"निचले स्तर के ब्राह्मण को मंदिर में जाने की अनुमति नहीं थी और आज दलित के साथ ठीक वैसा ही हो रहा है। इसलिए जब लोगों (हिंदुओं) ने देखा कि जब इस्लाम में कोई भेदभाव नहीं है तो उन्होंने इसे कबूल किया।"
टीजर में मुरली शर्मा कहते हैं, "अगर नागेश्वर राजनीति में जाता तो अपने तेज दिमाग से चुनाव जीत जाता। अगर वो स्पोर्ट्स में जाता तो दौड़ कर भारत के लिए मेडल जीत जाता, अगर सेना में जाता तो अपनी बहादुरी से देश के लिए युद्ध जीत जाता।"