85 कुल लेख

Rukma Rathore

Accidental journalist who is still trying to learn the tricks of the trade.

‘भाषा-कला-खाना-पहनावा… सब मुगलों की देन’: ‘द इकोनॉमिस्ट’ ने यूँ किया इस्लामी आक्रांताओं का महिमामंडन, लोगों ने पूछा- बाबर से पहले देश में कुछ नहीं...

'द इकोनॉमिस्ट' ने हजारों साल पुरानी भारतीय संस्कृति को ऐसे दिखाने की कोशिश की है जैसे बाबर के आने से पहले न तो संस्कृति थी और न भाषा, कला। ये सब हमने मुगलों से सीखा

जिन्ना के कदमों पर भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर रावण, दलितों के लिए माँगा ‘अलग निर्वाचक मंडल’: जानिए कैसे अंबेडकर ने खुद विरोध कर...

नगीना से सांसद चंद्रशेखर रावण दलितों के लिए अलग निर्वाचक मंडल की सदन में वकालत की। ये देश को बाँटने की अंग्रेजों की चाल थी, जिसका जिन्ना ने समर्थन किया था।

‘RSS को अपनेपन की भावना से देखता हूँ’: पढ़ें- संघ की शाखा में जाकर क्या बोले थे अंबेडकर और संगठन से कैसा रहा उनका...

सतारा में RSS की शाखा का डॉक्टर अंबेडकर ने दौरा किया था और कहा था कि वो संघ को अपनेपन की भावना से देखते हैं। इसके अलावा शाखा में आकर गाँधीजी ने तारीफ की थी।

SC के फैसले की अवहेलना? पंजाब के ‘दलित ईसाइयों’ के लिए आरक्षण के पक्ष में बैटिंग कर रहा The Wire: समझें- कैसे गलत तर्कों...

वायर ने 9 अप्रैल 2026 को लेख छापा जिसमें इस फैसले की आलोचना की गई। लेख में पंजाब के दलित ईसाइयों पर फोकस किया गया।

जबरन धर्मांतरण कराने वालों के लिए खतरनाक: केंद्र सरकार ने संसद में रखा FCRA अमेंडमेंट बिल, पढ़ें- NGOs के लिए क्या कुछ बदल जाएगा

यह विधेयक 'खतरनाक' तो है, लेकिन उन लोगों के लिए खतरनाक है जो इस पैसे का गलत इस्तेमाल करके धर्म परिवर्तन कराते हैं और अपना फायदा उठाते हैं।

X पर सक्रिय ट्रोल पर हुई कार्रवाई तो भड़क गई कॉन्ग्रेस, मोदी सरकार को बनाने लगे निशाना: पढ़ें कैसे इन हैंडल्स से फैलाया जा...

कॉन्ग्रेस खुद एडिटेड वीडियो फैलाने का इतिहास रखती है फिर भी इन ट्रोल्स के पीछे खड़ी हो गई। जबकि ये कार्रवाई फेक न्यूज रोकने के लिए की गई है।

नागपुर दंगा केस में इंडियन एक्सप्रेस ने किया फिर वही काम, जिसके लिए वो है बदनाम: पीड़ित हिंदुओं पर एक्शन न लेने पर सरकार...

क्या हिंदू विरोध भी न दर्ज करें? वो भी सिर्फ इसलिए, क्योंकि कट्टरपंथी भड़क जाएँगे? क्या भारत में बोलने की आजादी सिर्फ 1 समुदाय को ही मिली है?

खाने को आटा चावल नहीं, फिर भी ज्यादा ‘खुश’ है पाकिस्तान: समझिए- कैसे हैप्पीनेस इंडेक्स जैसे प्रोपेगेंडा के नाम पर भारत को नीचा दिखाने...

ऐसे अंतरराष्ट्रीय इंडेक्स अक्सर भारत की उपलब्धियों को नजरअंदाज कर उसे कमजोर दिखाते हैं जबकि पाकिस्तान की असलियत को अनदेखा करते हैं।