70 साल के विनोद मिश्रा उस इस्लामी भीड़ की हिंसा के पीड़ित हैं, जिसने रामगोपाल मिश्रा की हत्या की। लेकिन बहराइच पुलिस उन जैसे चश्मदीदों के कहे की जाँच करने की जगह मीडिया संस्थानों को धमकाने पर उतारू है।
अमृता देवी समेत 363 बिश्नोइयों का बलिदान देख महाराजा अभय सिंह ने आदेश जारी किया कि बिश्नोइयों के ग्रामों के आसपास न पेड़ काटे जाएँगे और न जानवर मारे जाएँगे।
पहली बार नहीं है कि किसी मामले को लेकर बड़ी टेक कंपनियों के वामपंथी रवैये पर सवाल खड़ा किया जा रहा हो। इनका प्रभाव फेसबुक पोस्ट से लेकर इंस्टा की रीच तक पर आप देख सकते हैं।