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Shiv Mishra

पंजाब कॉन्ग्रेस की लड़ाई में पाकिस्तान की बल्ले-बल्ले: सिद्धू के सलाहकारों का ‘राष्ट्रविरोधी’ भांगड़ा, क्या टूटेगी आलाकमान की चुप्पी

कैप्टन के दो टूक के बाद सवाल यह है कि सिद्धू के सलाहकार के बयानों को कॉन्ग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व कैसे देखता है?

बंगाल हिंसा पर राजनीतिक बयानों की बेला खत्म: हाईकोर्ट ने दिखाया रास्ता, अब आनाकानी ममता बनर्जी को पड़ सकती है भारी

ऐसा पहली बार हुआ है कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक और चुनावी हिंसा पर न्यायालय ने किसी उच्च स्तरीय जाँच के आदेश दिए हैं।

भारतीय लिबरलों की बंदर बैलेंसिंग यूॅं ही नहीं, हिंदूफोबिया के काटों का नया आका है तालिबान

भारतीय लिबरलों का आचरण इस बात को बल देता है कि आज इस्लामिक आतंकवाद के साथ वैचारिक कन्धा मिलाकर खड़ा होने में जिन्हें शर्म नहीं, वे भविष्य में सामरिक कंधा देने के लिए खड़े हो जाएँ तो आश्चर्य न होगा।

हिंदुओं के जख्मों पर ‘खेला होबे’: बंगाल ने न डायरेक्ट एक्शन डे से सीखा, न गोपाल पाठा को याद रखा

क्या यह केवल संयोग की बात है कि खेला होबे दिवस मनाने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 16 अगस्त को चुना?

अमृत काल में विश्व स्तरीय लक्ष्य: PM मोदी का उद्योग, व्यापार, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में विकसित देशों की बराबरी का संकल्प

लोकतांत्रिक व्यवस्था में आलोचना के लिए हमेशा स्थान रहेगा और परंपरा के अनुसार विपक्ष प्रधानमंत्री के भाषण को एक निरुत्साह वाला भाषण भी बता सकता है पर एक आम भारतीय के लिए उनका संबोधन आशा देता है और उसे प्रेरित भी करता है। 

चीनियों पर किसने किया अत्याचार- OK, भारतीयों पर क्या-क्या जुल्म हुए- NOT OK: खूनी इतिहास को पढ़ना इसलिए जरूरी

प्रधानमंत्री का आज का वक्तव्य हमें आशावान बनाता है कि हम भविष्य में दशकों से प्रोपेगेंडा का हिस्सा रहीं कई और स्थापित धारणाओं और मान्यताओं को ध्वस्त होते हुए देखेंगे। 

अफगानिस्तान में इस्लामी सत्ता की मज़हबी लड़ाई! तालिबान पर बगले झाँकते वैश्विक समुदाय को ये चुप्पी भारी पड़ेगी

जब सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश सुधारों का जोखिम उठा सकते हैं तो पूरी दुनियाँ को सभ्यता सिखाने वाले पश्चिमी देश अफगानिस्तान से आँखें मूँदकर कैसे भाग सकते हैं?

मजबूत लोकतंत्र के लिए मजबूत गाँधी मूर्ति आवश्यक… ‘फाइल-फेंक’ विरोध देख स्वर्ग में होते होंगे इम्प्रेस!

गाँधी जी की और मूर्तियों की स्थापना हो ताकि शरद पवार, ममता बनर्जी और डेरेक ओ' ब्रायन जैसे लोकतंत्र के लिए चिंतित नेता उनके नीचे बैठ कर...