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जयन्ती मिश्रा

जिस ‘साले’ सद्दाम ने जेल में अशरफ से करवाई शूटरों की मुलाकात, उस पर UP पुलिस ने रखा ₹1 लाख का ईनाम: ‘बहन’ आयशा...

यूपी पुलिस ने बताया कि माफिया अतीक अहमद के साले सद्दाम की गिरफ्तापरी के लिए पुलिस ने ईनाम ₹50,000 से बढ़ाकर 1 लाख रुपए कर दिया है।

हनुमान जयन्ती नहीं, हनुमान जन्मोत्सव कहिए: क्या सच में ‘जयन्ती’ कहना गलत है, क्या ‘मृत व्यक्ति की होती है जयन्ती’ वाले तर्क का कोई...

'हनुमान जयन्ती' के दिन लोग कहते हैं कि हमें इस तिथि को 'जन्मोत्सव' कहना चाहिए...जयन्ती मृत लोगों की होती है जबकि हकीकत यह है कि...

वीर बाल दिवस: 300 साल पहले मुगलों के आगे साहिबजादों ने नहीं झुकाया सिर, कहा- नहीं छोड़ेंगे धर्म, दीवार में चुनवा दो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी साल वीर बाल दिवस मनाने की घोषणा की थी। आज पूरा देश बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के बलिदान को याद कर रहा है।

बैटल ऑफ भोपाल: जब निजाम-मुगल-नवाब-जय सिंह पर अकेले भारी पड़े मराठा, 70 हजार की फौज को धूल चटाई; 5 लाख रुपए दे निजाम और...

285 साल पहले हैदराबाद के निजाम के सामने मराठा ऐसी दीवार बनकर खड़े हुए कि इतिहास में शौर्य का एक नया अध्याय जुड़ गया। इसे बैटल ऑफ भोपाल के नाम से जानते हैं।

अब्बा बनाना चाहते थे पीर, नेहरू ने बना दिया शिक्षा मंत्री: किताबों से मिटाई मुगलों की बर्बरता, तुष्टिकरण का पाठ पढ़ा हिंदुओं को किया...

स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के तौर पर मनाई जाती है। लेकिन इसकी कभी चर्चा नहीं होती कि कैसे उन्होंने पाठ्यपुस्तकों से इस्लामी बर्बरता को गायब करने का काम किया।

मी लॉर्ड! सहमति से सेक्स के साल कई, 16 की उम्र में हमें सुरक्षा और हौसला दो; क्योंकि यह उम्र खुद को शिक्षित और...

16 साल की उम्र लड़की के विकास का समय होता है। इस दौरान उसे वो संभावनाएँ तलाशनी चाहिए कि वो कैसे जीवन में आगे बढ़े, न कि इस गुमान में कि उस पर सेक्स का अधिकार है।

बिदाई, कन्यादान और दीवाली के पटाखे से दिक्कत, मुस्लिमों का महिमामंडन: विज्ञापनों में बॉलीवुड की हिंदू घृणा, बुजुर्गों-बच्चों का इस्तेमाल कर के भी प्रोपेगेंडा

बॉलीवुड में सालों से परोसे जा रहे हिंदूफोबिक कंटेंट की कोई गिनती नहीं है...हर दूसरी तीसरी फिल्म के जरिए बॉलीवुड अपना स्तर दिखा देता है। अब यही हाल इन्होंने विज्ञापनों में है।

सड़कों पर ही नहीं, मंदिर-गुरुद्वारे में भी नमाज पढ़ना है इस्लामी गिरोह का सपना: गणेश उत्सव से राना अयूब को लगी मिर्ची, हिंदू ही...

राना अयूब को शायद दुख है कि आखिर जब मुस्लिम समुदाय खुद ही गणेश पंडाल में नमाज पढ़ आता है तो हिंदुओं को क्या जरूरत ईदगाह में गणेश मूर्ति लगवाने की।