अमृता देवी समेत 363 बिश्नोइयों का बलिदान देख महाराजा अभय सिंह ने आदेश जारी किया कि बिश्नोइयों के ग्रामों के आसपास न पेड़ काटे जाएँगे और न जानवर मारे जाएँगे।
पहली बार नहीं है कि किसी मामले को लेकर बड़ी टेक कंपनियों के वामपंथी रवैये पर सवाल खड़ा किया जा रहा हो। इनका प्रभाव फेसबुक पोस्ट से लेकर इंस्टा की रीच तक पर आप देख सकते हैं।
मिथुन मिश्रा ने कुछ दिन पहले अपने चैनल पर ईसाई धर्मांतरण गिरोह की पोल खोली थी। इसके बाद उन्होंने बिहार बाढ़ पर रिपोर्टिंग करके लोगों का दर्द दर्शकों को दिखाया था।
जिस फ्रांसिस जेवियर को 'संत' कह प्रचारित किया जाता है, उसका गोवा की डेमोग्राफी बदलने में बड़ा योगदान है। जानिए कैसे हिंदुओं को धर्मांतरण नहीं करने पर यातना दी गई, कैसे मंदिरों की पहचान मिटाई गई?
लिबरल-वामपंथी गैग कहती है कि लव जिहाद जैसा कुछ नहीं है... अगर ये सच है तो फिर क्यों नाम छिपा कर लड़कियों को फँसाया जाता है और फिर उनपर इस्लाम कबूलने का दबाव बनाया जाता है।
हिज्बुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह की मौत पर वामपंथी मीडिया को उतना ही दुख है जितना उन्हें कभी बगदादी और लादेन की मौत पर हुआ था और उन्होंने उनके लिए संवेदना बटोरने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।