स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने ज़मानत के लिए शर्तें भी रखी। मामले के दोनों ही आरोपित बिना अदालत की पूर्व अनुमति के देश छोड़ कर नहीं जा सकते। दोनों को ही जब भी बुलाया जाएगा, उन्हें आकर जाँच में सहयोग करना पड़ेगा।
"मुझे इस बात का अफसोस है कि 1962 का चीनी आक्रमण पूर्वोत्तर भारत के इतिहास में एक बहुत बड़ी घटना होने के बावजूद इसे ना तो लोकप्रिय संस्कृति में, ना ही किताबों में चित्रित किया गया और ना ही फिल्मों में दिखाया गया।"
राजस्थान ड्रग्स वॉचडॉग ने ड्रग्स ऑफिसर से नोटिस में कहा है कि इन स्टॉक्स को किसी के भी द्वारा इस्तेमाल न किया जाए। इसके साथ ही आदेश दिया गया है कि इन्हें मौजूदा स्टॉक मार्केट से भी हटाया जाए।
"जब आपने हिन्दू आतंकवाद शब्द सुना तो आपको गहरी चोट पहुँची थी कि नहीं? हज़ारों साल के इतिहास में हिन्दू कभी आतंकवाद करे, ऐसी एक भी घटना नहीं है। अंग्रेजों ने भी कभी हिन्दुओं के हिंसक होने का जिक्र नहीं किया। कॉन्ग्रेस ने ये पाप किया।"
एजेंट ने तथाकथित तौर पर गाली दी, अभद्रता की। जब इसकी शिकायत की गई तो कंपनी ने पीड़ित महिला को “Sorry” नोट थमाते हुए ₹200 के कूपन दे कर मामला रफा-दफा करने का प्रयास किया।
आईटी विभाग ने स्पष्ट किया है कि उन्हें वेल्लोर के ज़िला निर्वाचन अधिकारी द्वारा बुलाया गया था और राज्य पुलिस प्रमुख द्वारा जारी आधिकारिक ज्ञापन प्राप्त करने के बाद ही छापेमारी की गई।
"देवी सीता यहीं ठहरी थीं। उनकी याद में आज भी सीताकुंड घाट है। सुल्तानपुर के गजेटियर में भी इस बात का उल्लेख है कि इसका नाम कुशभवनपुर ही था। बाद में मुगल शासकों ने इसका नाम बदल दिया था।"