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जयन्ती मिश्रा

किसानों के नाम पर फरेब की खेती: पिता ही नहीं, खुद का भी कहा भूले BKU वाले राकेश टिकैत; पलटी मारने के ये रहे...

राकेश टिकैत सिर्फ पिता का कहा नहीं भूले हैं। वे अपनी कही बातों से भी पीछे हटे हैं। उन्हीं सुधारों का विरोध कर रहे हैं जिसकी जून में प्रशंसा की। पिछले साल माँग की थी।

2 दिसंबर को शादी, 9 को दुर्गा मंदिर जाते वक़्त सद्दाम ने अगवा किया: अब तक सुराग नहीं, धर्म परिवर्तन का जताया जा रहा...

“अब क्या करोगे...अब तो समाज आ गया” यही वह लाइन है जो सद्दाम के परिजनों ने एक-दूसरे से कहा, जब पीड़ित परिवार के लोग और पड़ोसी उनके घर पहुँचे।

कभी वामपंथी गुंडों की पिटाई के बाद व्हीलचेयर पर संसद लाई गईं ममता बनर्जी काँप रहीं थी, आज कर रहीं- चड्डा, नड्डा, फड्डा…

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा का लंबा इतिहास रहा है। हिंसा के लिए कुख्यात वामपंथी दलों ने इस 'संस्कृति' को पाला-पोसा और अब TMC इसे हथियार बना रही है।

विरोध कृषि कानूनों का, पैदावार नफरत की: किसानों की आड़ में उमर खालिद और शरजील को समर्थन के मायने

किसान आंदोलन के पीछे छिपी मंशा पर सवाल बेवजह नहीं है। चाहे वह खालिस्तानी ताकतों की घुसपैठ हो या फिर उमर खालिद और शरजील इमाम के लिए दिखा समर्थन।

वंदे मातरम का मंच से ही विरोध कर दिया था कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मो. जौहर ने, बोया था जामिया का बीज, जहाँ गूँजता है नारा-ए-तकबीर

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मो. जौहर ने जब मुस्लिम लीग जॉइन की तो उन्होंने जहर उगलते हुए कहा था कि गाँधी से अच्छा तो कोई व्यभिचारी मुसलमान है।

नारीवादियो तेरा कुछ नहीं जाता, पर सितारा परवीन जैसों के लिए बेड़ी बन जाती है जायरा वसीम और सना खान की ‘घर वापसी’

नारीवाद का झंडा बुलंद करने वालों को सना, जायरा वसीम, हलीमा के फैसलों में पितृसत्ता क्यों नहीं दिखती?

‘बाबरी मस्जिद… भगवान का घर तोड़ना पाप’ – शब्दों से खेल रही स्वरा भास्कर की हिंदी कमजोर या है पाखंड?

स्वरा जैसों का प्रयास आज भी वही है कि राम मंदिर बनने के बाद सेकुलर हिंदू उसमें जाए और मंदिर में बैठकर अल्लाह से माफी माँगे।

हिंदू बेईमान, मुसलमान महान और योद्धा: भारत को लेकर विंस्टन चर्चिल की सोच, जिसने मारे 40-45 लाख निर्दोष लोग

विंस्टन चर्चिल भारत के आदिवासियों के खिलाफ रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल कराना चाहता था। चर्चिल ने एक आतंरिक मेमो भेजा था, जिसमें...