कॉन्ग्रेस को शाहरुख याद नहीं है। लेकिन, जामिया में गोली चलाने वाले नाबालिग का चेहरा दिखाने से उसे गुरेज नहीं। क्यों? सिर्फ इसलिए कि वह नाबालिग एक हिंदू था।
राकेश टिकैत सिर्फ पिता का कहा नहीं भूले हैं। वे अपनी कही बातों से भी पीछे हटे हैं। उन्हीं सुधारों का विरोध कर रहे हैं जिसकी जून में प्रशंसा की। पिछले साल माँग की थी।