जैसे ही कनफ़्यूज़न ख़त्म हुआ, पाक फाइटर जेट्स ने स्पाइसजेट को अपने एयरस्पेस से बाहर तक जाने का रास्ता दिया और तब तक उसके साथ रहे जब तक वह अफ़ग़ानिस्तान की सीमा में दाखिल नहीं हो गया। DGCA की तरफ़ से इस बात की पुष्टि की गई है।
मनमोहन सिंह ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा कॉन्ग्रेस कार्यकाल में बैंकिंग सिस्टम हुई गड़बड़ी पर लगाए आरोपों को स्वीकारा। उन्होंने मान लिया कि कॉन्ग्रेस के कार्यकाल में गलती हुई। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस के राज में जो हुआ, वह कमजोरियाँ थीं। लेकिन वर्तमान सरकार को हमारी कमजोरियों से सीखकर अर्थव्यवस्था की समस्याओं से निबटना चाहिए।
दक्षिणी कश्मीर में पिछले 48 घंटों में यह तीसरी घटना है, जिनमें आतंकियों ने दहशत फैलाने के मंशा से हमले किए। इन तीन घटनाओं में जम्मू-कश्मीर के बाहर के तीन लोग संदिग्ध आतंकवादियों द्वारा मारे गए। सोमवार (14 अक्टूबर) की रात शोपियां के शिरमाल के सुंधु गाँव में राजस्थान के एक ट्रक चालक शेरी ख़ान की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
"वक्त आ गया है, जब देश के इतिहासकारों को इतिहास नए नजरिए से लिखना चाहिए। उन लोगों के साथ बहस में नहीं पड़ना चाहिए, जिन्होंने पहले इतिहास लिखा है। उन्होंने जो कुछ भी लिखा है, उसे रहने दीजिए। हमें सत्य को खोजना चाहिए और उसे लिखना चाहिए।"
पत्र में इंदिरा गाँधी ने न केवल सावरकर को "भारत का विशिष्ट पुत्र" बताया था, बल्कि यह भी कहा था कि उनका ब्रिटिश सरकार से निर्भीक संघर्ष स्वतन्त्रता संग्राम के इतिहास में अपना खुद का महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
मुंबई में हमलों के तुरंत बाद शरद पवार दूरदर्शन स्टूडियो पहुँचे और घोषणा की कि कुल 13 विस्फोट हुए। उन्होंने जिस विस्फोट का अविष्कार किया उसके बारे में उन्होंने बताया कि वो एक मस्जिद में हुआ था। श्रीकृष्ण आयोग के सामने गवाही देते हुए, पवार ने LTTE पर बम विस्फोट का आरोप मढ़ने कोशिश की।
"इसके बाद सुदीप्तो ने मुझे आँखे बंद कर लेट जाने को कहा। साथ ही ऊपर के रेप सीन संबंधी डायलॉग बोलने को कहा। इसके बाद उन्होंने मुझे उंगलियों से छूना शुरू किया और कहा कि उनकी छुअन को सेंस करते हुए डायलॉग बोलूँ। फिर अचानक से उस शख्स ने..."
बुधवार को हुई छापेमारी में पुलिस ने 500 बच्चों और पुरुषों को आजाद करवाया। इनमें से अधिकतर को जंजीरों से बाँधकर रखा गया था। इनका यौन शोषण किया जाता था। इनसे मारपीट की जाती थी। इसके अलावा इन्हें हर अकल्पनीय प्रताड़ना दी जाती थी।