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आशीष नौटियाल

पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

भारत-इजरायल का ‘हेक्सागोन एलायंस’ है पूरी दुनिया को जवाब, साझा दुश्मनों के लिए खतरे की घंटी: जानें- कैसे ड्रैगन से लेकर इस्लामी गैंग के...

‘हेक्सागोन एलायंस’ भारत-इजरायल की नई सुरक्षा रणनीति है, जो चीन-पाक-सऊदी समीकरण और पश्चिम एशिया की चुनौतियों का जवाब मानी जा रही है।

सिर्फ भगवान शिव का स्थान ही नहीं, अनंत काल से समंदर में सनातन की शक्ति का प्रतीक भी है सोमनाथ: जानें- व्यापारिक नेटवर्क से...

सोमनाथ मंदिर टूटने के बाद वहाँ मस्जिद नहीं बनी क्योंकि इसका उद्देश्य धर्म परिवर्तन नहीं बल्कि मंदिर की आर्थिक-कानूनी भूमिका समाप्त करना था।

DW न्यूज, ध्रुव राठी और KAS: NGO, एक्टिविज्म के सहारे भारत के खिलाफ जर्मनी की वैचारिक जंग; जानिए क्यों राहुल गाँधी पहुँचे हर्टी स्कूल

आमतौर पर भारत में विदेशी दखल को लेकर अमेरिका पर सवाल उठते हैं लेकिन पर्दे के पीछे जर्मनी नैरेटिव सेट करने में लगा है। यह काम कई फ्रंट्स पर जारी है।

पाकिस्तान वाले साबरी ने नहीं, बॉलीवुड वाले साहिर लुधियानवी की लिखी है ‘न तो कारवाँ की तलाश है’, ‘धुरंधर’ से पहले ‘बरसात की रात’...

कव्वाली 'न तो कारवाँ की तलाश है, न तो हमसफर की तलाश है' का सबसे प्रसिद्ध और प्रामाणिक पहली फिल्मी रिकॉर्डिंग 1960 की हिंदी फिल्म 'बरसात की रात' से मिलती है।

मंदिर की घंटी, पायल की खनक और देवता की हुंकार: ऋषभ शेट्टी की ‘कांतारा’ ने बदल दिया फिल्मों का ‘786’ वाला अवतार, ये मनोरंजन...

कांतारा चैप्टर 1 में लाल माटी से ढँके गाँव, वर्षा में भीगी वन-भूमि और अंधकार में छिपे दृश्य, दर्शक को स्मरण कराते हैं कि सिनेमा का चमत्कार उसकी दृश्य-भाषा है, न कि केवल संवाद।

भारत में अवैध घुसपैठ: क्यों है अमेरिका की ICE जैसी एजेंसी की जरूरत? PM मोदी ने भी किया डेमोग्राफिक संतुलन की ओर इशारा

हमारे चारों तरफ बसे देश पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार या तो आर्थिक रूप से कमजोर हैं या राजनीतिक रूप से अस्थिर हैं। इसका मतलब साफ है कि प्रवासन का अगला टारगेट भारत है।

भारत-रूस-चीन गठजोड़ से हिला अमेरिकी वर्चस्व, डी-डॉलराइजेशन की आहट: हॉलीवुड में बदलेगा खलनायक का चेहरा

अमेरिका को अब डर सिर्फ चीन से नहीं है बल्कि उस संभावित गठजोड़ से भी है, जिसमें रूस और भारत जैसे देश शामिल हो सकते हैं।

आरक्षण किसे और कब तक: समान नागरिक संहिता पर बात क्यों नहीं? – कुछ फैसले जो अभी बाकी हैं

भारत की धर्म निरपेक्षता के खोखलेपन का ही सबूत है कि हिंदुओं के पास आज अपनी एक 'होम लैंड' नहीं है जबकि कथित अल्पसंख्यक...