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मीडिया में 7+ वर्षों का सफर। ETV भारत, इंडिया न्यूज़, सुदर्शन न्यूज़, MH1 और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य किया। डेस्क, ग्राउंड रिपोर्टिंग, एंकरिंग और सोशल मीडिया, हर प्लेटफॉर्म पर सक्रिय भूमिका निभाई। वर्तमान में ऑपइंडिया के साथ जुड़ी हूँ।

बुर्का हटाने पर बवाल, न पहनने पर सीधे हत्या: इस्लामी कट्टरपंथियों को नहीं है मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों से सरोकार, वरना ‘ताहिरा’ के मर्डर...

हिजाब-बुर्का विवाद में नीतीश कुमार से जुड़े बवाल और शामली हत्याकांड ने महिला अधिकार, कट्टरपंथ और नारीवाद के दोहरे मानदंडों को उजागर किया है।

मुस्लिम मुल्क में महादेव की आस्था: मस्कट के उस 125 साल पुराने शिव मंदिर की गाथा जिसे गुजराती व्यापारियों ने बनाया, जानिए क्या है...

मस्कट के मोतीश्वर महादेव मंदिर परिसर में एक प्राचीन कुआँ है, जो रेगिस्तानी इलाके में भी साल भर पानी से भरा रहता है। लोग इसे चमत्कार मानते।

जवाहरलाल नेहरू के 51 बक्से पेपर्स को लेकर फिर हुआ विवाद, कॉन्ग्रेस ने की झूठ फैलाने की कोशिश तो सरकार ने खोली पोल: जानें...

जवाहरलाल नेहरू के '51 बक्से पत्र' किसी निजी अलमारी में बंद होने वाले कागजात नहीं, बल्कि PMML की विरासत है, जिसे सोनिया गाँधी छुपाए बैठी हैं।

ड्रग तस्करी का डर पुराना, अब टेरर फंडिंग का लगेगा आप पे इल्जाम: जानिए ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर कैसे धमकी देकर फँसा रहे...

'डिजिटल अरेस्ट' में सरकारी अधिकारी बनकर धमकाना, वीडियो कॉल पर 'नकली कोर्ट' दिखाकर या टेरर फंडिंग की धमकी देकर पूरा पैसा हड़प लिया जाता है।

ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया हुआ बैन, इंस्टा-FB-टिकटॉक जैसे कई प्लैटफॉर्म शामिल: जानें कैसे बच्चों के...

ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन किया गया। यह फैसला हानिकारक कंटेंट, ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने के लिए लिया।

जितने साल से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री, उतने साल जवाहर लाल नेहरू ने जेल में बिताए: वंदे मातरम पर चर्चा के दौरान लोकसभा में प्रियंका...

तथ्य के आधार पर नेहरू 8 साल और 11 महीने जेल में रहे थे और PM मोदी का कार्यकाल 11 साल, 6 महीने से अधिक है, जिसमें लगभग 2.5 साल का अंतर है।

बम-बंदूक की जगह सड़क, रोजगार और 4G नेटवर्क: बस्तर में खत्म हुआ ‘लाल आतंक’ तो बहने लगी विकास की बयार, जानें कैसे डबल इंजन...

नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र में लोग अब डर नहीं, विकास चुन रहे हैं। बस्तर की नई कहानी बंदूक की नहीं, बल्कि सड़क, बिजली और नेटवर्क की बन रही है।

पानी पर तैरते ‘न्यूक्लियर प्लांट’ बदलेंगे भारत के ऊर्जा क्षेत्र की तस्वीर, जानें कैसे काम करते हैं रूस के ‘स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर’?

रूस ने भारत को न सिर्फ SMR टेक्नोलॉजी देने की पेशकश की, बल्कि समुद्री क्षेत्रों में एक तैरता हुआ न्यूक्लियर पावर प्लांट बनाने की भी बात कही।