ग्रिल्स जब बाघ के संभावित हमले से बचने के लिए भाले जैसा हथियार देते हैं तो मोदी कहते हैं, “मेरे संस्कार किसी को मारने की इजाजत नहीं देते हैं, लेकिन फिर भी मैं आपके लिए इसे (भाले) पकड़ लेता हूँ।”
कश्मीर में अनुच्छेद-370 के कुछ प्रावधानों के निष्क्रिय होने के बाद से पाकिस्तानियों को ज़ाहिर तौर पर सदमा लगा है। और इसी सदमे की प्रतिक्रिया में इमरान खान सरकार ने कई कदम उठाए हैं, जिनका आखिर में नुकसान हमेशा की ही तरह उन्हें ही उठाना पड़ेगा।
8 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 370 पर राष्ट्रपति के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। न्यायालय ने याचिकाकर्ता से कहा था कि उनकी याचिका पर नियत समय पर ही सुनवाई होगी।
गृह मंत्रालय ने अपने ट्वीट में कहा कि रायटर्स और डॉन में छपी खबरों में इस तरह के दावे किए गए कि श्रीनगर में 10,000 लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। यह पूरी तरह मनगढ़ंत है। श्रीनगर और बारामूला में छिटपुट प्रदर्शन हुए, लेकिन इसमें 20 से अधिक लोग नहीं थे।
संजय सेठ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष थे। वे यूपी के बड़े बिल्डर्स में से एक हैं। बताया जाता है कि वे मुलायम सिंह के छोटे बेटे प्रतीक यादव के बिज़नेस पार्टनर भी हैं।
पाकिस्तान के Addl IGP डॉ. जमील अहमद ने 'बेचारे कश्मीरियों के मानवाधिकार का हनन' के अपने प्रोपगेंडा को हवा देने के लिए हिन्दुस्तान की सरकार को 'अमानवीय' करार देने वाले बरखा दत्त के ट्वीट को शेयर किया है। यह प्रोपगेंडा भारत के खिलाफ पाकिस्तान वर्षों से चला रहा है और बरखा के बयान कई मौकों पर उनके काम आए हैं।
तीन तलाक़ को अपराध बनाने वाले बिल पर हाल ही में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हस्ताक्षर किया था। 19 सितंबर 2018 के बाद जितने भी मामले तीन तलाक से संबंधित आए हैं, उन सभी का निपटारा इसी कानून के तहत किया जाएगा।
मीडिया ने हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर के बयान को ग़लत तरीके से पेश किया। उन्होंने हरियाणा में सुधरते लिंगानुपात की बात करते हुए 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' की सफलता की चर्चा की। लेकिन कई मीडिया पोर्टल्स ने इसे इस तरह पेश किया जैसे खट्टर ने कश्मीर से लड़कियों को बहू बना कर लाने की बात कही हो।