बरखा दत्त के उनकी पत्नी पर गाली-गलौज का आरोप लगाने और पत्रकारों को आनन-फानन में निकाले जाने की खबरों के बीच उनके चैनल के एक सीनियर प्रोड्यूसर पर एक महिला जर्नलिस्ट ने अभद्र संदेश वॉट्सऍप पर भेजने का आरोप लगाया है।
राँची की अदालत ने ऋचा भारती वाले मामले में दिया गया 'कुरान बाँटने' वाला आदेश वापस ले लिया है। अदालत ने यह निर्णय इस केस की जाँच कर रहे इन्वेस्टीगेशन अधिकारी के निवेदन पर लिया।
सरकार घुसपैठियों को बाहर निकालने के लिए बहुआयामी तरीकों पर काम कर रही है। सीमा पर फेंसिंग कराने, फ्लड लाइट्स लगवाने, सीमा पर अच्छी सड़कें बनवाने और आउटपोस्ट्स स्थापित करने सम्बन्धी कई निर्णय लिए गए हैं।
पटना विशेष शाखा के एसपी ने बीते साल मई में सभी डीएसपी को पत्र भेज कर एक सप्ताह के भीतर संघ और उससे जुड़े संगठनों के पदाधिकारियों का ब्यौरा उपलब्ध कराने को कहा था। हालॉंकि सरकार के इस फैसले की वजह क्या थी यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
55 साल के मुस्लिम व्यक्ति को उसके समुदाय के कुछ युवकों ने घर में घुसकर सिर्फ़ इसलिए पीटा था क्योंकि वह अपने घर में बैठकर हिंदुओं की धार्मिक पुस्तक ‘गीता’ पढ़ रहा था। दोनों ही आरोपितों को अदालत द्वारा बिना शर्त जमानत दे दी गई है।
अंतरजातीय विवाह पर रोक का समर्थन करने वाली जेनीबेन ने पहली बार विवादित बयान नहीं दिया है। पिछले साल किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने उनकी दुर्दशा के लिए भाजपा नेताओं की हत्या की बात कही थी।
"सांप्रदायिक समरसता को बनाए रखना लोगों की जिम्मेदारी है, इसीलिए कोर्ट का कुरान बाँटने वाला आदेश बिलकुल सही है। अदालत के इस आदेश के बाद ऋचा को इस्लाम के बारे में बहुत कुछ समझने को मिलेगा।"