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आशीष नौटियाल

पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

जब आप बजट देख रहे थे, दुनिया कामोत्तेजना बढ़ाने के मारक उपाय ढूँढ रही थी

आम दुनिया से अलग एक मेन्टोस दुनिया भी है, जिसे कहते हैं दी लल्लनटॉप! यह दुनिया बजट के दौरान इस बात को लेकर परेशान थी कि आखिर प्रियंका चोपड़ा की ड्रेस खिसकती क्यों नहीं? वैसे, बजट-वजट बाद में देखा जाएगा, पहले NDTV चाहता है कि आप सपना चौधरी का डांस देखें।

गोडसे से रामभक्त गो** तक: बौद्धिक आतंकियों की हिंदुत्व को बदनाम करने की साजिश हमेशा धराशाई हुई है

सत्यान्वेषी पत्रकार रवीश कालजयी मुस्कान लेकर जरा देर से अपने प्राइम टाइम में आए लेकिन इससे पहले ही उनकी घातक टुकड़ियों के सिपहसालार ध्रुव राठी से लेकर शेहला रशीद और स्वरा भास्कर ट्विटर पर गोडसे और गो** में तालमेल बैठाते नजर आए।

CAA-विरोधियों द्वारा मार दिए गए नीरज की मृत्यु में शादाब नाम वाला सेकुलर ग्लैमर नहीं है

नीरज प्रजापति JNU से नहीं थे, वो मूर्तियाँ बनाते थे और उसी से अपने घर का पेट पालते थे। लेकिन मृतक नीरज का परिवार आज भी आतंकवादी अफजल गुरु की यादों में खून रोने वाली मीडिया और लिबरल गिरोह की संवेदनाओं के इन्तजार में है।

कामरा शुरू करेगा निजी विमान सेवा अर्णब-Go, सस्ते चुटकुलों पर हँसने वालों के लिए टिकट मुफ्त

टिकट बुकिंग के दौरान उपभोक्ता को कुणाल कमरा के दो सस्ते एवं निहायत ही घटिया (मतलब कामरा का कोई भी) चुटकुले सुनाए जाएँगे, इसके बाद यदि उपभोक्ता टिकट खिड़की पर हँसते हुए पाया जाता है, तो उसके लिए कुणाल कमरा की इस विमान सेवा में 6 महीने की समयावधि के लिए मुफ्त सफर घोषित किया जाएगा।

संविधान और शरीयत में से शरीयत को चुन चुका है शाहीन बाग़

वास्तविकता आज बुरका पहनकर शाहीन बाग़ में अल्लाह हू अकबर के नारे लगाते हुए पत्रकारों की सामूहिक लिंचिंग कर रही है। सेकुलर शाहीन बाग़ आज ला इलाहा इल्लल्लाह और अल्हम्दुलिल्लाह का स्वर बोल रहा है, और क्योंकि यह स्वर क्रांतिजीवों, JNU-मतावलम्बियों के श्रीमुख से निकला है, इसलिए प्रोग्रेसिव लिबरल भी उनकी हाँ में हाँ मिलाता नजर आ रहा है।

चेहरे पर नकाब, होंठों पर आजादी के नारे, जॉइंट फूँककर हवा में उड़ता है अपना ‘काम’रेड KK

जब से क्रांति कुमार उर्फ़ केके दिल्ली के मशहूर 'विष-विद्यालय' से अपनी सदियों से चली आ रही पीएचडी पूरी कर गाँव लौटा था, तब से वो बुझा-बुझा सा रहने लगा था। गाँव में न गंगा ढाबा का सस्ता किन्तु लजीज खाना था, ना ही सस्ते हॉस्टल और ना ही ढपली बजाने के लिए किसी तरह की कोई सब्सिडी।

सिर्फ ‘तीसरे कैंडिडेट’ की भूमिका में है दिल्ली चुनावों में कॉन्ग्रेस, BJP ही लगा सकती है केजरी के झाँसों में सेंध

अरविन्द केजरीवाल ने लोगों को मुफ्त बिजली और पानी देने के बहाने साफ़ पानी, बिजली की निरंतरता, सस्ता इलाज और अच्छी शिक्षा जैसे कई अन्य बुनियादी जरूरतों की ओर ध्यान ही नहीं जाने दिया है। वहीं भाजपा दिल्ली में सरकार बनाने के एक मौके के इन्तजार में है।

‘तेरा बाप भी देगा आज़ादी’: बच्चों से लगवाए जा रहे देश विरोधी नारे, मौलवियों की धमकियाँ देती हैं खतरे का संदेश

इन वीडियो में 'लिबरल्स' की भीड़ बच्चों को कन्धों पर बिठाकर जो नारे लगवा रही है, वो स्पष्ट करता है कि इस सारे हंगामे का कारण कोई कानून नहीं बल्कि कुछ चुनिंदा लोगों का सत्ता में होना। वीडियो में बच्चा नारे लगाते हुए कहता है- 'हम ले के रहेंगे आज़ादी, तेरा बाप भी देगा आज़ादी, तेरी माँ भी देगी आज़ादी।"