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Shiv Mishra

गोविंदा ने सिखाया अंडे का फंडा, इमरान खान बूझ गए मामूली नहीं ये फंडा; पर पाकिस्तानी नहीं पाड़ रहे अंडे पर अंडा

कुछ असाधारण प्रतिभा वाले होते हैं। जैसे इमरान खान। पाकिस्तान वाले। ऐसे लोगों का मानना रहा है कि पहले न तो अंडा आया और न ही मुर्गी, पहले मुर्गा आया।

कभी मंदिर-कभी अजमल, कभी उलेमा-कभी गंगा स्नान: कॉन्ग्रेस के इस रोलिंग प्लान से ‘हाथ’ का नहीं भला

मुस्लिम वोट का पुराना मोह। हिंदू वोट की नई चाहत। कॉन्ग्रेस के इस रोलिंग प्लान के अनुकूल राजनीतिक परिणाम की उम्मीद नहीं।

आतंकवाद के खिलाफ कोर्स: JNU को अपनी बपौती समझने वाले वामपंथियों को शिकंजा ढीला होने का डर

आज का वैश्विक परिवेश ऐसा है जिसमें लाखों शरणार्थियों को अपनी बाँहें खोलकर स्वीकार करने वाला यूरोप भी परेशान है और तालिबानियों को एक समय वंडरफुल पीपुल बताने वाला अमेरिका भी।

आदिवासियों के थे ‘भगवान’, महल पर कॉन्ग्रेस सरकार ने करवाई फायरिंग और बस्तर में जमे नक्सली: चर्चा में ‘आइ प्रवीर द आदिवासी गॉड’

बस्तर के भूतपूर्व राजा प्रवीर चंद्र भंजदेव पर बनी शॉर्ट फिल्म चर्चा में है। माना जाता है कि फायरिंग में उनकी मृत्यु ने ही इस इलाके में नक्सलवाद को पैर जमाने का मौका दिया।

भारत में कोरोना की दूसरी लहर में गिद्ध बनी मीडिया, अमेरिका में क्या छिपा रही: चीनी वायरस से फिर वही तबाही

अमेरिका में चीनी वायरस की दूसरी लहर से उत्पन्न हुआ संकट बहुत तेज़ है। आश्चर्य यह है कि मीडिया ने खामोशी अख्तियार कर रखी है। आखिर क्यों?

अब BSP नहीं विकास का पैमाना, NMP से बदल जाएगी इंफ्रास्ट्रक्चर की दुनिया: संपत्ति कौड़ियों के भाव ‘बेच’ नहीं रही मोदी सरकार

मोदी सरकार का जोर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने पर है। इसको अगले स्तर पर ले जाने, विश्वस्तरीय बनाने के लिए NMP महत्वपूर्ण है।

जिनके लिए फासिस्ट मोदी सरकार, वे ही आवाज पर बिठा रहे पहरा: नारायण राणे के साथ जो हुआ वह लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं

केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की एफआईआर के बाद गिरफ्तारी और उसके बाद जमानत, लगभग सब कुछ वैसा ही हुआ जैसा माना जा रहा था। लेकिन यह लोकतांत्रिक विमर्श के लिए खतरे की घंटी है।

हिन्दू नरसंहारक ‘मोपला विद्रोह’ के 387 नामों को सूची से हटाना PM मोदी का ऐतिहासिक कदम: वामपंथियों के झूठ का हुआ अंत

केंद्र सरकार के फैसले का कॉन्ग्रेस, वामपंथियों और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग द्वारा विरोध उनके दशकों के प्रयास से गढ़े गए नैरेटिव के ध्वस्त होने की छटपटाहट है और उस छटपटाहट की तुलना में बहुत छोटी है जो दशकों तक हिंदुओं ने झेली है।