राकेश टिकैत सिर्फ पिता का कहा नहीं भूले हैं। वे अपनी कही बातों से भी पीछे हटे हैं। उन्हीं सुधारों का विरोध कर रहे हैं जिसकी जून में प्रशंसा की। पिछले साल माँग की थी।
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा का लंबा इतिहास रहा है। हिंसा के लिए कुख्यात वामपंथी दलों ने इस 'संस्कृति' को पाला-पोसा और अब TMC इसे हथियार बना रही है।