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ભાર્ગવ રાજ્યગુરુ

Being learner, Spiritual, Reader

गिरनार की गोद में शिवत्व का साक्षात्कार: भावनाथ मेले में भीड़ के बीच आत्मिक शांति की अनोखी यात्रा, जानिए मेरा अनुभव

गुजरात के जूनागढ़ के गिरनार पर्वत की तलहटी में महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर भावनाथ महादेव मंदिर में प्रतिवर्ष एक अनूठा मेला लगता है।

गुजरात में अशांत क्षेत्र अधिनियम नाम से विशेष कानून, जो रोकता है सांप्रदायिक तनाव और हिंसा: संपत्ति के लेन-देन में कलेक्टर की अनुमति जरूरी,...

गुजरात में अशांतधारा कानून, हिंसा और सांप्रदायिक तनाव रोकने के लिए लागू, अशांत क्षेत्रों में संपत्ति लेन-देन कलेक्टर की अनुमति से होता है।

अलौकिक प्रकाश, अदृश्य साधकों का वास और दिव्य अनुभव: जानिए गुजरात का गिरनार पर्वत क्यों है हिंदुओं के लिए खास, महाशिवरात्रि पर महादेव करने...

गिरनार का रहस्य चमत्कारों की कहानी नहीं, बल्कि आत्म-साक्षात्कार की यात्रा है। यहाँ सिद्धि का अर्थ किसी अलौकिक शक्ति से नहीं, बल्कि अपने भीतर की पहचान से है।

वेदों के ज्ञान से लेकर पुराणों की कथाओं तक फैली एक परंपरा, जहाँ स्वयं भगवान शिव करते थे निवास: जानें जूनागढ़ के भावनाथ महादेव...

गुजरात के जूनागढ़ में स्थित भावनाथ महादेव मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि हजारों वर्षों से प्रवाहित सनातन चेतना का जीवंत केंद्र है।

भक्ति, तप, सेवा और सत्संग… ‘हर-हर महादेव’ के साथ हुई भावनाथ मेले की शुरुआत: जानिए क्यों कहा जाता है इसे गुजरात का ‘मिनी कुंभ’

गुजरात में भावनाथ का मेला बुधवार (11 फरवरी 2026) से शुरू हुआ। इसकी तैयारियों और विशालता को देखते हुए इसे ‘मिनी कुंभ’ भी कहा जा रहा है।

‘कोर्ट ने केजरीवाल को सभी गुनाहों से किया बरी…’ AAP नेताओं की ‘ईमानदारी’ के शिगूफे का जानिए सच

अरविंद केजरीवाल को कोर्ट ने न तो शराब घोटाले से बरी किया है और न ही मनी लॉन्ड्रिंग मामले से, लेकिन उनके समर्थक ऐसे दिखा रहे हैं जैसे केजरीवाल कोर्ट से पाक साफ निकले हों।

वैदिक सूर्य पूजा और खगोलीय ज्ञान की जीवंत परंपरा, गुजरात के मोढेरा सूर्य मंदिर में ‘उत्तरार्ध महोत्सव’ का आयोजन

उत्तरार्ध महोत्सव में सूर्य पूजा, शास्त्रीय नृत्य, वैदिक परंपरा और सूर्य के जीवनदायिनी महत्व को आधुनिक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

VGRC, समुद्री रोजगार और करोड़ों का निवेश: कैसे राज्य की विस्तारित तटरेखा को ‘ब्लू इकोनॉमी’ से जोड़ रही गुजरात सरकार

नई रिपोर्ट में गुजरात की तटरेखा 1600 KM के बजाय 2340 KM से अधिक आंकी गई है। इसे 'ब्लू इकोनॉमी' से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है।