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सुर्खियों के पीछे छिपी कहानियों की तलाश में...

बांग्लादेश चुनाव में ‘सब चंगा’ लेकिन ECI ‘तुगलकी आयोग’: ममता बनर्जी की ‘खास’ वोट बैंक को साधने की रणनीति

एक तरफ ममता बनर्जी बांग्लादेश चुनाव को शांतिपूर्ण बता रहीं, वहीं दूसरी ओर भारत के चुनाव आयोग को तुगलकी बताते हुए BJP की वाशिंग मशीन कह रही।

आसमान में बनेगा अभेद्य किला, जानें क्या है भारत का ‘प्रोजेक्ट कुशा’ जिसे कहा जा रहा है ‘स्वदेशी सुदर्शन चक्र’? कैसे यह दुश्मनों की...

प्रोजेक्ट कुशा केवल एक मिसाइल प्रोग्राम नहीं, बल्कि यह बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारत की 'प्रोएक्टिव डिफेंस' रणनीति का एक बड़ा हिस्सा है।

असम की जिस ELF पर IAF के फाइटर जेट्स ने किया लैंड, वो आखिर है क्या? जानिए- कैसे युद्ध के समय काम करती है...

इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी हाईवे का वह हिस्सा होता है, जो सामान्य दिनों में गाड़ियों के चलने के लिए प्रयोग होता है और आपातकाल में 'रनवे' के लिए।

1937 के जिन्ना वाले एजेंडे से लेकर आज के अरशद मदनी तक, ‘वंदे मातरम’ पर कट्टरपंथ का प्रहार: भारत में अब भी जीवित है...

जिन्ना ने जो विभाजनकारी बीज बोया था, आज की कट्टरपंथी ताकतें उसे ही सींच रही। इन तत्वों की सोच में न तो पहले कोई परिवर्तन था और न आगे होगा।

RSS शताब्दी समारोह से आरफा-सुप्रिया को आई मिचली, क्या ‘बॉलीवुड इकोसिस्टम’ ढहने से घबराया इस्लामी-लिबरल गैंग?

एक तरफ बॉलीवुड की बड़ी हस्तियाँ RSS के 100 वर्ष पूरे होने, उनके कार्यों को लेकर तारीफ कर रहा है, दूसरी तरफ आरफा-सुप्रिया को मिर्ची लग रही है।

हिबा को शौहर से मिले धक्के, गाली और कुटाई: वह मुनव्वर राना की सबसे छोटी बेटी है, जिसके हिस्से में तीन तलाक आई

मुनव्वर राना और उनकी बेटियों ने तीन तलाक कानून को मुस्लिम पुरुषों को फँसाने की साजिश बताया था और विरोध किया था। आज उसी कुप्रथा का शिकार हुईं।

1973 का ‘ब्लैक बजट’: जब इंदिरा गाँधी के काल में भुखमरी और आर्थिक संकट की कगार पर पहुँच गया था देश

साल 1973 इंदिरा गाँधी के 'ब्लैक बजट' वाले दौर में खजाना खाली था, लेकिन सरकार के पास फिजूलखर्ची और संकट को संभालने की कोई ठोस योजना नहीं थी।

हनुमान चालीसा पाठ पर भड़के SC दबंग, प्रजापति माँ-बेटे को जूतों की माला पहनाकर निकाला जुलूस-अंबेडकर प्रतिमा के सामने रगड़वाई नाक: हापुड़ में 4...

हापुड़ में प्रजापति समुदाय के माँ-बेटे को दलित समुदाय के लोगों ने जूतों की माला पहनाकर गाँव में घुमाया, नाक रगड़वाई और गाली-गलौज की।