मायावती के भाई की ₹400 करोड़ की संपत्ति जब्त: क्लर्क से ₹1316 करोड़ के मालिक बनने की कहानी

कभी नोएडा प्राधिकरण में क्लर्क के पद पर कार्यरत रहे आनंद कुमार की संपत्ति तब से अचानक बढ़नी शुरू हो गई, जब मायावती ने सत्ता संभाली। आनंद कुमार पर फ़र्ज़ी कम्पनियाँ बना कर...

मायावती के परिवार के ख़िलाफ़ चल रहे बेनामी संपत्ति के मामलों में आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार (जुलाई 18, 2019) को आयकर विभाग ने बसपा सुप्रीमो के भाई व भाभी के एक क़ीमती प्लॉट को जब्त किया है, जिससे मायावती की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस प्लॉट की क़ीमत 400 करोड़ रुपए से अभी अधिक बताई जा रही है। नोएडा में स्थित ये प्लॉट 7 एकड़ का है। इसे जब्त करने का आदेश मंगलवार (जुलाई 16, 2019) को ही जारी किया जा चुका है।

मायावती के भाई आनंद कुमार और भाभी विचित्र लता के ख़िलाफ़ पहले से ही कई मामले चल रहे हैं। मायवती के भतीजे को लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान कई मंचों पर बसपा की तरफ से अहम भूमिका में देखा गया, जिसके बाद यह कयास लगने शुरू हो गए थे कि बसपा में उन्हें भविष्य में और बड़ी भूमिका दी जा सकती है। मायवती ने हाल ही में अपने भाई आनंद कुमार को पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया था और भतीजे आकाश को नेशनल कोऑर्डिनेटर।

कभी नोएडा प्राधिकरण में क्लर्क के पद पर कार्यरत रहे आनंद कुमार की संपत्ति तब से अचानक बढ़नी शुरू हो गई, जब मायावती ने सत्ता संभाली। आनंद कुमार पर फ़र्ज़ी कम्पनियाँ बना कर करोड़ों रुपए के लोन लेने का भी आरोप है। 2007 में जब मायावती ने अपनी पार्टी को मिली पूर्ण बहुमत के बाद सत्ता संभाली, उसके बाद उनके भाई आनंद ने एक के बाद एक कुल 49 नई कम्पनियाँ खोलीं। 2014 में उनकी संपत्ति 1316 करोड़ रुपए आँकी गई थी।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

इतना ही नहीं, आनंद पर रियल एस्टेट में निवेश कर करोड़ों का अवैध मुनाफा कमाने का भी आरोप है। इस मामले में इनकम टैक्स विभाग और प्रवर्तन निदेशालय, दोनों सरकारी एजेंसियाँ जाँच कर रही हैं। उनके घर एवं दफ्तरों पर कई बार छापे पड़ चुके हैं। नोटबंदी के दौरान भी उनके बैंक खाते में धोखाधड़ी की बातें सामने आई थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भविष्य में आनंद कुमार की कई अन्य सम्पत्तियों को भी जब्त किया जा सकता है।

कुल मिला कर देखें तो मायावती के भाई की संपत्ति में 2007 से लेकर 2014 तक 7 वर्षों में 18,000% की वृद्धि दर्ज की गई। तमाम आरोपों के बावजूद मायावती द्वारा आनंद कुमार को पार्टी में अहम पद देना चर्चित विषय बना हुआ है।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

सबरीमाला मंदिर
सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के अवाला जस्टिस खानविलकर और जस्टिस इंदू मल्होत्रा ने इस मामले को बड़ी बेंच के पास भेजने के पक्ष में अपना मत सुनाया। जबकि पीठ में मौजूद जस्टिस चंद्रचूड़ और जस्टिस नरीमन ने सबरीमाला समीक्षा याचिका पर असंतोष व्यक्त किया।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

112,578फैंसलाइक करें
22,402फॉलोवर्सफॉलो करें
117,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: