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आशीष नौटियाल

पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

‘गंगा किसकी है?’: इफ्तार के नाम पर नाव में मीट पार्टी करने वाले मुस्लिम युवकों को ‘The Wire’ ने दिया कवर फायर

गंगा सबकी है ये बात सही है लेकिन यहाँ कुछ फेक न्यूज फैलाई जा रही है इसलिए सबसे पहले फैक्ट्स जानने जरूरी हैं। वाराणसी में जो हुआ वो मुस्लिम युवकों ने जानबूझकर किया।

‘द्रविड़ और इस्लाम है एक’: DMK के उदयनिधि स्टालिन ने दोनों का ‘सिद्धांत एक ही’ बताकर किया लॉजिक का ‘खतना’

उदयनिधि स्टालिन के मुताबिक द्रविड़ विचारधारा और इस्लाम के सिद्धांत एक हैं। यह केवल 'सनातन विरोध' के नाम पर किया गया समझौता है।

7 देशों पर हमला और 34 ट्रिलियन का कर्ज, Petro-Dollar का अंत: आखिर ट्रंप की बौखलाहट का कारण क्या है?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'America First' नीति के तहत Section 301 जाँच से भारत पर टैरिफ का खतरा बढ़ा। जानिए- क्या ये डूबते अमेरिका का संकेत है?

भारत-इजरायल का ‘हेक्सागोन एलायंस’ है पूरी दुनिया को जवाब, साझा दुश्मनों के लिए खतरे की घंटी: जानें- कैसे ड्रैगन से लेकर इस्लामी गैंग के...

‘हेक्सागोन एलायंस’ भारत-इजरायल की नई सुरक्षा रणनीति है, जो चीन-पाक-सऊदी समीकरण और पश्चिम एशिया की चुनौतियों का जवाब मानी जा रही है।

सिर्फ भगवान शिव का स्थान ही नहीं, अनंत काल से समंदर में सनातन की शक्ति का प्रतीक भी है सोमनाथ: जानें- व्यापारिक नेटवर्क से...

सोमनाथ मंदिर टूटने के बाद वहाँ मस्जिद नहीं बनी क्योंकि इसका उद्देश्य धर्म परिवर्तन नहीं बल्कि मंदिर की आर्थिक-कानूनी भूमिका समाप्त करना था।

DW न्यूज, ध्रुव राठी और KAS: NGO, एक्टिविज्म के सहारे भारत के खिलाफ जर्मनी की वैचारिक जंग; जानिए क्यों राहुल गाँधी पहुँचे हर्टी स्कूल

आमतौर पर भारत में विदेशी दखल को लेकर अमेरिका पर सवाल उठते हैं लेकिन पर्दे के पीछे जर्मनी नैरेटिव सेट करने में लगा है। यह काम कई फ्रंट्स पर जारी है।

पाकिस्तान वाले साबरी ने नहीं, बॉलीवुड वाले साहिर लुधियानवी की लिखी है ‘न तो कारवाँ की तलाश है’, ‘धुरंधर’ से पहले ‘बरसात की रात’...

कव्वाली 'न तो कारवाँ की तलाश है, न तो हमसफर की तलाश है' का सबसे प्रसिद्ध और प्रामाणिक पहली फिल्मी रिकॉर्डिंग 1960 की हिंदी फिल्म 'बरसात की रात' से मिलती है।

मंदिर की घंटी, पायल की खनक और देवता की हुंकार: ऋषभ शेट्टी की ‘कांतारा’ ने बदल दिया फिल्मों का ‘786’ वाला अवतार, ये मनोरंजन...

कांतारा चैप्टर 1 में लाल माटी से ढँके गाँव, वर्षा में भीगी वन-भूमि और अंधकार में छिपे दृश्य, दर्शक को स्मरण कराते हैं कि सिनेमा का चमत्कार उसकी दृश्य-भाषा है, न कि केवल संवाद।