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केशव मालान

Senior Reporter

भीम-मीम का नया शिगूफा: जो विशेष मजहब खुद को हिंदुस्तानी नहीं मानते वे आंबेडकरवादी क्या बनेंगे

उदित ने खुद को मुस्लिम हितैशी साबित करते हुए कुछ आँसू अपनी हथेली पर गिराए और लिखा, "बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान से प्रताड़ित मुस्लिम भारत में नागरिकता नहीं ले सकते। बाकी शेष अन्य धर्म के लोगों के लिए भारतीय नागरिकता का दरवाजा खुला है। इससे दलित समाज भावुक रूप से आहत हुआ।"

‘द लायर’ ने पैदा किए ‘मुस्लिम पीड़ित’, बिना सबूत कहा ‘जय श्री राम’ कहने वालों ने किया मोलेस्ट

खबर के अंत में लिखे गए एक पैराग्राफ को पढ़कर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि किस तरह से 'जय श्री राम' के प्रयोग से हिंदुओं को न सिर्फ दंगाई बताया गया बल्कि अपनी चापलूसी की सारी हदों को पार कर खबर में अश्लीलता भी परोसी गई कि हिंदुओं ने ही मुस्लिम महिलाओं के सामने अपने पैंट उतारे और उनको अपना लिंग दिखाया।

Holi: कहीं लड्डू मार तो कहीं होली पर लड़की भागकर करती है शादी, लोग अंगारों पर चलकर मनाते हैं रंगोत्सव

ब्रज क्षेत्र में फाल्गुन माह लगते ही होली की शुरूआत हो जाती है, लेकिन इसके सबसे खास बरसाने की लड्डू मार होली और लट्ठ मार होली मानी जाती है। वृंदावन मथुरा और खासकर बरसाना में मनाई जाने वाली लट्ठ मार होली और लड्डू मार होली को देखने के लिए देश-विदेश से लाखों की भीड़ एकत्र होती है।

महीनों से हिंदुओं पर हमले की योजना बना रही मुस्लिम भीड़ आख़िर पीड़ित कैसे? – 10 कहानियों से साफ होती तस्वीर

दिल्ली हिंदू विरोधी दंगों में छोटे से लेकर बड़े तक, जवान से लेकर बूढ़े तक और महिलाओं से लेकर बच्चों तक - हर कोई शामिल था। इसे देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यह लड़ाई एक दिन या CAA विरोध की नहीं बल्कि गजवा-ए-हिंद के सपने को साकार करने की थी।

बरसाने की लट्ठ मार होली देखने पहुँचे देश-विदेश से लाखों लोग, नंदगाँव के हुरियारों पर सखियों ने बरसाईं प्रेम की लाठियाँ

बरसाना से रवाना होते ही दूर दराज से पहुँच रहे लोगों की भीड़ जुटना शुरू हो जाती है। कोई बरसाना में मौजूद मंदिरों के दर्शन कर रहा था तो कोई मंदिरों में खेले जाने वाली लड्डू मार होली का आनंद ले रहा था। यही क्रम देर रात तक चलता रहा।

‘हमें ज़िंदा रहना है, ‘उन पर’ FIR कराने के बाद यह परिवार ज़िंदा बचेगा?’ – हिंदुओं के डर के 5 खौफनाक सबूत

हिंदुओं के डर के 5 खौफनाक सबूत - 1) हिंदू विरोधी हिंसा में मारे गए राहुल ठाकुर का सुनसान बृजपुरी इलाका 2) शिव विहार में मारे गए आलोक तिवारी के परिवार की FIR से मनाही 3) गायब हुए धर्मेन्द्र की गली में लटके ताले 4) जोहरीपुर में माथे में ड्रिल घुसे विवेक की माँ का बात करने से इंकार 5) जाफराबाद से किराएदारों का पलायन!

स्कूल से पहले चले गए थे दूसरे मजहब के बच्चे, हिन्दू बच्चों को बनाया बंधक: दंगाइयों ने मुआवजे के लिए ख़ुद की दुकानें तोड़ीं

जहाँ भी उन्हें लगा कि बीमा और सरकारी मुआवजे का लाभ मिल सकता है, वहाँ दुकान से दो फर्नीचर बाहर निकाले और खुद ही लगा दी आग। उनकी तैयारी इतनी तगड़ी थी कि दूसरे मजहब के लोग अपने बच्चों को काफ़ी पहले ही स्कूल से ले गए और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिया था।

‘मारो सालों को’: मेरी आँखों के सामने मेरे दोस्त की गर्दन में गोली मार दी, दुकान लूट कर फूँक डाला

"दंगाइयों ने फिर से दुकान पर धावा बोल दिया। पहले तो दुकान में जमकर लूटपाट की ओर फिर देखते ही देखते उसे आग के हवाले कर दिया। इसी बीच पता चला कि गोदाम में रहने वाले हमारे कर्मचारी दिलबर नेगी के हाथ पैर काट कर उसे मार दिया गया।"