Monday, October 18, 2021
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कैश में तमिलनाडु टॉप पर, शराब के मामले में महाराष्ट्र सबसे आगे: EC ने बिगाड़ दिया ‘काम’

कैश की बात करें तो 108.75 करोड़ रुपए के साथ तमिलनाडु सबसे ऊपर है। दूसरे स्थान पर 95.79 करोड़ रुपए के साथ आंध्र प्रदेश है। ज़ब्त हुए शराब की मात्रा के मामले में 18.07 लाख लीटर के साथ महाराष्ट्र टॉप पर है।

आम चुनाव आने वाला है और आदर्श आचार संहिता भी लागू हो चुकी है। ऐसे में, चुनाव आयोग भी नियम-क़ानून के पालन के लिए सक्रिय नज़र आ रहा है। अब तक हुए छापों में कई राज्यों से कुल मिलकर ₹1400 करोड़ रुपए से भी अधिक की सामग्रियाँ ज़ब्त की गई हैं। संदिग्ध नकदी, अवैध शराब और नशीली दवाएँ सहित कई ऐसी चीजें भारी मात्रा में ज़ब्त की जा चुकी है, जो चुनाव के दौरान ग़लत तरीके से प्रयोग किए जाने वाले थे। वोटरों को प्रलोभन देने की ख़ातिर प्रयोग की जाने वाली इन सामग्रियों की सबसे बड़ी मात्रा गुजरात में ज़ब्त की गई। कुल ₹509 करोड़ की चीजें राज्य में ज़ब्त की गई, किसी भी राज्य से ज्यादा।

विभिन्न राज्यों में चुनाव आयोग द्वारा ज़ब्त की गई संपत्तियों और सामग्रियों में से सिर्फ कैश की बात करें तो 108.75 करोड़ रुपए के साथ तमिलनाडु सबसे ऊपर है। दूसरे स्थान पर 95.79 करोड़ रुपए के साथ आंध्र प्रदेश है। ज़ब्त हुए शराब की मात्रा के मामले में 18.07 लाख लीटर के साथ महाराष्ट्र टॉप पर है। इसके बाद 11.26 लाख लीटर के साथ यूपी का नंबर आता है। जबकि कीमत के मामले में 31.98 करोड़ रुपए की शराब के साथ यूपी टॉप पर है और 13.64 करोड़ की शराब के साथ महाराष्ट्र का नंबर बहुत नीचे है। मतलब महाराष्ट्र में पकड़ी गई शराब सस्ती है।

किस राज्य से कितनी मात्रा में और कितने मूल्य की सामग्रियाँ ज़ब्त की गई

हाल ही में गुजरात तट से 100 किलोग्राम वजन वाला मादक पदार्थ ज़ब्त किया गया, जिसकी क़ीमत ₹500 करोड़ के क़रीब बताई जाती है। आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद राज्य में यह सबसे बड़ी ज़ब्ती है। इसी तरह से दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु में भी ₹208.55 करोड़ की सामग्रियाँ ज़ब्त की गई। इनका प्रयोग मतदाताओं को प्रोभन देने के लिए किया जाने वाला था। आज जब पार्टियाँ जीतने पर किसी न किसी रूप में लोगों को पैसे देने की बात करती हैं, इस कारण चुनाव पूर्व प्रलोभन देने का चलन भी बढ़ा है। ऐसे में, वोटरों को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए उन्हें मुफ़्त में चीजें वितरित की जाती है, जो आचार संहिता के विरुद्ध है।

इसी तरह से आंध्र प्रदेश में ₹158.61 करोड़, पंजाब में ₹144.39 करोड़ और उत्तर प्रदेश में ₹135.13 करोड़ मूल्य की सामग्रियों की ज़ब्ती की गई। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि एक अप्रैल तक कुल ₹1,460.02 करोड़ के सामान की जब्ती हो चुकी है। चुनाव आयोग ने ऐसे कई अधिकारी और टीमें तैनात की है, जो उम्मीदवारों के ख़र्च पर नज़र रख रही है। ऐसे सैकड़ों अधिकारी चुनाव के दौरान कालाधन या अवैध धन के प्रवाह पर नज़र रखे हुए हैं। मोबाइल सर्विलांस टीमें भी तैनीत की गई है, जो त्वरित एक्शन लेते हुए कार्य करती हैं।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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