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जयन्ती मिश्रा

दिल्ली के बेगमपुर में शिवशक्ति मंदिर में दर्जनों मूर्तियों का सिर कलम, लोगों ने कहते सुना- ‘सिर काट दिया, सिर काट दिया’

"शिव शक्ति मंदिर में लगभग दर्जन भर देवी-देवताओं का सर कलम करने वाले विधर्मी दुष्ट का दूसरे दिन भी कोई अता-पता नहीं। हिंदुओं की सहिष्णुता की कृपया और परीक्षा ना लें।”

#justiceforkirannegi: CM त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उठाया गैंगरेप पीड़िता के परिवार को इंसाफ दिलाने का बीड़ा, कहा- अब चुप नहीं बैठेंगे

आज सोशल मीडिया के कारण किरण नेगी का यह मामला मुख्यधारा में आया है। उत्तराखंड की बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए सीएम त्रिवेंद्र रावत ने इस पर स्वयं संज्ञान ले लिया है।

दीप्रिंट वालो! ‘लव जिहाद’ हिन्दू राष्ट्र का आधार नहीं, हिन्दू बच्चियों को धोखेबाज मुस्लिमों से बचाने का प्रयास है

लव जिहाद कोई काल्पनिक राक्षस नहीं है। ये वीभत्स हकीकत है। मेरठ में हुआ प्रिया का केस शायद जैनब ने पढ़ा ही नहीं या निकिता के साथ जो तौसीफ ने किया उससे वो आजतक अंजान हैं।

हिंदू कुरीति पर ज्ञान, मुस्लिमों का बहुविवाह ‘रिश्ते की खूबसूरती’: जानें, दैनिक भास्कर पाठकों को कैसे बनाता है बीमार

कोना प्रथा की कुरीति पर दैनिक भास्कर के सवाल जायज हैं। लेकिन, उसी अखबार के लिए मजहबी कुरीति क्यों 'रिश्ते की खूबसूरती' हो जाती है?

मेवात: मुस्लिम लड़कियों को D.ED में 50% आरक्षण, VHP ने जताई ‘हिंदू विरोधी’ विज्ञापन पर आपत्ति

"ऐसा 2005 से चला आ रहा है। अन्य जिलों की तुलना में पिछड़ा होने के कारण मेवात में इस नियम को लाया गया था और इसे उभारने के लिए मेवात विकास अभिकरण को भी अस्तित्व में लाया गया था।"

मंदिर जाते मुरारी को फैसल और परवीन ने दी धमकी – ‘गोली मार देंगे, मेवात में रहना है तो हमें सलाम करो’

"हमें ये मंदिर जाते समय मोटरसाइकिल पर आकर घेर लेते हैं और गाली-गलौच करते हैं। इनके कारण कई लोगों ने मंदिर जाना बंद कर दिया है।"

बाहर पुलिस, घर में घुसे ‘खेद जताने’ कुछ मजहबी लोग, राहुल के पिता ने कहा – ‘अपने बच्चों की मानसिकता सुधारो, सबकी मदद हो...

कुछ लोग उनके घर के अंदर घुस आए। उन्होंने मदद की बात की। इस पर राहुल के पिता ने कहा कि वह बस अपने बच्चों की मानसिकता को सुधार लें...

कश्मीरी हिन्दुओं के लिए भारत ही नहीं शेख के यार नेहरू की नाराजगी को भी चुना था महाराजा हरि सिंह ने, आज ही के...

महाराजा हरि सिंह को नेहरू का शेख अब्दुल्ला के साथ मैत्रीपूर्ण बर्ताव बिलकुल नहीं पसंद था। जबकि जिन्ना को लग रहा था कि J&K की बहुसंख्यक आबादी के कारण महाराजा उनके साथ ही शामिल होंगे।