53555 कुल लेख

ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

J&K में माहौल शांतिपूर्ण, जनता ने अनुच्छेद 370 पर सरकार के फ़ैसले का किया स्वागत

राज्य में स्थिति अभी संतोषप्रद है। बिजली और पानी से जुड़ी सेवाएँ सही से कार्य कर रही हैं और लोग रोजमर्रा की जरूरतों के सामान ख़रीदने के लिए घरों से निकल रहे हैं। सभी अस्पतालों में नियमित क्रियाकलाप चल रहे हैं।

मोदी है तो मुमकिन है: संसद में कामकाज का बना रिकॉर्ड, कई ऐतिहासिक विधेयक पास

राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने बताया कि इस बार कुल 35 बैठकें हुईं और 104.92 प्रतिशत कामकाज हुआ। वहीं, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि यह 1952 के बाद सबसे स्वर्णिम सत्र रहा है। इसमें 134 फीसदी कामकाज हुआ।

370 पर पड़ोसी और इस्लामिक मुल्क साथ, कहा- J&K भारत का आंतरिक मसला

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साफ़ कर दिया कि जब सरकार जम्मू कश्मीर की बात करती है तब वह न सिर्फ़ जम्मू, कश्मीर और लद्दाख बल्कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की भी बात करती है। पाकिस्तान में इस निर्णय से बौखलाहट का माहौल है।

जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को राष्ट्रपति ने किया निरस्त

भाजपा नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने और राज्य को दो केन्द्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांटने का प्रस्ताव पेश किया था।

क़ुरान जलाने वाला कांड: मस्जिद केयरटेकर शौकत अली ने ही जलाई थी पुस्तक, विक्की को चाहता था फँसाना

मस्जिद के केयरटेकर शौकत अली की शरीफ मोहम्मद से दुश्मनी थी और बदले की भावना से उसे फँसाने के लिए उसने ऐसा किया। वह इस बात से नाराज था कि मोहम्मद उससे ज्यादा रुपए कमा रहा है।

कश्मीरियत के नाम पर 370 का रोना रोने वालों को आइना दिखाता Video, आम जनजीवन बेअसर

आशंका जताई जा रही थी कि 370 के बहाने अलगाववादी और राज्य के नेता लोगों को भड़काने का काम कर सकते हैं। फिलहाल घाटी पूरी तरह शांत है। हालॉंकि अभी सुरक्षा बलों की तैनाती में कटौती के कोई संकेत नहीं हैं।

J&K : महबूबा, उमर अब्दुल्ला समेत 100 से अधिक नेता-कार्यकर्ता गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद इन नेताओं की गिरफ्तारियाँ हुईं हैं। सुरक्षा के लिहाज से यहाँ इंटरनेट कनेक्शन और मोबाइल सेवा अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। साथ ही धारा 144 भी लागू है।

SC ने माँगा निर्मोही अखाड़ा से जमीन पर दावे का सबूत, जवाब मिला- 1982 में डकैत ले गए

सुनवाई के दौरान जजों ने निर्मोही अखाड़ा से पूछा कि क्या आपके पास इस बात को कोई सबूत हैं जिससे आप साबित कर सके कि राम जन्मभूमि की जमीन पर आपका कब्जा है? इसके जवाब में निर्मोही अखाड़ा ने कहा कि 1982 में एक डकैती हुई थी, जिसमें उनके कागजात खो गए। इसके बाद जजों ने निर्मोही अखाड़ा से अन्य सबूत पेश करने को कहा।