोनों के 2 बच्चे हैं। इनमें एक 9 साल का बेटा और 7 साल की बेटी है। साक्षी ने पूरे परिवार के साथ अपने एक रिश्तेदार के घर चंडीगढ़ घूमने का प्लान बनाया था। इन्हीं तैयारियों के चलते 25 जून को साक्षी, उनके बच्चों, माता-पिता व बहन माधवी का रिजर्वेशन वन्दे भारत एक्सप्रेस में हुआ था। घटना के दिन यह परिवार नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुँचा और पहाड़गंज की तरफ से एंट्री करने लगा।

साक्षी को छोड़ने उनके 2 भाई अपनी कारों से आए थे जो परिवार को उतार कर पार्किंग की तरफ चले गए। इधर बरसात की वजह से प्लेटफॉर्म जाने वाले रास्ते पर पानी भरा था। इसी की वजह से साक्षी सड़क के बजाय डिवाइडर पर चढ़ कर आगे बढ़ रहीं थीं। जैसे ही साक्षी प्रीपेड टैक्सी बूथ के पास पहुँची उनका पैर सड़क पर बिछे बिजली के तार पर पड़ा।

बताया जा रहा है कि यह तार एक बिजली के खम्बे से कनेक्टेड था जिसे साक्षी ने लड़खड़ाते हुए गिरने से बचने के लिए पकड़ा था। तार में करंट था जिसकी वजह से साक्षी जमीन पर गिर कर तड़पने लगीं। साक्षी की बहन माधवी उन्हें बचाने के लिए दौड़ीं तो उन्हें भी करंट लगा।

मृतका की रिश्तेदार अंजू ने बताया कि करंट लगने के बाद काफी देर तक साक्षी जमीन पर पड़ी रहीं। वहीं अपने बच्चों को पीछे ले जाने के लिए कहा। इस दौरान कुछ टैक्सी वालों ने साक्षी को बचाने का प्रयास किया तो उन्हें भी झटके लगे।

थोड़े ही समय में पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने साक्षी और माधवी को अस्पताल में भर्ती करवाया। डॉक्टरों ने साक्षी को मृत घोषित कर दिया। वहीं माधवी को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। मृतका के परिजनों ने पुलिस पर देरी से पहुँचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “हमें किसी भी तरह का मुआवजा नहीं चाहिए, मुआवजे से हमारी बेटी वापस नहीं आ जाएगी। हमें हमारी बेटी ही वापस चाहिए।” साक्षी के देवर ने कहा कि उनकी भाभी ने ही बाकी सदस्यों की जान बचाई। घटनास्थल पर टैक्सियों की पार्किंग होती है।

हालाँकि पुलिस ने आरोपों का खंडन करते हुए तत्काल मौके पर जाने और अस्पताल में भर्ती किए जाने की बात कही है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। पुलिस CCTV फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जमा कर रही है। जहाँ साक्षी को करंट लगा है वहाँ से कुछ नए लगाए गए खम्बों को भी बिजली की सप्लाई जाती है। पुलिस का कहना है कि जाँच के दौरान स्टेशन ने मेंटिनेंस विभाग के कर्मियों को बुला कर सवाल-जवाब किया जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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