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अनुपम कुमार सिंह

भारत की सनातन परंपरा के पुनर्जागरण के अभियान में 'गिलहरी योगदान' दे रहा एक छोटा सा सिपाही, जिसे भारतीय इतिहास, संस्कृति, राजनीति और सिनेमा की समझ है। पढ़ाई कम्प्यूटर साइंस से हुई, लेकिन यात्रा मीडिया की चल रही है। अपने लेखों के जरिए समसामयिक विषयों के विश्लेषण के साथ-साथ वो चीजें आपके समक्ष लाने का प्रयास करता हूँ, जिन पर मुख्यधारा की मीडिया का एक बड़ा वर्ग पर्दा डालने की कोशिश में लगा रहता है।

कभी एक्टर पीछे हट गए, कभी डिस्ट्रीब्यूटर ही नहीं मिले… ’72 हूरें’ के डायरेक्टर से जानिए फिल्म को रिलीज़ करने में क्यों लग गए...

"अधिकतर एक्टर्स इस फिल्म को करने के लिए तैयार नहीं थे, क्योंकि उन्हें अपने करियर का ख़तरा लग रहा था। जो लोग तैयार भी हुए, उनमें से कुछ ने अंत समय में बैकआउट कर दिया। वो कहने लगे कि इस फिल्म को करने में वो सहज नहीं हैं, उनका परिवार सहज नहीं है। उनका कहना था कि कल को कोई बात न हो जाए, धमकियाँ मिलने लगेंगी।"

सेक्स और हिन्दू धर्म का मजाक – बॉलीवुड के हर कंटेंट में यही मसाला: ‘हिप्स एन्ड बूब्स’ से लेकर ‘बिग बॉस’ में चुम्मा-चाटी तक,...

कुल मिला कर बात ये है कि बॉलीवुड फिल्मों की 2 ही रेसिपी होती है - अश्लीलता और हिन्दू धर्म का मजाक। कम कपड़ों में हीरोइनें और हिन्दू देवी-देवताओं का कॉमिक चित्रण।

माँ काली के भक्त जिनमें जनजातीय समाज ने देखा ‘राम’, मिशनरियों की नाक में दम कर देने वाले साधु: अंग्रेजों ने पेड़ से बाँध...

अल्लूरी सीताराम राजू को पकड़ने के लिए अंग्रेजों ने पैसा पानी की तरह बहाया। वो माँ काली की उपासना करते थे। क्रांति का ज्ञान उन्हें तीर्थाटन के दौरान मिला। वो धर्मांतरण कराने वाले मिशनरियों के खिलाफ थे।

8 सिद्धियों में पारंगत 280 साल जीने वाला योगी, जिन्हें रामकृष्ण परमहंस ने कहा था – काशी के चलते-फिरते शिव: नदी में करते थे...

जिन्हें अंग्रेजों ने जेल में बंद दिया तो छत पर टहलते दिखे। विष का कोई असर नहीं होता था उन पर। 280 वर्ष जीवित रहे। नदी के भीतर कई दिनों तक पैठ कर साधना की। रामकृष्ण परमहंस भी उनके भक्त थे।

45 साल पहले जब शरद पवार ने कुर्सी के लिए ‘पीठ में घोंपा था छुरा’, आज भी नहीं भूली वसंतदादा की विधवा… जो बोया,...

पिछली बार जब अजित पवार ने बगावत की थी, तब शालिनिताई पाटिल ने शरद पवार को 1978 वाला किस्सा याद दिलाया था। शरद पवार को फिर से इसे याद करना चाहिए।

न पार्टी बची न बचा परिवार… जिसे ‘चाणक्य’ बता कर ढोल पीट रही थी मीडिया, उसका उद्धव ठाकरे से भी बुरा हाल: अब क्या...

शरद पवार को 'चाणक्य' बता कर भाजपा का मजाक उड़ाते नहीं थकने वाले अब ED/CBI का रोना रोएँगे? उनलोगों का 'चाणक्य' न पार्टी बचा पाया और न ही परिवार।

तेजस्वी के मंत्रालय में शाम तबादले सुबह स्टे, विधायकों-सांसदों से मुलाकात, शिक्षकों पर लाठियाँ, ‘फिट लालू’ के ‘दूल्हा’ राहुल… क्यों डरे हुए हैं नीतीश...

उपेंद्र कुशवाहा, दोनों लोजपा, मुकेश सहनी और जीतन राम माँझी - ये सभी नीतीश कुमार पर हमलावर हैं। लालू यादव तो राहुल गाँधी को 'दूल्हा' बनाने को बेताब हैं। उद्धव ठाकरे का हश्र नीतीश को सपने में आता होगा। शिक्षकों की पिटाई के बाद थू-थू हो रही है।

10000 गाड़ियाँ फूँकी, 307 इमारतों को जला दिया, ₹1794 करोड़ का नुकसान… 18 साल पहले भी दहला था फ्रांस, नैरेटिव – बेरोजगारी-नस्लवाद से भड़के...

10,000 गाड़ियाँ फूँकी, ₹1794 करोड़ का नुकसान हुआ, 307 इमारतों को जला दिया गया, लेकिन मीडिया ने कहा कि ये तो बेरोजगारी और नस्लवाद के खिलाफ था। फिर फ्रांस के PM को मौलानाओं से क्यों मिलना पड़ा था?