यह संभव नहीं है कि एक समुदाय विशेष हिन्दुओं के घरों को जलाने के लिए उन्हें चिन्हित करे, जलाए और बदले में हिन्दू जाकर उसे गले लगा आए। यह दंगा-साहित्य कुछ पुरस्कार जीतने के लिए लिखी गई किताबों तक सीमित रहे, मानवता के लिए उनका योगदान उतना ही काफी माना जाएगा।
23 फ़रवरी की शाम दंगाई शाहदरा में घुसे। दिलबर सिंह नेगी को निशाना बनाया। हाथ, पैर काट दिए। फिर पास की दुकान में लगी आग में झोंक दिया। इसके बाद वहॉं भगदड़ मच गई। नेगी के परिजन इतने दहशत में हैं कि अब भी मौके पर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे।
दंगाई मोहम्मद शाहरुख जब बन्दूक से फायरिंग करते हुए आगे बढ़ रहा था, तब एक जाँबाज पुलिसकर्मी को उसकी बन्दूक के सामने आकर उसे रोकने का प्रयास करते हुए देखा गया। बावजूद इसके शाहरुख गोलियाँ बरसता रहा।
अक्ल वितरण के कुछ दिन बाद अचानक 'इंटरनेट लिबरल्स' बिरियानी बाग़ में धरना देते देखे गए। जब पत्रकार उन तक पहुँचे तो लेफ्ट-लिबरल्स गिरोह ने कहा- "हमारा मकसद नागरिकता कानून नहीं, बल्कि कॉमन सेन्स और अक्ल वितरण में किया गया पक्षपात का विरोध है।"
हम्पी में उसी जगह पर हनुमान जी की विश्व की सबसे विशालकाय प्रतिमा का निर्माण करने का फैसला लिया गया है, जहाँ पहली बार भगवान राम की उनसे मुलाकात हुई थी। इसकी ऊँचाई 215 फीट होगी। मतलब अयोध्या के श्रीराम से 10 फीट कम!
केजरीवाल जी ताजा-ताजा बने हनुमान भक्त हैं और भगवान श्री राम हनुमान जी के आराध्य हैं। इसलिए केजरीवाल जी ने दिल्ली की हवा को बिलकुल उसी तरह दण्ड देने का निर्णय लिया है, जिस प्रकार श्री राम ने समुद्र को सुखाने का निर्णय लिया था।
70 में से 62 सीटें खाते में जाने का तो कम से कम यही संदेश है कि सुल्तान अपने अस्तबल में न होकर एक ऐसे आदमी के साथ चने खा रहा है, जिसने उसे वायदों के सिवाय और कुछ नहीं दिया।
गुप्त सूत्र बताते हैं कि दिल्ली चुनाव से पहले ही कॉन्ग्रेस आलाकमान ने उच्चस्तरीय बैठक में सभी उम्मीदवारों को जमानत जब्त करवाने के निर्देश दिए थे। नतीजों के बाद जो तीन उम्मीदवार ऐसा नहीं कर पाए हैं अब वे पार्टी भी अपने भविष्य को लेकर सशंकित हैं।