सबा नकवी की समस्या ये है कि मीडिया में क्यों मुस्लिम दोषियों का नाम उजागर किया गया और योगेंद्र यादव की दिक्कत ये है कि क्यों उनका नाम फ्रंट पेज पर छापा गया।
राहुल गाँधी अक्सर जब हिंदू त्योहारों पर पोस्ट करते हैं तो उनके पोस्टों में हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें पूरी तरह गायब रहती हैं। ऐसे में सवाल तो उठता है कि भगवान के साकार रूप से समस्या क्या है?
उमर एजाज के गिरफ्तार होने के बाद मीडिया में एक सेट पैटर्न के तहत हेडलाइन चलाई गई। जहाँ उमर एजाज का नाम बड़ी चालाकी से शीर्षक से छिपाया गया और भारत का नाम उभार दिया गया।
महिलाओं के साथ बढ़ रहे रेप के मामलों पर कानून को सख्त करने की बात कही जा रही है लेकिन दूषित मानसिकता पर चर्चा भी जरूरी है जिसपर काम किए बिन इन घटनाओं को कम नहीं किया जा सकता।
जया बच्चन को सोचना चाहिए कि उनके नाम के साथ अमिताभ बच्चन का नाम जुड़ने से उनकी उपलब्धियाँ नहीं कम हो जातीं जो उन्होंने अपने दम पर अर्जित की। फिर इतना गुस्सा क्यों?