पाकिस्तान को बड़ा झटका, विश्व बैंक ने रोका 20 करोड़ डॉलर का प्रोजेक्ट

बलूचिस्तान प्रांत को पाकिस्तान में सबसे खराब स्वास्थ्य सूचक माना जाता है। यहाँ पर लगभग 62 प्रतिशत आबादी के पास पीने के लिए साफ पानी तक नहीं है।

पाकिस्तान इन दिनों लगातार आर्थिक संकट से जूझ रहा है। वो इन परिस्थितियों से उबरने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इन बीच उस देश को एक और झटका लगा है। दरअसल, पाकिस्तान ने विश्व बैंक से बलूचिस्तान में जल संसाधन परियोजना के लिए 20 करोड़ अमेरिकी डॉलर कर्ज की माँग की थी, जिसके लिए विश्व बैंक ने मना कर दिया है।

बता दें कि पाकिस्तान में बलूचिस्तान का हाल बहुत ही खराब है। यहाँ पर रहने वाली 62 प्रतिशत आबादी को पीने का साफ जल उपलब्ध नहीं है। इसी के मद्देनज़र इस परियोजना की शुरुआत की गई, जिससे कि यहाँ के लोगों के पानी पीने की सुविधा उपलब्ध हो सके और साथ ही सिंचाई के लिए भी जल का भी प्रबंध हो सके। इसके जरिए लगभग 42,800 फार्म हाउस परियोजना को लाभ मिलने वाला है और साथ ही प्रांत की हाइड्रो-मौसम संबंधी निगरानी और नदी बेसिन सूचना प्रणाली को भी मजबूत किए जाने का प्रावधान है।

इस परियोजना के लिए विश्व बैंक ने तीन साल पहले एक समझौते पर दस्तखत किया था, जिसके तहत परियोजना की 20 करोड़ 97 लाख डॉलर की अनुमानित लागत में से विश्व बैंक ने 20 करोड़ डॉलर देने की बात कही थी। मगर किसी ने राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) को इस परियोजना में होने वाले घोटाले की जानकारी दी। जिसके बाद एनएबी ने जाँच शुरू की और इसमें होने वाले भ्रष्टाचार के बारे में विश्व बैंक को बाताया। जिसके बाद विश्व बैंक ने कर्ज देने से फिलहाल मना कर दिया है।

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विश्व बैंक के प्रवक्ता का कहना है कि बलूचिस्तान के लिए जल प्रबंधन एक प्राथमिकता है और विश्व बैंक प्रांत के लोगों के लिए इस महत्वपूर्ण संसाधन को विकसित करने के लिए सरकार के साथ काम करना चाहता है। इसलिए अगले 30 दिनों तक बलूचिस्तान सरकार के साथ काम करने की बात की गई है, ताकि इस पर नज़र रखी जा सके और परियोजना को बेहतर तरीके से संपादित करते हुए प्रांत में जल की व्यवस्था करवाई जा सके।

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