Saturday, June 15, 2024
Homeदेश-समाजSC ने माँगा निर्मोही अखाड़ा से जमीन पर दावे का सबूत, जवाब मिला-...

SC ने माँगा निर्मोही अखाड़ा से जमीन पर दावे का सबूत, जवाब मिला- 1982 में डकैत ले गए

जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि आप बिना मालिकाना हक के पूजा-अर्चना कर सकते हैं, लेकिन पूजा करना और मालिकाना हक जताना अलग-अलग बात है।

अयोध्या में रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर मंगलवार (अगस्त 07, 2019) से सुप्रीम कोर्ट में रोजाना सुनवाई शुरू हो गई है। इस दौरान कोर्ट ने निर्मोही अखाड़ा से रामजन्मभूमि पर अपना अधिकार साबित करने के लिए दस्तावेज माँगे। इस पर अखाड़ा ने कहा कि 1982 में वहाँ डकैती हुई, जिसमें सारे दस्तावेज गायब हो गए।

ये इस अंतिम सुनवाई का दूसरा दिन है। मंगलवार को निर्मोही अखाड़ा ने पूरी विवादित 2.77 एकड़ जमीन पर अपने नियंत्रण की माँग की थी दूसरे दिन भी निर्मोही अखाड़ा अपनी दलीलें अदालत के सामने रख रहा है। अखाड़ा इस वक्त मामले का इतिहास अदालत को समझा रहा है।

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई में 5 जजों की पीठ इस मामले को सुन रही है। आज एक बार फिर ये सुनवाई आगे बढ़ रही है। मंगलवार को निर्मोही अखाड़े की तरफ से दलीलें रखी गईं और जमीन पर मालिकाना हक माँगा था। हालाँकि, अभी दूसरे पक्ष की ओर से दलीलें रखना बाकी है।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जजों ने निर्मोही अखाड़ा से पूछा कि क्या आपके पास इस बात को कोई सबूत हैं जिससे आप साबित कर सके कि राम जन्मभूमि की जमीन पर आपका कब्जा है? इसके जवाब में निर्मोही अखाड़ा ने कहा कि 1982 में एक डकैती हुई थी, जिसमें उनके कागजात खो गए। इसके बाद जजों ने निर्मोही अखाड़ा से अन्य सबूत पेश करने को कहा।

निर्मोही अखाड़ा ने कहा कि इस मामले में वे असहाय हैं। वर्ष 1982 में अखाड़े में एक डकैती में उन्होंने उस समय पैसे के साथ उक्त दस्तावेजों को भी खो दिया था। इस पर चीफ जस्टिस (CJI) ने पूछा- क्या अन्य सबूत जुटाने के लिए केस से जुड़े दस्तावेजों में फेरबदल किया गया था?

जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि आप बिना मालिकाना हक के पूजा-अर्चना कर सकते हैं, लेकिन पूजा करना और मालिकाना हक जताना अलग-अलग बात है। निर्मोही अखाड़ा की तरफ से वकील ने कहा कि सूट फाइल करने का मकसद ये था कि हम अंदर के कोर्टयार्ड में अपना हक जता सकें।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

आतंकवाद का बखान, अलगाववाद को खुलेआम बढ़ावा और पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा को बढ़ावा : पढ़ें- अरुँधति रॉय का 2010 वो भाषण, जिसकी वजह से UAPA...

अरुँधति रॉय ने इस सेमिनार में 15 मिनट लंबा भाषण दिया था, जिसमें उन्होंने भारत देश के खिलाफ जमकर जहर उगला था।

कर्नाटक में बढ़ाए गए पेट्रोल-डीजल के दाम: लोकसभा चुनाव खत्म होते ही कॉन्ग्रेस ने शुरू की ‘वसूली’, जनता पर टैक्स का भार बढ़ा कर...

अभी तक बेंगलुरु में पेट्रोल 99.84 रुपये प्रति लीटर और डीजल 85.93 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था, लेकिन नए आदेश के बाद बढ़ी हुई कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -