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Anurag

Anurag is a Chief Sub Editor at OpIndia with over 22 years of professional experience, including more than six years in journalism. He is known for deep dive, research driven reporting on national security, terrorism cases, judiciary and governance, backed by RTIs, court records and on-ground evidence. He also writes hard hitting op-eds that challenge distorted narratives. Beyond investigations, he explores history, fiction and visual storytelling. Email: [email protected]

जिस जमीन पर दशकों से रह रहे, पास में है दस्तावेज भी… उन जमीनों पर भी वक्फ बोर्ड ने ठोका दावा: केरल के वायनाड...

तलापुझा गाँव के लोगों भेजे गए नोटिस में वक्फ संपत्ति के अतिक्रमण का आरोप लगाया गया है। जैसे ही यह खबर फैली, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

अमेरिकी कैंपसों को ‘मेरिट’ वाले दिन लौटाएँगे डोनाल्ड ट्रंप? कॉलेजों को ‘वामपंथी सनक’ से मुक्त कराने का जता चुके हैं इरादा, जनिए क्या है...

ट्रम्प ने कहा कि 'कट्टरपंथी मार्क्सवादी सनकी' ने कॉलेजों में घुसपैठ की है और करदाताओं के पैसे को अपने वैचारिक एजेंडे को फैलाने में लगाया है।

गैर मुस्लिमों को जबरन नहीं परोसा जाएगा ‘हलाल मांस’, एअर इंडिया का बड़ा फैसला: जानें यह कैसे सही दिशा में कदम

देश की प्रमुख एयरलाइन एअर इंडिया ने फैसला किया है कि वह अब गैर-मुस्लिम यात्रियों को हलाल माँस नहीं परोसेगी।

3000 हिंदू हर महीने बनते हैं ईसाई, 3.5 लाख अब तक हो भी चुके कन्वर्ट: हैदराबाद के कैल्वारी चर्च से चल रहा धर्मांतरण का...

दावा है कि ये चर्च हर माह 3000 हिंदुओं को ईसाई धर्म में लाता है और इसे चलाने वाले पादरी सतीश भी ये दावा करते हैं कि उन्होंने अभी तक 3.5 लाख हिंदुओं को धर्मांतरित किया है।

डॉक्टर अंबेडकर और ‘भारत का विचार’: जानिए संविधान की प्रस्तावना में ‘समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष’ शब्द शामिल करने के विरोध में क्यों थे बाबासाहेब?

डॉक्टर भीमराव अंबेडकर भारत के संविधान की प्रस्तावना में धर्मनिरपेक्ष और समाजवाद शब्द जोड़ने के सख्त खिलाफ थे।

तिरुपति के जिस बीफ वाले लड्डू से हिंदुओं को लगा आघात, वह मिंट के लिए मात्र ‘मिलावट’: एक भक्त की वेदना का निशा सुसान...

निशा सुसान ने एक लेख लिखा, जिसमें उन्होंने भक्तों की भावनाओं का मजाक उड़ाया और एक भक्त की माता के प्रति असंवेदनशील टिप्पणी की।

कभी EdTech यूनिकॉर्न था लेकिन अब हो गया कंगाल: कहानी BYJU’S के दिग्गज बनने से लेकर नीचे गिरने तक की, जानिए कैसे होता रहा...

कई खुलासों के बावजूद, Byju's के बिक्री प्रतिनिधियों द्वारा शोषण जारी रहा। इस बीच, Byju's ने छोटे एड-टेक कंपनियों का अधिग्रहण करना जारी रखा।

सबकी हो भागीदारी, विदेशी पैसे पर लगे रोक… इन 9 सुझावों पर गौर कर वक्फ बिल को प्रभावी बना सकती है JPC, इसके बिना...

नए वक्फ बिल में व्यवस्था की जानी चाहिए कि कोई भी सम्पत्ति ऐसे ही वक्फ ना घोषित कर दी जाए, इसके लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाए।