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मार्तंड सूर्य मंदिर = शैतान की गुफा: विद्यार्थियों को पढ़ाने वाला Unacademy का जहरीला वामपंथी पाठ, जानिए क्या है इतिहास

मशहूर ऑनलाइन एजुकेशन प्लेटफॉर्म अनएकेडमी ने अपने लेख में ऐतिहासिक मार्तंड सूर्य मंदिर को “शैतान की गुफा” बताया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर बवाल मच गया। सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया के बाद अनएकेडमी को अपनी भूल को सुधारना पड़ा।

मार्तंड सूर्य मंदिर के इतिहास के बारे में अनएकेडमी के लेख में लिखा था, “मार्तंड सूर्य मंदिर, जिसे शैतान की गुफा भी कहा जाता है, भारत के जम्मू और कश्मीर में अनंतनाग शहर के पास स्थित एक हिंदू तीर्थस्थल है। इसे 8वीं शताब्दी ईस्वी में बनाया गया था और यह हिंदू धर्म के प्रमुख सूर्य देवता सूर्य को समर्पित था; सूर्य को उनके संस्कृत नाम मार्तंड से भी पहचाना जाता है। कश्मीर के पूर्व मुस्लिम सम्राट सिकंदर शाह मिरी के आदेश पर, 15वीं शताब्दी में शाह मिरी साम्राज्य की सेना ने इस मंदिर को ध्वस्त कर दिया था।”

22 जुलाई 2024 (सोमवार) को कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने इस विवादित अनएकेडमी लेख का स्क्रीनशॉट शेयर किया और सवाल किया कि उनके स्टडी मटेरियल के लिए कौन कंटेंट लिख रहा है। कई एक्स यूज़र्स ने पूछा कि क्या अनएकेडमी बॉलीवुड से स्क्रिप्ट लिखवा रहा है। एक एक्स यूजर अनुराधा गोयल ने पूछा, “वाकई @unacademy? क्या मार्तंड सूर्य मंदिर को शैतान की गुफा कहा जाता है या आप बॉलीवुड की मनगढ़ंत कहानियों से सबक ले रहे हैं?”

प्रसिद्ध लेखक और इतिहासकार विक्रम संपत ने अनएकेडमी द्वारा इतिहास को विकृत करने को “शर्मनाक” माना और पूछा कि क्या बॉलीवुड के स्क्रिप्ट राइटर इस एड-टेक प्लेटफॉर्म के लिए सामग्री बना रहे हैं। संपत ने पूछा, “यह बहुत ही भयानक है @unacademy कि आप मार्तंड सूर्य मंदिर को “शैतान की गुफा” कहते हैं! आपकी शैक्षिक सामग्री कौन बना रहा है – बॉलीवुड के स्क्रिप्ट राइटर? शर्मनाक।”

“जन की बात” के संस्थापक और पत्रकार प्रदीप भंडारी ने अनएकेडमी से अपनी वेबसाइट से “आपत्तिजनक” सामग्री हटाने को कहा। उन्होंने लिखा, “मार्तंड सूर्य मंदिर “शैतान की गुफा” नहीं है @unacademy ! इसे बदलो। यह हिंदू समुदाय के लिए अपमानजनक है।”

सोशल मीडिया यूजर्स की तीखी आलोचना के बीच, एड-टेक प्लेटफॉर्म ने हिंदू मंदिर पर अपने लेख को एडिट किया और उसमें से “शैतान की गुफा” को हटा दिया। हालाँकि, अनएकेडमी ने इतिहास को विकृत करने और इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा नष्ट किए गए एक ऐतिहासिक हिंदू मंदिर के राक्षसीकरण को सामान्य बनाने के लिए माफ़ी नहीं माँगी है।

साभार: अनएकेडमी स्क्रीनशॉट

कश्मीर में मार्तंड सूर्य मंदिर और सिकंदर ‘बुतशिकन’

कश्मीर के अनंतनाग में स्थित मार्तंड सूर्य मंदिर हिंदू वास्तुकला और आध्यात्मिकता का ऐतिहासिक प्रतिनिधित्व करता है। ललितादित्य मुक्तपीड द्वारा 8वीं शताब्दी में निर्मित, मार्तंड सूर्य मंदिर प्राचीन भारत की वास्तुकला और सांस्कृतिक कौशल का एक प्रमाण है। हालाँकि, 14वीं शताब्दी के दौरान, सिकंदर शाह मिरी जिसे सिकंदर बुतशिकन (मूर्ति-भंजक) के नाम से भी जाना जाता है, हिंदुओं के खिलाफ अपनी नफरत के लिए मशहूर था, उसने काफ़िरों के मंदिरों को ध्वस्त कर दिया। यह दावा किया जाता है कि इस्लामी कट्टरपंथी ने मार्तंड मंदिर के खंडहरों को ‘शैतान की गुफ़ा‘ कहा था, हालाँकि, “शैतान की गुफ़ा” शब्द का उपयोग करने से संबंधित एक स्पष्ट प्रमाण नहीं है। ऐसा कहा जाता है कि कश्मीरी मुसलमान हिंदू मंदिर को शैतान की गुफा कहते हैं। इसके सात ही बॉलीवुड, मीडिया और इस्लामी कट्टरपंथीवर्षों से हिंदू मंदिरों के इस अपमानजनक अपमान को उचित ठहराने और सामान्य बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

इसी सिलसिले में, टाइम्स नाउ ने पिछले साल एक फोटो स्टोरी प्रकाशित की थी जिसमें दावा किया गया था कि कश्मीरी मुसलमान इस हिंदू मंदिर को ‘शैतान की गुफा’ कहते हैं।

नाइम्स नाउ के लेख का स्क्रीनशॉट

बॉलीवुड फिल्म ‘हैदर’ में मार्तंड सूर्य मंदिर मार्तंड को बताया गया ‘शैतान की गुफा’

साल 2014 में फिल्म निर्माता विशाल भारद्वाज को अपनी फिल्म ‘हैदर‘ में हिंदू परंपराओं को बदनाम करने के लिए व्यापक आलोचना का सामना करना पड़ा था। शाहिद कपूर अभिनीत इस फिल्म में, सूर्य मंदिर को ‘बिस्मिल’ नाम के गाने में शैतान की गुफा कहा गया था। इसमें शाहिद मार्तंड सूर्य मंदिर के सामने डाँस करते दिखे हैं और मंदिर में शैतानी आकृति दिखाई देती है। इस गाने का लोगों ने खूब तीखा विरोध किया और कहा कि रचनात्मकता की आड़ लेकर हिंदुओं की भावनाओं का मजाक उड़ाया जा रहा है।

बीते साल अप्रैल में ऑपइंडिया ने बताया था कि ईद-उल-फितर पर मुसलमानों ने मंदिर के अंदर पटाखे फोड़े थे।

अनएकेडमी से जुड़े पिछले विवाद

यह पहली बार नहीं है जब अनएकेडमी ने हिंदू भावनाओं को ठेस पहुँचाई है। साल 2021 में भी अनएकेडमी ने अपने ऑनलाइन टेस्ट मॉड्यूल में हिंदुओं के खिलाफ घृणा का प्रचार किया था और हिंदुओं को मुस्लिमों का विरोधी बताने के साथ ही कट्टरपंथी बताया गया था।

अनएकेडमी के टेस्ट मॉड्यूल में सवाल हिंदुओं को निशाना बनाते हुए लिखा गया, “एक्स नामक शहर में, ईद के अवसर पर मुस्लिम लोगों का एक समूह अपनी रैली निकाल रहा था। वे अपने नारे लगा रहे थे और अपने त्यौहार मना रहे थे। जब वे एक हिंदू बहुल कॉलोनी की गलियों से गुज़र रहे थे, तो इलाके के हिंदुओं ने उन पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया और दावा किया कि उन्होंने हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाई है। क्या यह दावा सही है?” अनएकेडमी ने ऐसा तब लिख डाला, जब ये पूरी दुनिया में स्थापित हो चुका है कि हिंदुओं के जुलूस और त्यौहारों पर मुस्लिम कट्टरपंथी हमले करते हैं। लेकिन वापमंथी प्रचार तंत्र से जुड़े होने की वजह से अनएकेडमी ने पूरी पहचान को ही पलट दी। पीड़ित हिंदुओं की जगह मुस्लिमों को दिखाया और हिंदुओं को कट्टरपंथी दिखा दिया।

इस मामले में बवाल के बाद अनएकेडमी ने माफी माँगी और इस गलती के लिए थर्ड पार्टी को दोषी ठहरा दिया।

अनएकेडमी की गैर-जिम्मेदाराना हरकतें यही नहीं रुकी। सितंबर 2020 में अनएकेडमी से जुड़े शिक्षक वरुण अवस्थी ने अपनी ऑनलाइन क्लास में छात्रों को एके-47 उठाने के लिए उकसाया था। वरुण की टिप्पणी से अनएकेडमी ने खुद को अलग कर दिया था। इसके अलावा उसी साल अनएकेडमी के एक शिक्षक ने ब्राह्मणों के खिलाफ घटिया टिप्पणी की थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। उसने कहा था, “ब्राह्मण सबसे बेकार (कामचोर) समूह (समुदाय) हैं।”

इसके अलावा अगस्त 2023 में अनएकेडमी के शिरक्ष करण सांगवान ने छात्रों से ‘शिक्षित राजनेताओं’ के लिए वोट करने के लिए कहकर विवाद खड़ा कर दिया। उसने ब्रिटिश उपनिवेशवादियों की भी प्रशंसा की, जिन्होंने सही क़ानून बनाकर बेहतरीन काम किया और हाल ही में घोषित तीन नए कानूनों की आलोचना की, जो आईपीसी, सीआरपीसी और साक्ष्य अधिनियम की जगह लेते हैं। नेटिज़ेंस ने राजनीतिक प्रचार करने के लिए शिक्षा मंच का उपयोग करने के लिए सांगवान की कड़ी आलोचना की थी। इस मामले में सांगवान को अनएकेडमी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया।

अब ‘शैतान की गुफा’ विवाद पर वापस आते हैं। अनएकेडमी द्वारा इस अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल न केवल एक तथ्यात्मक गलती है, बल्कि हिंदू समुदाय पर एक गंभीर हमला है। यह एक ऐसी कहानी को आगे बढ़ाता है जो हिंदुओं और उनकी विरासत को बदनाम करने वाली ऐतिहासिक कट्टरता को बढ़ाती है। एजुकेशनल कंटेंट में इस तरह की अपमानजनक गलत बयानी खतरनाक है क्योंकि यह युवा दिमाग को आकार देती है और पहले से ही निशाना बनाए जा रहे हिंदू समुदाय के खिलाफ झूठी कहानियों को बढ़ावा देती है। अब जबकि अनएकेडमी ने अपनी सामग्री से आपत्तिजनक शब्द को हटा दिया है, तो इस घटना को एजुकेशनल कंटेंट के माध्यम से फैलाई जा रही हिंदुओं के खिलाफ आक्रामकता को लेकर एक चेतावनी की तरह देखा जाना चाहिए।

मार्तंड सूर्य मंदिर हिंदुओं के लिए एक पूजनीय स्थल है, जिसे सूर्य देवता के सम्मान में बनाया गया है और इसे इस्लामवादियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले अपमानजनक शब्द से लेबल करना हिंदू मंदिर के धार्मिक महत्व का घोर अपमान है। एक पवित्र हिंदू स्थल को “शैतान की गुफा” के बराबर मानना ​​एक घटिया तुलना है जो हिंदू मान्यताओं को नीचा दिखाती है और हिंदू विरासत को बदनाम करती है। ‘शैतान की गुफा’ शब्द इस्लामी आक्रमणकारियों की कट्टरता को दर्शाता है, जिन्होंने काफिर हिंदुओं की संस्कृति और धर्म को नष्ट करने की कोशिश की थी। इसे समकालीन संदर्भों में दोहराना, वह भी ‘एजुकेशनल’ प्लेटफॉर्म द्वारा, हिंदुओं के खिलाफ पूर्वाग्रह को बढ़ावा देने और इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने जैसा है।

कहीं खुशी कहीं गम: बजट 2024-25 का इन सामानों पर पड़ा सीधा असर, जानिए क्या हुआ सस्ता और क्या हुआ महँगा

मोदी सरकार में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार (23 जुलाई 2024) को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बजट पेश की। बजट में कृषि से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक, किसानों से लेकर मीडिल क्लास तक के लोगों के लिए कई घोषणाएँ की गई हैं। बजट घोषणा के कारण कई चीजों के दामों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा और वे महँगे या सस्ते होंगे। बजट में 7 चीजों पर कस्टम ड्यूटी घटी है, जबकि 2 पर बढ़ी है।

इस बार जो सबसे अधिक राहत पहुँचाने वाली है, वह कैंसर के मरीजों के लिए दवाइयाँ। बजट में कैंसर से जुड़ी बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाएँ और उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है। इससे कैंसर का इलाज सस्ता होगा। इससे कैंसर पीड़ितों पर आर्थिक बोझ भी कम पड़ेगा। इसके साथ ही आयातित ज्वैलरी भी सस्ती करने की घोषणा की गई है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने महिलाओं को भी बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने सोने और चाँदी पर कस्टम ड्यूटी घटाकर 6 प्रतिशत कर दी है। इससे सोने और चाँदी के गहने सस्ते हो जाएँगे। मोबाइल फोन, मोबाइल चार्जर, बिजली के तार, एक्स-रे मशीन एवं ट्यूब और सोलर सेट्स पर भी टैक्स कम किया है। चमड़े से बनी वस्तुओं के साथ झींगा मछली के दाम में भी कमी आएगी।

बजट के कारण मोबाइल फोन भी सस्ता होगा। मोबाइल फोन और चार्जर पर ड्यूटी 15 प्रतिशत तक घटाई है। लिथियम आयन बैटरी सस्ती करने की भी घोषणा की गई है। इससे इलेक्ट्रिक व्हिकल भी सस्ते हो सकते हैं। देश में बनने वाले जूते, कपड़ा और चमड़े सस्ते होंगे।

ये सामान हुए महँगे

सरकार ने कुछ सामानों। पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है। इससे कुछ सामान महँगे हो जाएँगे। टेलीकॉम उपकरण पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को बढ़ा दिया है। पहले इन प्रोडक्ट्स पर 10 प्रतिशत बेसिक कस्टम ड्यूटी लगती थी, लेकिन अब यह ड्यूटी 15 प्रतिशत लगेगी। वहीं सिगरेट सहित तंबाकू से बने उत्पाद भी महँगे हो जाएँगे।

सरकार ने प्लास्टिक प्रोडक्ट्स पर भी कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है। इसके कारण प्लास्टिक से बनी चीजों के दाम भी बढ़ जाएँगे। सोलर सेल या फिर सोलर मॉड्यूल बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले सोलर ग्लास पर भी टैक्स बढ़ाया गया है। इसका मतलब है कि सोलर सिस्टम से जुड़े सामान महँगे जाएँगे।

इस साल के बजट में केंद्र सरकार ने पेट्रोकेमिकल एवं अमोनियम नाइट्रेट पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है। इससे जुड़े सामानों के महँगे होने की आशंका है। हवाई जहाज की यात्रा अब महँगी हो जाएगी। वहीं, पीवीसी का आयात घटाने के लिए सरकार ने इसकी ड्यूटी में 10 से 25 फीसदी का इजाफा करके इसे महँगा बना दिया है।

घर के भीतर गाय काट रहे थे तीन ईसाई, पुलिस ने छापा मारकर पकड़ा, मौके से बरामद हुआ गौमांस: पंजाब की घटना

पंजाब के अमृतसर में तीन लोगों को गोहत्या के आरोप में पकड़ा गया है। यह तीनों घर के भीतर गोवंश काट कर उसका मांस बेचते थे। पुलिस ने इन्हें छापा मार कर पकड़ा है। तीनों के पास से बड़ी मात्रा में गोमांस मिला है। तीनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

यह घटना अमृतसर ग्रामीण के रामदास थाने के दयाल भट्टी गाँव में हुई है। यहाँ पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग गोवंश को चोरी छुपे काट कर उसके मांस का व्यापार करते हैं। इस सूचना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करने की ठानी।

रामदास थाने की एक टीम ने SI नरेश कुमार के नेतृत्व में इन तीनों के घर पर छापा मारा तो यह गोमांस पकाते मिले। इनके पास 160 किलो गोमांस मिला। इसके अलावा घर से गोवंश की खाल और शरीर के अन्य हिस्से मिले हैं। इनको जब्त कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

गिरफ्तार किए जाने वाले तीनों आरोपितों का नाम निशान मसीह, अजय मसीह और सैमुअल मसीह है। रामदास पुलिस ने इस मामले में ऑपइंडिया को बताया कि इन तीनों को 21 जुलाई, 2024 को गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ उचित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस ने बताया कि तीनों आसपास के इलाकों में गोमांस की बिक्री भी अवैध रूप से करते थे। अब इनके खिलाफ आगे की कार्रवाई कोर्ट के आदेशानुसार की जाएगी। गौरतलब है कि पंजाब में 1955 से ही गोवंश के मांस बेचने पर प्रतिबन्ध है। इसका उल्लंघन करने पर मोटे जुर्माने का प्रावधान है।

नेचुरल फार्मिंग क्या है, बजट में क्यों इसे 1 करोड़ किसानों से जोड़ने का ऐलान: गोबर-गोमूत्र के इस्तेमाल से बढ़ेगी किसानों की आय

भारत में 1 करोड़ किसानों को नेचुरल फार्मिंग से जोड़ा जाएगा। इसके लिए उन्हें सर्टिफिकेशन एवं ब्रांडिंग के जरिए सहायता दी जाएगी। वैज्ञानिक संस्थानों एवं ग्राम पंचायतों के माध्यम से इसे लागू किया जाएगा। 10,000 नीड बेस्ड बायो इनपुट सेंटर स्थापित किए जाएँगे। इसके तहत किसानों को उनकी फसलों, मिट्टी और जलवायु के हिसाब से संसाधन एवं सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। अब लोगों के मन में सवाल उठ रहा होगा कि ये ‘नेचुरल फार्मिंग’ है क्या और इसका फायदा कैसे उठाएँ।

आपको ‘राष्ट्रीय मिशन प्राकृतिक खेती प्रबंधन एवं ज्ञान पोर्टल’ पर इससे संबंधित जानकारियाँ मिल जाएँगी। अब जानते हैं कि नेचुरल फार्मिंग है क्या। ये एक खेती की ऐसी व्यवस्था है, जिसमें केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। ये खेती भारतीय परंपरा के हिसाब से की जाती है, लेकिन इसमें इकोलॉजी की आधुनिक समझ, तकनीक व न्यूनतम संसाधनों का इस्तेमाल और रिसाइक्लिंग पर ज़ोर दिया जाता है। इस प्रकार इसमें लागत भी कम आती है।

नेचुरल फार्मिंग से जैव विविधता बढ़ती है, पशुओं के स्वास्थ्य एवं संरक्षण को बल मिलता है, जलीय परतंत्र में शैवालों की वृद्धि रूकती है, जल संरक्षण होता है, वातावरण पर केमिकल युक्त खादों और कीटनाशकों से होने वाले दुष्प्रभाव से बचाव मिलता है, मिट्टी का कटाव कम होता है और जलवायु परिवर्तन से लड़ने में भी ये सहायक है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश और केरल नेचुरल फार्मिंग के मामले में अच्छा कर रहे हैं। हालाँकि, इसकी स्वीकार्यता फ़िलहाल शुरुआती चरण में है।

ये मिट्टी के स्वास्थ्य व गुणवत्ता को बनाए रखने में सहायक होता है। इसके लिए बीज की स्थानीय वेराइटी का इस्तेमाल किया जाता है, किसी बाहरी इनपुट की ज़रूरत नहीं होती, खेत में ही सूक्ष्मजीवी पैदा किए जाते हैं जो बीज की सहायता करते हैं (उदाहरण – बीजामृत), इसी तरह मिट्टी को समृद्ध करने के लिए ‘जीवामृत’ जैसे सूक्ष्मजीवी पैदा किए जाते हैं, पोषक तत्वों के पुनर्चक्रण के लिए मिट्टी में सूक्ष्मजीवियों की अधिकतम गतिविधि सुनिश्चित की जाती है और मिश्रित फसलों के अलावा पेड़ों का एकीकरण किया जाता है।

नीमास्त्र, अग्निअस्त्र, नीम अर्क, दशपर्णी अर्क जैसे प्राकृतिक फॉर्मूले का इस्तेमाल कीटनाशक के रूप में किया जाता है। अभी देश में 10 लाख हेक्टेयर से भी अधिक भूमि पर नेचुरल फार्मिंग हो रही है। इसमें कई चीजों के लिए गाय के गोबर और गोमूत्र का इस्तेमाल किया जाता है। स्थानीय स्तर पर जो पशु पाए जाते हैं, उनका इस्तेमाल होता है। भारत में ‘जीरो बजट नेचुरल फार्मिंग’ लोकप्रिय है, जिससे ग्रीनहाउस गैस नहीं निकलता है और किसानों की आय भी बढ़ती है।

इससे ग्रामीण विकास होता है, रोजगार बढ़ता है। गायों पर आधारित प्राकृतिक खेती में तो पानी और बिजली की भी खपत 90% कम हो जाती है। सीधे शब्दों में समझें तो प्राकृतिक खेती एक रसायनमुक्त व्यवस्था है जिसमें प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल किया जाता है, जो फसलों, पेड़ों और पशुधन को एकीकृत करती है। प्राकृतिक खेती प्राकृतिक या पारिस्थितिक प्रक्रियाओं, जो खेतों में या उसके आसपास मौजूद होती हैं, पर आधारित होती है।

नारी शक्ति को मोदी सरकार ने समर्पित किए ₹3 लाख करोड़: नौकरी कर रहीं महिलाओं और उनके बच्चों के लिए भी रहने की सुविधा, स्किल सिखाने पर फोकस

मोदी सरकार के तीसरी बार सत्ता में आने के बाद संसद में आज (23 जुलाई 2024) पहला बजट पेश हुआ। इस बजट में गरीब, युवा किसान के साथ-साथ नारी शक्ति को मजबूत करने के लिए भी कदम उठाए गए।

बजट में महिलाओं की हिस्सेदारी कार्यबल में बढ़ाने पर काम किया गया है। इसके अलावा कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास स्थापित करने का भी ऐलान हुआ। वहीं उन योजनाओं को तीन लाख करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है जिससे महिलाओं और बालिकाओं को लाभ पहुँचे।

वित्त मंत्री ने बजट में महिलाओं को बड़ी सौगात देते हुए कहा, “हम उद्योगों के सहयोग से कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनाकर और क्रेच (छोटे बच्चों की देखभाल की जगह) की स्थापना करके नौकरियों में महिलाओं की अधिक भागीदारी की सुविधा प्रदान करेंगे।”

इसके साथ ही बजट में महिलाओं के लिए विशिष्ट कौशल कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा और महिलाओं को एसएचजी उद्यमों के लिए बाजार पहुँच को बढ़ावा देने की कोशिश करेगी। वित्त मंत्री ने कहा महिलाओं और बालिकाओं को लाभ पहुँचाने वाली योजनाओं के लिए सरकार ने तीन लाख करोड़ रुपए से अधिक का आवंटन किया है।

25000 ग्रामीण बसावटों के लिए सड़क, कोसी-मेची के जुड़ने से किसानों को फायदा: बजट 2024 में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹1111111 करोड़, राज्यों को भी सहायता

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार (23 जुलाई 2024) को बजट पेश किया। इस अवसर पर उन्होंने केंद्रीय बजट 2024-25 के महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे। इसमें बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने के लिए और उसके लिए दीर्घकालिक ब्याज में छूट दी जाएगी। इसके साथ ही बाढ़ प्रबंधन की बात भी कही गई है।

इस बार के बजट प्रस्ताव में कहा गया है कि अगले 5 वर्षों में बुनियादी ढाँचे के लिए मजबूत राजकोषीय समर्थन बनाए रखने का सरकार प्रयास करेगी। इसके अलावा पूँजीगत व्यय को 11,11,111 करोड़ रुपए किया जाएगा, जो भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 3.4 प्रतिशत का प्रावधान होगा।

राज्य सरकारों द्वारा बुनियादी ढाँचे में निवेश में सहायता के लिए दीर्घकालिक ब्याज मुक्त ऋण के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इतना ही नहीं, त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम कोसी-मेची अंतरराज्यीय लिंक जैसी परियोजनाओं के लिए 11,500 करोड़ रुपए सरकार उपलब्ध कराएगी।

इस बजट में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के चौथे चरण के लिए 25,000 ग्रामीण बसावटों के लिए बारहमासी सड़क संपर्क मुहैया कराया जाएगा। इसके अलावा असम और हिमाचल प्रदेश में बाढ़ प्रबंधन के लिए तथा उत्तराखंड एवं सिक्किम को बादल फटने, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन से होने वाली हानि से बचाने के लिए सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

देश के 4.10 करोड़ युवाओं के लिए विशेष पैकेज, मिलेगा सीधे 1 महीने का वेतन: बजट 2024 में युवा वर्ग के लिए बड़े ऐलान, इंटर्नशिप से लेकर रोजगार तक की व्यवस्था

देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार 3.0 का बजट पेश कर दिया। वित्त मंत्री ने बजट भाषण में देश के बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि देश के 4.1 करोड़ युवाओं के लिए प्रधानमंत्री पैकेज की घोषणा और रोजगार के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इससे देश के युवाओं को बड़ा फायदा होने वाला है। वित्तमंत्री ने युवाओं के लिए कई बड़े ऐलान करते हुए कहा कि युवाओं को इंटर्नशिप से लेकर ईपीएफओ तक, उच्च शिक्षा से लेकर ट्रेनिंग तक में सरकार मदद करेगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “मुझे 5 साल की अवधि में 4.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और अन्य अवसरों की सुविधा के लिए 5 योजनाओं और पहलों के प्रधानमंत्री के पैकेज की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है, जिसमें 2 लाख करोड़ रुपए खर्च होंगे।”

वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन योजना के तहत तीन योजनाओं पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री पैकेज के तहत यह योजना कर्मचारी भविष्य निधि संस्था (ईपीएफओ) पर आधारित होगी। इसके अलावा इस योजना के तहत पहली बार नौकरी कर रहे कर्मचारियों और नियोक्ताओं का ध्यान रखा जाएगा। इस योजना के तहत सभी क्षेत्रों में पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को एक माह का वेतन दिया जाएगा। इन्हें तीन किस्तों में पहला वेतन दिया जाएगा। EPFO में पंजीकृत लोगों को यह मदद मिलेगी।

वित्तमंत्री ने कहा कि ईपीएफओ में पंजीकृत होने के साथ ही यह न्यूनतम राशि 15 हजार रुपये होगी। योग्यता सीमा एक लाख रुपये प्रति माह होगी। इससे 2.10 करोड़ युवाओं को फायदा होगा। इस योजना के तहत विनिर्माण क्षेत्र में नौकरियाँ बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। विनिर्माण क्षेत्र में पहली बार नौकरी कर रहे अतिरिक्त कर्मचारियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इस योजना में एक निर्दिष्ट पैमाने के तहत कर्मचारियों और नियोक्ताओं को प्रोत्साहन दिया जाएगा। विनिर्माण क्षेत्र में आने वाले 30 लाख युवाओं और उनके नियोक्ताओं को मदद मिलेगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि हम रोजगार के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उद्योगों के साथ मिलकर महिला हॉस्टल और बालगृहों की स्थापना करेंगे। यह योजना महिला कौशल कार्यक्रम को प्रोत्साहित करेगी। यह योजना सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार के लिए नियोक्ताओं पर केंद्रित की गई है। एक लाख रुपये वेतन वाले सभी कर्मचारियों को भी इस योजना में शामिल किया गया है।

वित्त मंत्री ने कहा, “केंद्र सरकार नियोक्ताओं को प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के EPFO योगदान के लिए दो साल तक प्रति माह 3000 रुपये तक की प्रतिपूर्ति करेगी। यह योजना 50 लाख लोगों के अतिरिक्त रोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए स्वीकृत है।

बिहार के व्यक्ति पर निहंगों ने कृपाण से किया हमला, हाथ की हड्डी तोड़ खून निकाला: कहा- इसकी जेब में तंबाकू की पुड़िया, पुलिस ने 1 को पकड़ा

पंजाब के अमृतसर में एक व्यक्ति पर निहंगों ने कृपाण से हमला कर दिया। निहंगों के हमले में शख्स के हाथ की हड्डी टूट गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल शख्स का इलाज चल रहा है। हमला करने वाला एक निहंग फरार हो गया जबकि एक पुलिस की गिरफ्त में आ गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना अमृतसर के हरमंदिर साहब के पास हुई। यहाँ एक व्यक्ति बैठा हुआ था। इसी दौरान दो युवक निहंग वेश में आए और उस पर कृपाण से हमला बोल दिया। इस हमले में उसकी कलाई पर गंभीर चोट आई। उसकी हाथ की हड्डी टूट गई। गंभीर चोट के कारण उसके हाथ से काफी खून निकला।

निहंगों ने व्यक्ति पर आरोप लगाया कि वह तम्बाकू का सेवन कर रहा था। मौके पर जब शोर मचा तो निहंग भागने की कोशिश करने लगे। दोंनो में से एक भागने में सफल हो गया जबकि एक को सफलतापूर्वक पकड़ लिया गया। पकड़ा गया निहंग नाबालिग है और उसकी उम्र केवल 13 साल है।

घायल व्यक्ति का नाम शंकर बताया गया है। वह मूल रूप से बिहार के पटना का रहने वाला है। वह अमृतसर में बोतलें बीनकर गुजारा करता है। उसने कहा है कि उसकी जेब में एक तम्बाकू की पुड़िया जरूर थी लेकिन वह उसे रगड़ नहीं रहा था। उसने कहा कि उस पर एकाएक हमला किया गया जिसमें उसका हाथ चोटिल हो गया।

गौरतलब है कि हाल ही में निहंगों ने उड़ारिया नाम के एक सीरियल की शूटिंग के दौरान मोहाली में निहंग सिख आ धमके थे। उन्होंने प्रोडक्शन टीम के लोगों की जमकर पिटाई की और सेट पर तोड़फोड़ की थी। निहंग सिखों ने सेट पर गुरुद्वारा की डमी बनाए जाने का विरोध किया और कहा कि सेट पर निशान साहिब, पालकी का स्वरूप बनाकर और गुरुद्वारे की डमी बनाकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की जा रही है।

गया में विष्णुपद मंदिर, बोधगया महाबोधि मंदिर कॉरिडोर: काशी विश्वनाथ के जैसा बजट, बिहार से लेकर उड़ीसा तक टूरिज्म पर बड़े ऐलान

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2024-25 में धार्मिक-पर्यटन को जोड़कर बड़े ऐलान किए हैं। वित्तमंत्री ने बिहार के विश्व प्रसिद्ध धार्मिक-पर्यटन केंद्रों गया के विष्णुपद मंदिर और बोधगया के महाबोधि मंदिर को काशी विश्वनाथ की तर्ज पर कॉरिडोर में विकसित किए जाने का ऐलान किया। इसके साथ ही राजगीर, नालंदा को वैश्विक पर्यटन के केंद्रबिंदु के तौर पर विकसित करने में सरकार विशेष ध्यान देगी। वित्त मंत्री ने ओडिशा में भी पर्यटन को बढ़ावा देने का भी ऐलान किया है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा,”पर्यटन हमेशा से हमारी सभ्यता का हिस्सा रहा है। भारत को वैश्विक गंतव्य के रूप में स्थापित करने के हमारे प्रयासों से रोजगार के अवसर पैदा होंगे और अन्य क्षेत्रों में भी अवसर खुलेंगे।” केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, “मैं प्रस्ताव करती हूँ कि बिहार में राजगीर और नालंदा के लिए एक व्यापक विकास पहल की जाएगी। हम ओडिशा में पर्यटन को बढ़ावा देंगे, जिसमें प्राकृतिक सुंदरता, मंदिर, शिल्पकला, प्राकृतिक परिदृश्य, वन्यजीव अभयारण्य और प्राचीन समुद्र तट हैं।”

वित्त मंत्री ने कहा, “हमारी सरकार भारत को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। बिहार के गया में स्थित विष्णुपाद मंदिर और बोधगया के महाबोधि मंदिर की एक अलग पहचान है। काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर की तर्ज पर विष्णुपाद कॉरिडोर और महाबोधि कॉरिडोर को विकसित किया जाएगा। यही नहीं राजगीर जोकि हिंदुओं, जैनियों और बुद्धों का प्रसिद्ध तीर्थ है। इसे भी विश्वस्तरीय डेस्टिनेशन की तर्ज पर तैयार करेंगे। इसमें 20वें तीर्थंकर मुनीश्वर जैन मंदिर, सप्तऋषियों से जुड़ी जगह और गर्म पानी के पवित्र कुंड के आसपास के इलाकों को भी शामिल कर विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही नालंदा को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। नालंदा विश्वविद्यालय को उसके गौरवशाली स्वरूप में पुनर्जीवित किया जाएगा।”

बता दें कि वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के विकास को मील का पत्थर माना जाता है। काशी विश्वनाथ के साथ ही उज्जैन में महाकाल कॉरिडोर, अयोध्या में राम मंदिर, उत्तर प्रदेश में ही विंध्यावासिनी कॉरिडोर का विकास किया गया है। इसके अलावा भी देश में अन्य जगहों पर धार्मिक पर्यटन को जोड़कर विकास कार्य किए गए हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। बिहार में गया और बोधगया के मंदिर कॉरिडोर राज्य को धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में विश्वस्तरीय पहचान दिलाएँगे।

₹3 लाख तक की आय पर 0% टैक्स, स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹50000 से ₹75000 हुआ: जानिए करदाताओं के लिए बजट 2024 में क्या-क्या, TDS भरने में देरी अपराध नहीं

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार (23 जुलाई, 2024) को संसद में बजट 2024 पेश किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आम लोगों के लिए टैक्स को सिंपल रखना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कैंसर के रोगियों को राहत देते हुए उनसे जुड़ी 3 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म किया जाएगा। मोबाइल फोन के उत्पादन में भारत में 3 गुना बढ़ोतरी हुई है, इस पर पहले से कम कर के 15% कस्टम ड्यूटी लगाई जाएगी।

साथ ही अंतरिक्ष और रक्षा और से जुड़े 25 मिनरल्स पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म की जाएगी। चमड़ा और टेक्सटाइल के एक्सपोर्ट पर भी बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) कम की जाएगी। उन्होंने कॉम्प्रिहेंसिव इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की समीक्षा का भी ऐलान किया। फाइनेंस बिल के तहत चैरिटी के लिए टैक्सेशन के रेट को कम किया जाएगा। TDS भरने में देरी पर अब आपराधिक मामला नहीं बनेगा। ई-कॉमर्स ऑपरेटरों को भी TDS में बड़ी छूट प्रदान की गई है। ये अब 1% से सीधा 0.1% हो जाएगा।

अब वेतन के TDS में ही TCS (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) को समायोजित किया जा सकेगा। स्टार्टअप निवेशकों को फायदा देते हुए एंजेल टैक्स को खत्म कर दिया गया है। ये गैर-सूचीबद्ध कंपनियों द्वारा शेयर जारी करने के माध्यम से जुटाई गई पूंजी पर लगाया जाता है। दो तिहाई करदाताओं ने ‘न्यू टैक्स रिजाइम’ के तहत विकल्प चुना है। स्टैण्डर्ड डिडक्शन को 50,000 रुपए से 75,000 रुपए तक बढ़ा दिया गया है। साथ ही नए टैक्स स्लैब की भी घोषणा की गई है।

3 लाख रुपए तक की आय पर 0%, 7 लाख तय की आय पर 5%, 10 लाख तक की आय पर 10%, 12 लाख तक की आय पर 15%, 15 लाख तक की आय पर 20% और इससे ऊपर की आय पर 30% टैक्स लगेगा। वहीं कुछ फाइनेंसियल असेट्स पर शॉर्ट टर्म गेन पर 20% टैक्स लगेगा। 1 साल से अधिक अधिक रखे गए फाइनेंसियल असेट्स को अब लॉन्ग टर्म माना जाएगा। सोना और चाँदी पर भी कस्टम ड्यूटी अब 6% कर दिया गया है।